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Pauri News: चार स्थानों पर मॉक ड्रिल कर आपदा की तैयारियां परखी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 17 Mar 2026 06:33 PM IST
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डीएम के निर्देश पर पूरा अभ्यास की मॉनिटरिंग कलेक्ट्रेट स्थित मुख्य कंट्रोल रूप से की गई
पौड़ी। जनपद में मंगलवार को चार अलग-अलग स्थानों पर आपदा मॉक ड्रिल आयोजित कर प्रशासन की तैयारियों को परखा गया। बस दुर्घटना, नदी का जलस्तर बढ़ने, जंगल में आग और भूस्खलन जैसी संभावित घटनाओं पर रेस्क्यू व राहत कार्यों का अभ्यास किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में यह पूरा अभ्यास कलेक्ट्रेट स्थित मुख्य कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया गया।
आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से सुबह 10:01 बजे कोटद्वार क्षेत्र में खोह नदी का जलस्तर बढ़ने से झूलाबस्ती में 48 लोगों के फंसने की सूचना मिली। एसडीआरएफ व अन्य टीमों ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित निकालते हुए राहत शिविर पहुंचाया। चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं 10:11 बजे थलीसैंण के कैन्यूर क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना पर राहत कार्य शुरू हुआ, जहां नौ लोग घायल पाए गए। इनमें तीन को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जबकि अन्य का स्थानीय स्तर पर उपचार किया गया।
इसके बाद 10:20 बजे धुमाकोट-नैनीडांडा मार्ग पर मिनी बस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए। तीन लापता लोगों को सर्च अभियान चलाकर सुरक्षित बरामद कर लिया गया। 10:21 बजे बुवाखाल क्षेत्र में जंगल में लगी आग पर भी संयुक्त टीमों ने समय रहते काबू पा लिया। प्रभारी अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने बताया कि सभी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।
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पौड़ी। जनपद में मंगलवार को चार अलग-अलग स्थानों पर आपदा मॉक ड्रिल आयोजित कर प्रशासन की तैयारियों को परखा गया। बस दुर्घटना, नदी का जलस्तर बढ़ने, जंगल में आग और भूस्खलन जैसी संभावित घटनाओं पर रेस्क्यू व राहत कार्यों का अभ्यास किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया के निर्देशन में यह पूरा अभ्यास कलेक्ट्रेट स्थित मुख्य कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया गया।
आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम से सुबह 10:01 बजे कोटद्वार क्षेत्र में खोह नदी का जलस्तर बढ़ने से झूलाबस्ती में 48 लोगों के फंसने की सूचना मिली। एसडीआरएफ व अन्य टीमों ने मौके पर पहुंचकर सभी को सुरक्षित निकालते हुए राहत शिविर पहुंचाया। चार घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं 10:11 बजे थलीसैंण के कैन्यूर क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना पर राहत कार्य शुरू हुआ, जहां नौ लोग घायल पाए गए। इनमें तीन को एयरलिफ्ट कर एम्स ऋषिकेश भेजा गया, जबकि अन्य का स्थानीय स्तर पर उपचार किया गया।
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इसके बाद 10:20 बजे धुमाकोट-नैनीडांडा मार्ग पर मिनी बस दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हुए। तीन लापता लोगों को सर्च अभियान चलाकर सुरक्षित बरामद कर लिया गया। 10:21 बजे बुवाखाल क्षेत्र में जंगल में लगी आग पर भी संयुक्त टीमों ने समय रहते काबू पा लिया। प्रभारी अपर जिलाधिकारी एवं संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने बताया कि सभी घटनाओं में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई।