{"_id":"69b959123f5144335a04ca70","slug":"garhwal-university-will-conduct-entrance-exam-for-admission-in-phd-shrinagar-news-c-53-1-sri1002-121124-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pauri News: पीएचडी में प्रवेश के लिए गढ़वाल विवि कराएगा प्रवेश परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pauri News: पीएचडी में प्रवेश के लिए गढ़वाल विवि कराएगा प्रवेश परीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Tue, 17 Mar 2026 07:07 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
छात्रों के आंदोलन के बाद बैकफुट पर आया विवि
मांगों के संबंध में छात्रों ने विवि के अधिकारियों के साथ खुद को कुलसचिव कार्यालय में कर लिया था बंद
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विवि पीएचडी में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय स्तर पर पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा। छात्रों के आंदोलन के बाद विवि बैकफुट पर आया और सोमवार को बैठक हुई।
पूर्व में विवि की ओर से यूजीसी रेगुलेशन का हवाला देते हुए नेट, जेआरएफ व अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के स्कोर व साक्षात्कार पर छात्रों को ही पीएचडी में प्रवेश दिए जाने का प्रावधान लागू किया गया था। इसके खिलाफ छात्रों ने सोमवार को प्रदर्शन कर धरना दिया था और विवि के अधिकारियों के साथ खुद को कुलसचिव कार्यालय में खुद काे बंद कर दिया था। इसके बाद रात साढ़े ग्यारह बजे कुलसचिव कार्यालय खोला गया।
सोमवार को विवि के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित विवि के अधिकारियों की बैठक में पीएचडी में प्रवेश के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। छात्रों की मांग व कई विषयों में न्यूनतम आवेदन प्राप्त होने पर विवि ने निर्णय लिया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2025-26 के लिए विवि की ओर से शोध प्रवेश परीक्षा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की जाएगी एवं पूर्व के आवेदन मान्य रहेंगे। 15 मार्च तक इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि रखी गई थी। इसका नोटिफिकेशन जारी होने से पूर्व विभिन्न छात्र संगठन पीएचडी में प्रवेश के लिए विवि की ओर से प्रवेश परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर सोमवार को एबीवीपी, जय हो, आइसा एवं अन्य छात्र संगठन से जुड़े छात्रों व छात्र संघ पदाधिकारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट के नेतृत्व में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया था।
-- -- -- -- -- -- -- -
आंदोलित छात्रों को सौंपा लिखित आश्वासन पत्र
श्रीनगर। मंगलवार को विवि के अधिकारियों की बैठक के बाद विवि के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसांई ने आंदोलित छात्रों को पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने को लेकर बनी सहमति पर लिखित आश्वासन का पत्र सौंपा। छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट, सचिव अनुरोध पुरोहित, उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल, कोषाध्यक्ष आयुष वेदवाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत सिंह राणा, सुधांशु थपलियाल, वीरेंद्र बिष्ट ने कहा कि विवि की ओर से उन्हें लिखित में पत्र दिया गया है। उन्होंने कहा कि विवि यदि जल्द ही आवेदन फार्म जारी नहीं करेगा तो उन्हें पुन: आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।
कुलपति के खिलाफ किया प्रदर्शन
श्रीनगर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की ओर से मंगलवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर गेट पर छात्रों ने कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि कुलपति अधिकतर समय दिल्ली रहते हैं जिस कारण वह विवि की समस्याओं को नहीं समझ पा रहे हैं। छात्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने विवि में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को पूर्व वर्षों की तरह पारदर्शी बनाने, प्रवेश में 50 प्रतिशत सीटें नेट के आधार पर और 50 प्रतिशत सीटें विवि की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से भरे जाने की मांग की। इसके अलावा टिहरी में प्रतियोगिता के लिए गए छात्र-छात्राओं के साथ हुई मारपीट की घटना का मुद्दा भी उठाया गया। छात्रों ने विवि में हो रही अन्य अनियमितताओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर भुवन, अखिल राणा, यशराज, पवन, प्रवीण रावत, साहिल, अभिषेक, ऋषभ और अमन पुंडीर आदि शामिल रहे। संवाद
Trending Videos
मांगों के संबंध में छात्रों ने विवि के अधिकारियों के साथ खुद को कुलसचिव कार्यालय में कर लिया था बंद
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विवि पीएचडी में प्रवेश के लिए अखिल भारतीय स्तर पर पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करेगा। छात्रों के आंदोलन के बाद विवि बैकफुट पर आया और सोमवार को बैठक हुई।
पूर्व में विवि की ओर से यूजीसी रेगुलेशन का हवाला देते हुए नेट, जेआरएफ व अन्य राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के स्कोर व साक्षात्कार पर छात्रों को ही पीएचडी में प्रवेश दिए जाने का प्रावधान लागू किया गया था। इसके खिलाफ छात्रों ने सोमवार को प्रदर्शन कर धरना दिया था और विवि के अधिकारियों के साथ खुद को कुलसचिव कार्यालय में खुद काे बंद कर दिया था। इसके बाद रात साढ़े ग्यारह बजे कुलसचिव कार्यालय खोला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को विवि के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश की अध्यक्षता में आयोजित विवि के अधिकारियों की बैठक में पीएचडी में प्रवेश के लिए प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की गई। छात्रों की मांग व कई विषयों में न्यूनतम आवेदन प्राप्त होने पर विवि ने निर्णय लिया कि पीएचडी प्रवेश परीक्षा 2025-26 के लिए विवि की ओर से शोध प्रवेश परीक्षा अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित की जाएगी एवं पूर्व के आवेदन मान्य रहेंगे। 15 मार्च तक इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि रखी गई थी। इसका नोटिफिकेशन जारी होने से पूर्व विभिन्न छात्र संगठन पीएचडी में प्रवेश के लिए विवि की ओर से प्रवेश परीक्षा कराने की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर सोमवार को एबीवीपी, जय हो, आइसा एवं अन्य छात्र संगठन से जुड़े छात्रों व छात्र संघ पदाधिकारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट के नेतृत्व में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आंदोलन किया था।
आंदोलित छात्रों को सौंपा लिखित आश्वासन पत्र
श्रीनगर। मंगलवार को विवि के अधिकारियों की बैठक के बाद विवि के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. ओपी गुसांई ने आंदोलित छात्रों को पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने को लेकर बनी सहमति पर लिखित आश्वासन का पत्र सौंपा। छात्र संघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट, सचिव अनुरोध पुरोहित, उपाध्यक्ष शिवांक नौटियाल, कोषाध्यक्ष आयुष वेदवाल, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष जसवंत सिंह राणा, सुधांशु थपलियाल, वीरेंद्र बिष्ट ने कहा कि विवि की ओर से उन्हें लिखित में पत्र दिया गया है। उन्होंने कहा कि विवि यदि जल्द ही आवेदन फार्म जारी नहीं करेगा तो उन्हें पुन: आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा।
कुलपति के खिलाफ किया प्रदर्शन
श्रीनगर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन की ओर से मंगलवार को गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिड़ला परिसर गेट पर छात्रों ने कुलपति के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कहा कि कुलपति अधिकतर समय दिल्ली रहते हैं जिस कारण वह विवि की समस्याओं को नहीं समझ पा रहे हैं। छात्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने विवि में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को पूर्व वर्षों की तरह पारदर्शी बनाने, प्रवेश में 50 प्रतिशत सीटें नेट के आधार पर और 50 प्रतिशत सीटें विवि की प्रवेश परीक्षा के माध्यम से भरे जाने की मांग की। इसके अलावा टिहरी में प्रतियोगिता के लिए गए छात्र-छात्राओं के साथ हुई मारपीट की घटना का मुद्दा भी उठाया गया। छात्रों ने विवि में हो रही अन्य अनियमितताओं पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने चेतावनी दी यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर भुवन, अखिल राणा, यशराज, पवन, प्रवीण रावत, साहिल, अभिषेक, ऋषभ और अमन पुंडीर आदि शामिल रहे। संवाद