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Pauri News: पौड़ी के बामठी गांव में गुलदार पिंजरे में कैद
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 04 May 2026 06:00 PM IST
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पिंजरे में कैद गुलदार।- वन विभाग।
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- बीती 23 अप्रैल को इसी गुलदार ने गांव की एक महिला को अपना निवाला बनाया था
- मादा गुलदार की उम्र 1.5 से दो वर्ष के बीच आंकी गई
पौड़ी। उत्तराखंड के बामठी गांव में पिछले कई दिनों से आतंक का कारण बनी मादा गुलदार आखिरकार वन विभाग के लगाए गए पिंजरे में कैद हो गई है। बीती 23 अप्रैल को इसी गुलदार ने गांव की एक महिला को अपना निवाला बनाया था जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत बनी हुई थी। ग्रामीण लगातार गुलदार को पकड़ने व मारने की मांग कर रहे थे। वहीं, सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र के 12 स्कूलों को भी बंद करना पड़ा और लोगों का घरों से निकलना दूभर हो गया। गुलदार को पकड़ने और ट्रैंक्युलाइज करने के लिए वन विभाग ने अभियान चलाया था। गढ़वाल वन प्रभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट ने बताया कि विभाग ने गुलदार की निगरानी के लिए 20 कैमरा ट्रैप, चार सोलर सीसीटीवी और इम्प्रेशन पैड का उपयोग किया। साथ ही, क्षेत्र में पांच पिंजरे लगाए गए और शिकारी दल को मचान बनाकर तैनात किया गया था। सघन प्रयासों के बाद, बीती देर रात गुलदार घटना स्थल से महज 300 मीटर की दूरी पर लगाए गए पिंजरे में फंस गया। एसडीओ आयशा बिष्ट के अनुसार, गुलदार मादा है और उसकी उम्र लगभग 1.5 से दो वर्ष के बीच आंकी गई है। पकड़े जाने के बाद गुलदार को सुरक्षित रूप से नागदेव स्थित रेंज परिसर ले जाया गया है। वर्तमान में वहां पशु चिकित्साधिकारियों की ओर से गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। गुलदार के पकड़े जाने की खबर से बामठी गांव और आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है हालांकि वन विभाग अभी भी क्षेत्र में सतर्कता बनाए हुए है।
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- मादा गुलदार की उम्र 1.5 से दो वर्ष के बीच आंकी गई
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