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Pauri News: कई निजी स्कूलों में ली जा रही अनावश्यक धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sun, 15 Mar 2026 04:40 PM IST
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श्रीनगर। नगर क्षेत्र के निजी स्कूलों में विभिन्न मदों के नाम पर ली जा रही फीस को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल पानी, बिजली, बिल्डिंग मेंटेनेंस, कंप्यूटर सहित अन्य खर्चों के नाम पर अतिरिक्त शुल्क जोड़कर मोटी रकम वसूल रहे हैं।
आरटीआई कार्यकर्ता कुशलानाथ ने आरोपी लगाया कि कई निजी स्कूलों में रीएडमिशन फीस सीधे तौर पर न लेकर दूसरे नामों से वसूली जा रही है। कई स्कूलों के अपने निजी भवन होने के बावजूद मेंटेनेंस शुल्क के नाम पर धनराशि लेना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास शुल्क के नाम पर भी अभिभावकों से रकम ली जा रही है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए अधिकांश अभिभावक खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कुशलानाथ ने कहा कि इस मामले को लेकर जल्द ही शिक्षा विभाग से बातचीत की जाएगी और यदि समाधान नहीं निकला तो धरना भी दिया जाएगा। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी अश्विनी रावत ने कहा कि यदि कोई स्कूल छात्रों से किसी भी प्रकार का शुल्क लेता है तो उसे स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वह किस मद में लिया जा रहा है। स्कूलों की ओर से ली जाने वाली राशि का पूरा विवरण देना अनिवार्य है ताकि अभिभावकों को पारदर्शिता के साथ जानकारी मिल सके। संवाद
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आरटीआई कार्यकर्ता कुशलानाथ ने आरोपी लगाया कि कई निजी स्कूलों में रीएडमिशन फीस सीधे तौर पर न लेकर दूसरे नामों से वसूली जा रही है। कई स्कूलों के अपने निजी भवन होने के बावजूद मेंटेनेंस शुल्क के नाम पर धनराशि लेना समझ से परे है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास शुल्क के नाम पर भी अभिभावकों से रकम ली जा रही है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए अधिकांश अभिभावक खुलकर विरोध नहीं कर पा रहे हैं। कुशलानाथ ने कहा कि इस मामले को लेकर जल्द ही शिक्षा विभाग से बातचीत की जाएगी और यदि समाधान नहीं निकला तो धरना भी दिया जाएगा। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी अश्विनी रावत ने कहा कि यदि कोई स्कूल छात्रों से किसी भी प्रकार का शुल्क लेता है तो उसे स्पष्ट रूप से बताना होगा कि वह किस मद में लिया जा रहा है। स्कूलों की ओर से ली जाने वाली राशि का पूरा विवरण देना अनिवार्य है ताकि अभिभावकों को पारदर्शिता के साथ जानकारी मिल सके। संवाद
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