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Pauri News: पीएचडी प्रवेश परीक्षा को लेकर छात्र नेताओं का हंगामा
Sun, 12 Jul 2026 06:52 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sun, 12 Jul 2026 06:52 PM IST
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परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर उठाए सवाल, उच्च स्तरीय जांच की मांग
कहा- परीक्षा के दौरान शिक्षक फोन का करते दिखे प्रयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के चौरास परिसर में रविवार को आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर छात्र नेताओं ने सवाल उठाया और हंगामा किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान शिक्षक मोबाइल का प्रयोग करते दिखे। बिजली भी गुल हुई जिससे जैमर ने काम करना बंद कर दिया। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए परीक्षा को नियमों के अनुरूप संपन्न होना बताया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों और जैमर की व्यवस्था की गई थी। छात्र नेताओं का आरोप था कि परीक्षा के दौरान लगभग आधे घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहने से अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने के दौरान जैमर भी निष्क्रिय हो गया होगा जिससे परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र नेताओं और शिक्षकों के बीच तीखी बहस भी हुई जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कीर्तिनगर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र में कुछ शिक्षकों की ओर से मोबाइल का उपयोग किया गया। शिकायत में परीक्षा ड्यूटी में तैनात शिक्षकों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। पीएचडी प्रवेश परीक्षा समन्वयक डॉ. प्रीतम नेगी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूर्वाह्न 11 से 1 बजे तक पीएचडी प्रवेश परीक्षा हुई थी। करीब साढ़े बारह बजे स्वास्थ्य कारणों से एक अभ्यर्थी को मानवीय आधार पर परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति दी गई थी। बाद में उसके दोबारा परीक्षा देने के अनुरोध को नियमों के तहत अस्वीकार किया गया जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी की वीडियो रिकॉर्डिंग केवल आधिकारिक अभिलेख और रिपोर्टिंग के उद्देश्य से की गई थी। यदि किसी भी पक्ष से लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो विश्वविद्यालय नियमानुसार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा।
फोटो लेने और वीडियो बनाने की शिकायत
छात्रसंघ महासचिव अनुरोध पुरोहित ने परीक्षा समन्वयक और टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत भी भेजी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य खराब होने पर निरीक्षक की अनुमति से परीक्षा कक्ष से बाहर आने के दौरान उन्होंने एक अधिकारी को मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते देखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के परिजन भी परीक्षा में शामिल थे।
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1033 अभ्यार्थियों में से 770 ने दी पीएचडी प्रवेश परीक्षा
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की रविवार को हुई पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 770 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। गढ़वाल विवि के पीएचडी प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डाॅ. प्रीतम सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए चार केंद्र बनाए गए थे। श्रीनगर, देहरादून, टिहरी और दिल्ली। इन चार परीक्षा केंद्रों में पंजीकृत 1033 अभ्यार्थियों में से 770 छात्रों ने परीक्षा दी है। पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 263 अनुपस्थित रहे। परीक्षा पूर्वाह्न 11 बजे से 1 बजे तक हुई।
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कहा- परीक्षा के दौरान शिक्षक फोन का करते दिखे प्रयोग
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के चौरास परिसर में रविवार को आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर छात्र नेताओं ने सवाल उठाया और हंगामा किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान शिक्षक मोबाइल का प्रयोग करते दिखे। बिजली भी गुल हुई जिससे जैमर ने काम करना बंद कर दिया। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए परीक्षा को नियमों के अनुरूप संपन्न होना बताया।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षा के दौरान सीसीटीवी कैमरों और जैमर की व्यवस्था की गई थी। छात्र नेताओं का आरोप था कि परीक्षा के दौरान लगभग आधे घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहने से अभ्यर्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बिजली गुल होने के दौरान जैमर भी निष्क्रिय हो गया होगा जिससे परीक्षा की गोपनीयता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। परीक्षा समाप्त होने के बाद छात्र नेताओं और शिक्षकों के बीच तीखी बहस भी हुई जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कीर्तिनगर पुलिस को मौके पर बुलाया गया। छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट ने आरोप लगाया कि परीक्षा केंद्र में कुछ शिक्षकों की ओर से मोबाइल का उपयोग किया गया। शिकायत में परीक्षा ड्यूटी में तैनात शिक्षकों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। पीएचडी प्रवेश परीक्षा समन्वयक डॉ. प्रीतम नेगी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पूर्वाह्न 11 से 1 बजे तक पीएचडी प्रवेश परीक्षा हुई थी। करीब साढ़े बारह बजे स्वास्थ्य कारणों से एक अभ्यर्थी को मानवीय आधार पर परीक्षा कक्ष से बाहर जाने की अनुमति दी गई थी। बाद में उसके दोबारा परीक्षा देने के अनुरोध को नियमों के तहत अस्वीकार किया गया जिसके बाद विवाद की स्थिति बनी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभ्यर्थी की वीडियो रिकॉर्डिंग केवल आधिकारिक अभिलेख और रिपोर्टिंग के उद्देश्य से की गई थी। यदि किसी भी पक्ष से लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो विश्वविद्यालय नियमानुसार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा।
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फोटो लेने और वीडियो बनाने की शिकायत
छात्रसंघ महासचिव अनुरोध पुरोहित ने परीक्षा समन्वयक और टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत भी भेजी। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य खराब होने पर निरीक्षक की अनुमति से परीक्षा कक्ष से बाहर आने के दौरान उन्होंने एक अधिकारी को मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते देखा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी के परिजन भी परीक्षा में शामिल थे।
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1033 अभ्यार्थियों में से 770 ने दी पीएचडी प्रवेश परीक्षा
श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की रविवार को हुई पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 770 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। गढ़वाल विवि के पीएचडी प्रवेश परीक्षा के समन्वयक डाॅ. प्रीतम सिंह ने बताया कि परीक्षा के लिए चार केंद्र बनाए गए थे। श्रीनगर, देहरादून, टिहरी और दिल्ली। इन चार परीक्षा केंद्रों में पंजीकृत 1033 अभ्यार्थियों में से 770 छात्रों ने परीक्षा दी है। पीएचडी प्रवेश परीक्षा में 263 अनुपस्थित रहे। परीक्षा पूर्वाह्न 11 बजे से 1 बजे तक हुई।