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नयार नदी पुनर्जीवन की डीपीआर एक सप्ताह में भेजें : जावलकर
Mon, 29 Jun 2026 06:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Mon, 29 Jun 2026 06:28 PM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण की बैठक हुई
पौड़ी। प्रमुख सचिव एवं जनपद के प्रभारी सचिव दिलीप जावलकर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (सारा) की बैठक में नयार नदी पुनर्जीवन परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर डीपीआर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में जलागम विभाग ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना का विस्तृत ब्यौरा रखा। प्रभारी सचिव ने कहा कि नयार घाटी पेयजल, सिंचाई और ग्रामीण आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में नदी और जल स्रोतों का संरक्षण पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जलागम आधारित उपचार, कंटूर ट्रेंच, तालाब, चेकडैम निर्माण, माइक्रोप्लानिंग, जियोटैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे वैज्ञानिक उपाय अपनाए जाएंगे। सीडीओ अशोक जोशी को पूर्वी और पश्चिमी नयार क्षेत्र से संबंधित समेकित एवं अद्यतन डाटा तैयार कराने के निर्देश दिए गए।
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बैठक के बाद प्रभारी सचिव ने पुराने कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज भवन के रूप में विकसित किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने व भवन की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, सिविल एवं सोयम पवन सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उप निदेशक जलागम अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी आदि मौजूद रहे।
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पौड़ी। प्रमुख सचिव एवं जनपद के प्रभारी सचिव दिलीप जावलकर ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण (सारा) की बैठक में नयार नदी पुनर्जीवन परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर डीपीआर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में जलागम विभाग ने पावर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना का विस्तृत ब्यौरा रखा। प्रभारी सचिव ने कहा कि नयार घाटी पेयजल, सिंचाई और ग्रामीण आजीविका का प्रमुख आधार है। ऐसे में नदी और जल स्रोतों का संरक्षण पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत जलागम आधारित उपचार, कंटूर ट्रेंच, तालाब, चेकडैम निर्माण, माइक्रोप्लानिंग, जियोटैगिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे वैज्ञानिक उपाय अपनाए जाएंगे। सीडीओ अशोक जोशी को पूर्वी और पश्चिमी नयार क्षेत्र से संबंधित समेकित एवं अद्यतन डाटा तैयार कराने के निर्देश दिए गए।
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बैठक के बाद प्रभारी सचिव ने पुराने कलेक्ट्रेट भवन को हेरिटेज भवन के रूप में विकसित किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने व भवन की ऐतिहासिक पहचान बनाए रखने के निर्देश दिए।
बैठक में डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, सिविल एवं सोयम पवन सिंह नेगी, अपर जिलाधिकारी एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, उप निदेशक जलागम अजय कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी आदि मौजूद रहे।