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Pauri News: 16 लाख के चेक बाउंस का आरोपी अदालत में दोषमुक्त साबित हुआ
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16 लाख के चेक बाउंस का आरोपी अदालत में दोषमुक्त साबित हुआ
पौड़ी। चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पौड़ी प्रतीक मथेला की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
मामले के अनुसार नरेंद्र सिंह रावत निवासी पाबौ ने नितिन कुमार चौधरी निवासी देहरादून के खिलाफ चेक बाउंस के तहत वाद दायर किया था। आरोप था कि नितिन कुमार ने अपने भाई के इलाज का हवाला देकर 16 लाख रुपये उधार लिए और तय समय पर राशि लौटाने का आश्वासन दिया। काफी समय बीत जाने पर जब उन्होंने धनराशि लौटाने की मांग की तो आरोपी ने 16 अगस्त 2024 को 4 लाख और 10 सितंबर को 12 लाख का चेक दिया। चेक बैंक में जमा करने पर दोनों बाउंस हो गए। इस पर उन्होंने 4 अक्तूबर 2024 को नोटिस भेजा, लेकिन नोटिसों को कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर नरेंद्र सिंह ने 20 नवंबर 2024 को अदालत में वाद दाखिल किया। अदालत में आरोपी को 15 जुलाई 2025 को तलब किया गया।
आरोपी ने अपने बचाव में कहा कि उसने पूरी धनराशि चुका दी है और उसे झूठा फंसाया गया है। प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पाया कि वादी नरेंद्र सिंह ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर स्वीकार किया कि उन्हें चेक की पूरी धनराशि प्राप्त हो चुकी है। कोर्ट ने इसे निर्णायक मानते हुए नितिन कुमार को आरोपों से दोषमुक्त करार दिया।
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पौड़ी। चेक बाउंस के एक मामले में अदालत ने आरोपी को दोषमुक्त कर दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पौड़ी प्रतीक मथेला की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
मामले के अनुसार नरेंद्र सिंह रावत निवासी पाबौ ने नितिन कुमार चौधरी निवासी देहरादून के खिलाफ चेक बाउंस के तहत वाद दायर किया था। आरोप था कि नितिन कुमार ने अपने भाई के इलाज का हवाला देकर 16 लाख रुपये उधार लिए और तय समय पर राशि लौटाने का आश्वासन दिया। काफी समय बीत जाने पर जब उन्होंने धनराशि लौटाने की मांग की तो आरोपी ने 16 अगस्त 2024 को 4 लाख और 10 सितंबर को 12 लाख का चेक दिया। चेक बैंक में जमा करने पर दोनों बाउंस हो गए। इस पर उन्होंने 4 अक्तूबर 2024 को नोटिस भेजा, लेकिन नोटिसों को कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर नरेंद्र सिंह ने 20 नवंबर 2024 को अदालत में वाद दाखिल किया। अदालत में आरोपी को 15 जुलाई 2025 को तलब किया गया।
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आरोपी ने अपने बचाव में कहा कि उसने पूरी धनराशि चुका दी है और उसे झूठा फंसाया गया है। प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने पाया कि वादी नरेंद्र सिंह ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर स्वीकार किया कि उन्हें चेक की पूरी धनराशि प्राप्त हो चुकी है। कोर्ट ने इसे निर्णायक मानते हुए नितिन कुमार को आरोपों से दोषमुक्त करार दिया।