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Pauri News: केंद्र ने पौड़ी जिले के 865 गांवों को हाईरिस्क टीबी सूची में शामिल किया

संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी Updated Fri, 10 Apr 2026 11:33 PM IST
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The Center has included 865 villages in Pauri district in the high-risk TB list
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- हाई रिस्क टीबी में पौड़ी के सर्वाधिक 198 व श्रीनगर के 140 गांव शामिल





मुकेश चंद्र आर्य



पौड़ी। प्रदेश के सबसे अधिक 15 विकासखंडों की छह लाख से अधिक की आबादी वाले पौड़ी जिले में करीब 22.30 फीसदी आबादी हाईरिस्क टीबी सूची में शामिल किया है। भारत सरकार की ओर से जनपद में हाई रिस्क टीबी के 865 गांवों को चिह्नित किया गया है। जिसमें सर्वाधिक 198 पौड़ी व 140 श्रीनगर तहसील में शामिल हैं।



इस साल स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त भारत सरकार के डाटा के मुताबिक पौड़ी जिले की नौ तहसीलों के अंतर्गत 865 गांवों को हाईरिस्क टीबी गांवों की सूची में शामिल किया गया है। जिसमें 1,35,470 लोगों को हाई रिस्क टीबी की श्रेणी में रखा गया है। सूची में चार तहसीलों के सौ से अधिक गांव शामिल हैं। जबकि पौड़ी में सर्वाधिक 198 गांवों में हाई रिस्क टीबी चिह्नित हुई है।
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केंद्र से सूची प्राप्त होने के बाद विभाग ने चिह्नित क्षेत्रों में अभियान चलाकर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। विभाग का दावा है कि अभी तक 22 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। जिनमें 60 व इससे अधिक आयुवर्ग के धूम्रपान व शराब का सेवन करने वाले व्यक्ति अधिक हैं। विशेषज्ञाें ने बीमारी से बचने के लिए सुबह अनिवार्य रूप से पोषाहार युक्त नाश्ता करने की सलाह दी है।



- क्या है हाई रिस्क टीबी



विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ मरीज ऐसे होते हैं जो कि एक ही कमरे में दो से अधिक लोग रहते हैं तो उन्हें हाईरिस्क टीबी की श्रेणी में रखा जाता है। हाई रिस्क टीबी मरीजों में बीमारी तेजी से फैल सकती है और फेफड़ों के साथ शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर सकती है। हाई रिस्क मरीजों की नियमित जांच और निगरानी बेहद जरूरी है, जिससे बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सके।

- किस व्यक्ति में हाई रिस्क टीबी हो सकती है

एचआईवी/एड्स से पीड़ित व्यक्ति, मधुमेह, कुपोषित या कमजोर शरीर वाले, धूम्रपान व शराब का अधिक सेवन करने वाले, बुजुर्ग व छोटे बच्चे, पहले टीबी हो चुकी हो या इलाज अधूरा छोड़ दिया हो, इनमें टीबी संक्रमण की अधिक संभावना होती है।



- ये हैं टीबी के लक्षण



विशेषज्ञों के अनुसार लगातार दो हफ्ते से ज्यादा खांसी, खांसी में खून आना, वजन घटना और कमजोरी, बुखार और रात में पसीना आदि शामिल हैं। टीबी पूरी तरह से ठीक होने वाली बीमारी है, लेकिन इसके लिए समय पर जांच और पूरा इलाज जरूरी है। विभाग की ओर से मुफ्त जांच और दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

किस तहसील में कितने हाईरिस्क टीबी गांव

तहसील गांवों की संख्या



पौड़ी 198

श्रीनगर 140



चौबट्टाखाल 119

कोटद्वार/दुगड्डा 104



यमकेश्वर 85

लैंसडोन 66



थलीसैंण 63

सतपुली 53



धूमाकोट 37

क्या कहते हैं अधिकारी

केंद्र की ओर से जिले में 865 गांवों के 1,34,470 लोगों को हाईरिस्क टीबी सूची में शामिल किया गया है। चिह्नित गांवों में 95 तो गैर आबाद गांव भी हैं। विभाग को सितंबर तक 70 हजार लोगों के एक्सरे का लक्ष्य दिया गया है। जिसमें से अभी तक करीब 22 हजार लोगों के एक्सरे किए जा चुके हैं। - डॉ. विनय त्यागी, एसीएमओ/ जिला क्षय रोग अधिकारी, पौड़ी।




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