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Pauri News: आबादी के नजदीक डंपिंग जोन बनाने पर भड़के ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 22 Jan 2026 05:46 PM IST
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ग्रामीणों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ डीएम को भेजा ज्ञापन
कार्रवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
कोटद्वार। पौड़ी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण से निकले मलबे का डंपिंग जोन एनएच से सटे रिहायशी इलाकों के नजदीक बनाने पर ग्रामीण भड़क गए हैं। उन्होंने गांवों में खतरे को देखते हुए डंपिंग जोन रिहायशी इलाकों के करीब नहीं बनाने की मांग की है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार तहसील पहुंचकर इस संबंध में तहसील प्रशासन के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि सतपुली और गुमखाल के बीच वर्तमान में चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। पहाड़ कटान के दौरान निकले मलबे का डंपिंग जोन अधिकांशत: रिहायशी इलाके से दूर बनाए गए हैं लेकिन अब आबादी से सटे इलाके में भी डंपिंग जोन बनाए जा रहे हैं। एनएच के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि कोटद्वार-गुमखाल रोड पर पीजी कॉलेज जयहरीखाल के आगे के गांवों रामागांव, धरगांव, हटनिया (पाली), बैरगांव आदि गांवों में राजस्व व नापखेत भूमि में पहाड़ कटिंग के मलबे के डंपिंग जोन बनाए जाएंगे।
ये स्थान रिहायशी इलाके के नजदीक हैं। डंपिंग जोन बनने से जहां धूल के गुबार उठने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रति प्रभाव पड़ेगा। वहीं, बरसात में मलबा बहकर इन गांवों में आवासीय भवनों के लिए खतरा बनेगा। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में ग्रामसभा रामागांव के प्रधान वारिश अहमद, बलवीर सिंह रावत, महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, दिलीप सिंह रावत, मदन सिंह नेगी, परमानंद, चंद्रमोहन सिंह, नरेंद्र, रमेशचंद्र खंतवाल, शीला भारती, प्रदीप नेगी आदि शामिल रहे।
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कार्रवाई नहीं होने पर दी आंदोलन की चेतावनी
कोटद्वार। पौड़ी नेशनल हाईवे के चौड़ीकरण से निकले मलबे का डंपिंग जोन एनएच से सटे रिहायशी इलाकों के नजदीक बनाने पर ग्रामीण भड़क गए हैं। उन्होंने गांवों में खतरे को देखते हुए डंपिंग जोन रिहायशी इलाकों के करीब नहीं बनाने की मांग की है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोटद्वार तहसील पहुंचकर इस संबंध में तहसील प्रशासन के माध्यम से डीएम को ज्ञापन भेजा।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा कि सतपुली और गुमखाल के बीच वर्तमान में चौड़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। पहाड़ कटान के दौरान निकले मलबे का डंपिंग जोन अधिकांशत: रिहायशी इलाके से दूर बनाए गए हैं लेकिन अब आबादी से सटे इलाके में भी डंपिंग जोन बनाए जा रहे हैं। एनएच के अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि कोटद्वार-गुमखाल रोड पर पीजी कॉलेज जयहरीखाल के आगे के गांवों रामागांव, धरगांव, हटनिया (पाली), बैरगांव आदि गांवों में राजस्व व नापखेत भूमि में पहाड़ कटिंग के मलबे के डंपिंग जोन बनाए जाएंगे।
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ये स्थान रिहायशी इलाके के नजदीक हैं। डंपिंग जोन बनने से जहां धूल के गुबार उठने से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रति प्रभाव पड़ेगा। वहीं, बरसात में मलबा बहकर इन गांवों में आवासीय भवनों के लिए खतरा बनेगा। ज्ञापन प्रेषित करने वालों में ग्रामसभा रामागांव के प्रधान वारिश अहमद, बलवीर सिंह रावत, महिला कांग्रेस की पूर्व प्रदेश महामंत्री रंजना रावत, दिलीप सिंह रावत, मदन सिंह नेगी, परमानंद, चंद्रमोहन सिंह, नरेंद्र, रमेशचंद्र खंतवाल, शीला भारती, प्रदीप नेगी आदि शामिल रहे।

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