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Pauri News: पानी के लिए ढोल नगाड़ों के साथ घेरी तहसील
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Thu, 22 Jan 2026 05:07 PM IST
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लक्षमोली-हडिमधार पेयजल पुनर्गठन योजना के काम में देरी करने का लगाया आरोप
कहा-योजना में देरी से सर्दियों में भी पेयजल किल्लत झेल रहे हैं ग्रामीण
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कीर्तिनगर विकासखंड के हिसरियाखाल, पाटाखाल व अकरी पट्टी के करीब 80 से अधिक गांवों के लिए बन रही लक्षमोली-हडिमधार पेयजल पुनर्गठन योजना का काम पूरा न होने पर लोगों ने आक्रोश जताया। बृहस्पतिवार को लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ तहसील का घेराव किया और सरकार व विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद वह तीन घंटे तक धरने पर बैठे रहे। ग्रामीणों ने कहा कि सर्दियों में भी पेयजल संकट झेल रहे हैं। विभाग योजना के निर्माण में देरी कर रहा है। उन्होंने एक माह में समस्या का समाधान न करने पर जगदेश्वर महादेव मंदिर में अनशन की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को पेयजल संघर्ष समिति हिसरियाखाल के बैनर तले क्षेत्र के ग्रामीण ढोल दमाऊं के साथ नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय कीर्तिनगर पहुंचे और घेराव किया। इसके बाद लोग धरने पर बैठ गए। यहां हुई सभा में समिति के अध्यक्ष पितांबर दत्त बलूनी ने कहा कि आज भी क्षेत्र के लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। योजना से तीन दिन में एक दिन आंशिक रूप से पानी मिल रहा है। कहा कि जल निगम व जल संस्थान बरसात में नदी में गाद आने, गर्मियों में मोटर फुंकने और सर्दियों में नदी में पानी की मात्रा कम होने का हवाला देकर क्षेत्र के लोगों को गुमराह करता आ रहा है। जब से योजना बनी तब से लेकर आज तक कभी भी लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया है। टैंकों में भी गंदगी जमा है। प्रधान कुलदीप रावत ने कहा कि जब भी ग्रामीण आवाज उठाते हैं विभाग आश्वासन देता है लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला ने कहा कि पुरानी लक्षमोली-हडिमधार पेयजल योजना से क्षेत्र में पेयजल की सुचारु आपूर्ति नहीं हो रही है जिससे लोग पानी के लिए ठंड के मौसम में भी भटक रहे हैं। विभाग त्यूणा योजना को भी पुनर्जीवित नहीं कर रहा है। जिला पंचायत सदस्य अंजलि देवी, मधुसूदन बंगवाल, रामदयाल, अचल नेगी, गौरव राणा, रामप्रकाश, पूर्व प्रधान विरेंद्र बंगवाल, आरती उमरियाल, राजेंद्र राणा, संजना, आरती देवी, अर्जुन लाल, रामस्वरूप उनियाल व पदम सिंह रावत आदि ने विचार रखे। करीब तीन घंटे के सांकेतिक धरने के बाद ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
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कहा-योजना में देरी से सर्दियों में भी पेयजल किल्लत झेल रहे हैं ग्रामीण
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संवाद न्यूज एजेंसी
श्रीनगर। कीर्तिनगर विकासखंड के हिसरियाखाल, पाटाखाल व अकरी पट्टी के करीब 80 से अधिक गांवों के लिए बन रही लक्षमोली-हडिमधार पेयजल पुनर्गठन योजना का काम पूरा न होने पर लोगों ने आक्रोश जताया। बृहस्पतिवार को लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ तहसील का घेराव किया और सरकार व विधायक के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद वह तीन घंटे तक धरने पर बैठे रहे। ग्रामीणों ने कहा कि सर्दियों में भी पेयजल संकट झेल रहे हैं। विभाग योजना के निर्माण में देरी कर रहा है। उन्होंने एक माह में समस्या का समाधान न करने पर जगदेश्वर महादेव मंदिर में अनशन की चेतावनी दी।
बृहस्पतिवार को पेयजल संघर्ष समिति हिसरियाखाल के बैनर तले क्षेत्र के ग्रामीण ढोल दमाऊं के साथ नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय कीर्तिनगर पहुंचे और घेराव किया। इसके बाद लोग धरने पर बैठ गए। यहां हुई सभा में समिति के अध्यक्ष पितांबर दत्त बलूनी ने कहा कि आज भी क्षेत्र के लोग पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। योजना से तीन दिन में एक दिन आंशिक रूप से पानी मिल रहा है। कहा कि जल निगम व जल संस्थान बरसात में नदी में गाद आने, गर्मियों में मोटर फुंकने और सर्दियों में नदी में पानी की मात्रा कम होने का हवाला देकर क्षेत्र के लोगों को गुमराह करता आ रहा है। जब से योजना बनी तब से लेकर आज तक कभी भी लोगों को पीने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाया है। टैंकों में भी गंदगी जमा है। प्रधान कुलदीप रावत ने कहा कि जब भी ग्रामीण आवाज उठाते हैं विभाग आश्वासन देता है लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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पूर्व जिला पंचायत सदस्य महिपाल बुटोला ने कहा कि पुरानी लक्षमोली-हडिमधार पेयजल योजना से क्षेत्र में पेयजल की सुचारु आपूर्ति नहीं हो रही है जिससे लोग पानी के लिए ठंड के मौसम में भी भटक रहे हैं। विभाग त्यूणा योजना को भी पुनर्जीवित नहीं कर रहा है। जिला पंचायत सदस्य अंजलि देवी, मधुसूदन बंगवाल, रामदयाल, अचल नेगी, गौरव राणा, रामप्रकाश, पूर्व प्रधान विरेंद्र बंगवाल, आरती उमरियाल, राजेंद्र राणा, संजना, आरती देवी, अर्जुन लाल, रामस्वरूप उनियाल व पदम सिंह रावत आदि ने विचार रखे। करीब तीन घंटे के सांकेतिक धरने के बाद ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

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