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Pauri News: ढाई किमी सड़क थी आस, 150 मीटर कटिंग पर भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Sun, 29 Mar 2026 07:19 PM IST
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-विकासखंड पाबौ के कलगड़ी मल्ली से तिमलेख गांव तक है प्रस्तावित पैदल मार्ग
ढाई किमी सड़क थी आस, 150 मीटर कटिंग पर भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन जारी
मुकेश बछेती
पाबौ। विकासखंड के कलगड़ी मल्ली से तिमलेख गांव को जोड़ने वाले मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया है। 25 वर्षों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों को जब सड़क की जगह मात्र 150 मीटर का पैदल मार्ग बनता दिखा तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। जिला योजना के तहत 12 लाख रुपये स्वीकृत इस परियोजना पर ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए यहां की 30 से 35 महिलाओं ने बीते बृहस्पतिवार को काम रुकवा दिया। तब से निर्माण पूरी तरह ठप है और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण शुरू होने पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क बनने की जानकारी दी गई थी लेकिन मौके पर जेसीबी से केवल 150 मीटर कटिंग कर पैदल मार्ग और रेलिंग बनाने का काम शुरू कर दिया गया। इसे वे अपनी उम्मीदों के साथ धोखा और सरकारी धन का दुरुपयोग मान रहे हैं। स्थानीय निवासी गुड्डी देवी ने बताया कि तिमलेख वर्षों से सड़क सुविधा से वंचित है। हाल ही में चिपलघाट में आयोजित जन-जन की सरकार कार्यक्रम में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था लेकिन इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही निकली।वहीं सुनीता देवी ने कहा कि शुरुआती कटिंग तक ग्रामीणों को यही लगा कि सड़क निर्माण हो रहा है लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह केवल पैदल मार्ग और रेलिंग का काम है। ऐसे में ग्रामीणों ने न केवल निर्माण कार्य रुकवाया, बल्कि खड़ंजा और रेलिंग निर्माण पर भी रोक लगा दी है। उनका कहना है कि गांव से मुख्य मार्ग की दूरी करीब ढाई किलोमीटर है जिससे बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती को अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। रात के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जबकि रोजमर्रा का सामान ढोना भी महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
वहीं इस पूरे मामले पर अधिशासी अभियंता, लोनिवि पाबौ, सुमित मित्तल का कहना है कि जिला योजना के तहत पैदल मार्ग, खड़ंजा और रेलिंग निर्माण की ही स्वीकृति मिली थी और उसी के अनुरूप कार्य किया जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि तिमलेख गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।
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ढाई किमी सड़क थी आस, 150 मीटर कटिंग पर भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन जारी
मुकेश बछेती
पाबौ। विकासखंड के कलगड़ी मल्ली से तिमलेख गांव को जोड़ने वाले मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्य पर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया है। 25 वर्षों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों को जब सड़क की जगह मात्र 150 मीटर का पैदल मार्ग बनता दिखा तो उनका आक्रोश फूट पड़ा। जिला योजना के तहत 12 लाख रुपये स्वीकृत इस परियोजना पर ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए यहां की 30 से 35 महिलाओं ने बीते बृहस्पतिवार को काम रुकवा दिया। तब से निर्माण पूरी तरह ठप है और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।
ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण शुरू होने पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क बनने की जानकारी दी गई थी लेकिन मौके पर जेसीबी से केवल 150 मीटर कटिंग कर पैदल मार्ग और रेलिंग बनाने का काम शुरू कर दिया गया। इसे वे अपनी उम्मीदों के साथ धोखा और सरकारी धन का दुरुपयोग मान रहे हैं। स्थानीय निवासी गुड्डी देवी ने बताया कि तिमलेख वर्षों से सड़क सुविधा से वंचित है। हाल ही में चिपलघाट में आयोजित जन-जन की सरकार कार्यक्रम में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था लेकिन इसके बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही निकली।वहीं सुनीता देवी ने कहा कि शुरुआती कटिंग तक ग्रामीणों को यही लगा कि सड़क निर्माण हो रहा है लेकिन बाद में स्पष्ट हुआ कि यह केवल पैदल मार्ग और रेलिंग का काम है। ऐसे में ग्रामीणों ने न केवल निर्माण कार्य रुकवाया, बल्कि खड़ंजा और रेलिंग निर्माण पर भी रोक लगा दी है। उनका कहना है कि गांव से मुख्य मार्ग की दूरी करीब ढाई किलोमीटर है जिससे बीमार, बुजुर्ग और गर्भवती को अस्पताल ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। रात के समय हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जबकि रोजमर्रा का सामान ढोना भी महिलाओं के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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वहीं इस पूरे मामले पर अधिशासी अभियंता, लोनिवि पाबौ, सुमित मित्तल का कहना है कि जिला योजना के तहत पैदल मार्ग, खड़ंजा और रेलिंग निर्माण की ही स्वीकृति मिली थी और उसी के अनुरूप कार्य किया जा रहा था। उन्होंने यह भी बताया कि तिमलेख गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जा रहा है।