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Pauri News: ग्रामीणों को जड़ी-बूटी की खेती का प्रशिक्षण दिया
संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
Updated Wed, 29 Apr 2026 06:12 PM IST
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श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल विवि के हैप्रेक विभाग की ओर से जनपद चमोली के विकासखंड नंदानगर के सुदूरवर्ती गांव सितेल में दुर्लभ जड़ी-बूटी के पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को जड़ी-बूटी के कृषिकरण का भी प्रशिक्षण दिया गया।
सितेल गांव में हैप्रेक संस्थान के निदेशक डाॅ. विजयकांत पुरोहित के दिशा निर्देशन में उनकी टीम ने दुर्लभ जटामांसी, आर्चा, डोलू और अतीश के पौध वितरित की। वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. सुदीप सेमवाल ने कहा कि जड़ी-बूटी की खेती कर ग्रामीण स्वावलंबी बन सकते हैं। संस्थान के सहयोग से अधिकांश गांवों में ग्रामीण जड़ी-बूटी की खेती कर अपनी अच्छी आमदनी कर रहे हैं। डाॅ. जयदेव चौहान ने ग्रामीणों को जड़ी-बूटी का कृषिकरण कर उनके संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। इस मौके पर नेचर आर्गेनिक सोसाइटी के पुष्कर सिंह बिष्ट, कस्तूरबा देवी, मधुली देवी, कमला देवी, मथुरा देवी, उर्मिला, सलोचना और कुलदीप रावत आदि मौजूद रहे। संवाद
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श्रीनगर। एचएनबी गढ़वाल विवि के हैप्रेक विभाग की ओर से जनपद चमोली के विकासखंड नंदानगर के सुदूरवर्ती गांव सितेल में दुर्लभ जड़ी-बूटी के पौधों का वितरण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को जड़ी-बूटी के कृषिकरण का भी प्रशिक्षण दिया गया।
सितेल गांव में हैप्रेक संस्थान के निदेशक डाॅ. विजयकांत पुरोहित के दिशा निर्देशन में उनकी टीम ने दुर्लभ जटामांसी, आर्चा, डोलू और अतीश के पौध वितरित की। वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. सुदीप सेमवाल ने कहा कि जड़ी-बूटी की खेती कर ग्रामीण स्वावलंबी बन सकते हैं। संस्थान के सहयोग से अधिकांश गांवों में ग्रामीण जड़ी-बूटी की खेती कर अपनी अच्छी आमदनी कर रहे हैं। डाॅ. जयदेव चौहान ने ग्रामीणों को जड़ी-बूटी का कृषिकरण कर उनके संरक्षण के लिए आगे आने की अपील की। इस मौके पर नेचर आर्गेनिक सोसाइटी के पुष्कर सिंह बिष्ट, कस्तूरबा देवी, मधुली देवी, कमला देवी, मथुरा देवी, उर्मिला, सलोचना और कुलदीप रावत आदि मौजूद रहे। संवाद
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