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Pithoragarh News: जर्जर भवन में भविष्य की नींव रख रहीं 135 बेटियां

संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Tue, 19 May 2026 01:20 AM IST
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135 daughters are laying the foundation of their future in a dilapidated building.
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। जीजीआईसी गंगोलीहाट में छात्राएं लंबे समय से जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं। सीएम ने इस विद्यालय भवन के पुनर्निमाण की घोषणा की थी जो फिलहाल धरातल पर नहीं उतर पाई है।

जर्जर हो चुके जीजीआईसी गंगोलीहाट में 135 छात्राएं अपने सुनहरे भविष्य की नींव रख रही हैं। अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए नौ वर्षों से खस्ताहाल भवन को ध्वस्त कर इसका नवनिर्माण कराने की मांग कर रहे हैं। इसके लिए प्रदर्शन भी हो चुके हैं। वर्ष 2024 में एक महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीजीआईसी भवन के पुनर्निर्माण की घोषणा की थी।
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डीएम ने विद्यालय भवन की स्थिति पर रिपोर्ट भी तलब की है। हैरानी है कि अब तक सीएम की घोषणा भी परवान नहीं चढ़ सकी है और डीएम को तलब रिपोर्ट भी सरकारी फाइलों में कहीं धूल फांक रही है। मंडी परिषद हल्द्वानी ने नवंबर 2024 में आकलन तैयार कर शासन को भेज दिया था बावजूद अभी तक धन नहीं मिला है। वहीं पटवारी हेमंत कुमार ने बताया कि रिपोर्ट तैयार कर डीएम को भेजी जा चुकी है।
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पांच कमरे सात साल से बंद
जीजीआईसी में विद्यालय प्रबंधन को बेटियों की सुरक्षा के लिए सात वर्ष पूर्व जर्जर हो चुके पांच कमरों को बंद करना पड़ा था। विद्यालय में सात कक्षाओं के अलग-अलग सेक्शन और प्रधानाचार्य कार्यालय के लिए 14 कमरों की आवश्यकता है। अभी यह सारे कार्य मात्र छह कमरों में चल रहे हैं। भवन की दीवारें कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और ये कमरे भी जर्जर हो चुके हैं।
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बेटियों को पढ़ाने के लिए भी शिक्षक नहीं
वर्ष 1975 में बालिका हाईस्कूल की स्थापना हुई। वर्ष 1998 में उसका उच्चीकरण कर इंटरमीडिएट की कक्षाएं संचालित की गईं। इंटर का दर्जा तो मिला लेकिन पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो सकी है। वर्तमान में हिंदी संस्कृत और भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता नहीं है। विद्यालय में चहारदीवारी भी नहीं है। देवदार के जंगल के पास होने से बंदरों का भय हमेशा बना रहता है।
कोट
विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिए दो बार आकलन तैयार कर शासन को भेजा गया है। धन मिलने पर कार्य शुरू किया जाएगा। - सुयश जोशी, अवर अभियंता, मंडी परिषद, हल्द्वानी
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