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Pithoragarh News: सरकारी स्कूल के बच्चों को 78 हजार किताबों का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 19 May 2026 01:23 AM IST
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पिथौरागढ़। नए शिक्षा सत्र के डेढ़ महीने बाद भी सीमांत जिले के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी बगैर किताबों के पढ़ने के लिए मजबूर हैं। अब भी विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें मिलने का इंतजार है। शिक्षा विभाग ने नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही सभी विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराने के दावे किए थे लेकिन अब तक बच्चे सिर्फ इंतजार ही कर रहे हैं।
सीमांत जिले में 126 इंटर कॉलेज, 87 हाईस्कूल और 1120 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में 22 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही विभाग ने विद्यार्थियों को आरटीई के तहत निशुल्क किताबें उपलब्ध कराने के दावे किए थे। विभाग ने विद्यार्थियों के लिए 3,15,711 किताबों की मांग भेजी थी। अब तक विभाग सिर्फ 2,36,784 किताबें ही विद्यार्थियों को उपलब्ध करा सका है। अभी भी चार हजार से अधिक विद्यार्थी किताबों का इंतजार कर रहे हैं। इनके लिए 78 हजार से अधिक किताबों की जरूरत है।
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एक भी निशुल्क कॉपी नहीं पहुंची जिले में
आरटीई के तहत कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क कॉपी उपलब्ध कराने का भी नियम है। कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को दो-दो, तीन से पांच तक के विद्यार्थी को तीन-तीन और छह से 12वीं तक के विद्यार्थी को पांच-पांच कॉपी मिलनी हैं। अब तक एक भी कॉपी जिले में नहीं पहुंची हैं। विभाग की लेटलतीफी के चलते विद्यार्थी बगैर कॉपी और किताबों के पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
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कोट
अधिकांश विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध करा दी गई हैं। जल्द ही शेष किताबें मिलेंगी। कॉपी भी जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। - तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़
सीमांत जिले में 126 इंटर कॉलेज, 87 हाईस्कूल और 1120 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में 22 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही विभाग ने विद्यार्थियों को आरटीई के तहत निशुल्क किताबें उपलब्ध कराने के दावे किए थे। विभाग ने विद्यार्थियों के लिए 3,15,711 किताबों की मांग भेजी थी। अब तक विभाग सिर्फ 2,36,784 किताबें ही विद्यार्थियों को उपलब्ध करा सका है। अभी भी चार हजार से अधिक विद्यार्थी किताबों का इंतजार कर रहे हैं। इनके लिए 78 हजार से अधिक किताबों की जरूरत है।
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एक भी निशुल्क कॉपी नहीं पहुंची जिले में
आरटीई के तहत कक्षा एक से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क कॉपी उपलब्ध कराने का भी नियम है। कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को दो-दो, तीन से पांच तक के विद्यार्थी को तीन-तीन और छह से 12वीं तक के विद्यार्थी को पांच-पांच कॉपी मिलनी हैं। अब तक एक भी कॉपी जिले में नहीं पहुंची हैं। विभाग की लेटलतीफी के चलते विद्यार्थी बगैर कॉपी और किताबों के पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
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अधिकांश विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध करा दी गई हैं। जल्द ही शेष किताबें मिलेंगी। कॉपी भी जल्द उपलब्ध होने की उम्मीद है। - तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़