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Pithoragarh News: आदि कैलाश यात्रा से कारोबारी गतिविधियों में आया उछाल
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 15 May 2026 12:38 AM IST
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पिथौरागढ़। आदि कैलाश यात्रा शुरू होने से क्षेत्र में कारोबारियों गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। जिला मुख्यालय से लेकर धारचूला, गुंजी के होटल एवं होम स्टे संचालकों को अच्छी बुकिंग मिल रही है। बुधवार तक 7887 यात्रियों को पास जारी किए गए।
प्रशासन की ओर से प्रतिदिन 500 से 700 यात्रियों के पास बनाए जा रहे हैं। अधिकांश यात्री टनकपुर से पिथौरागढ़ होते हुए धारचूला, गुंजी पहुंच रहे हैं। इससे मार्ग के दुकानदारों की भी आय हो रही है। ओगला में भी यात्रियों की काफी चहल-पहल है। यात्री यहां पराठों का स्वाद ले रहे हैं। यात्रा के चलते धारचूला में काफी रौनक है। यात्री दुकानदारों स्थानीय उत्पाद एवं अन्य जरूरी सामान खरीद रहे हैं।
यात्रा पर होम स्टे, होटल संचालकों को भी बेहतर रोजगार मिल रहा है। यात्रा को देखकर मकान स्वामी स्थानीय लोगों को कमरे किराए पर न देकर उन्हें अधिक मुनाफे के लिए यात्रियों को उपलब्ध करा रहे हैं। कई लोगों ने अपने मकानों को होम स्टे में तब्दील कर दिया है। क्षेत्र में 60 से अधिक होटल और होम स्टे हैं।
होम स्टे संचालक भूपाल सिंह रावल का कहना है कि यदि पास बनाने की ऑफलाइन व्यवस्था होती तो पर्यटन व्यवसाय अधिक होता। मनीष गर्ब्याल का कहना है कि पास धारचूला में ही बनाए जाते तो स्थानीय लोगों को रोजगार अधिक मिलता। अब केएमवीएन की यात्रा भी शुरू होने से रौनक अधिक बढ़ गई है।
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पंचाचूली दर्शन को भी पहुंच रहे यात्री
धारचूला। बीआरओ की ओर से आदि कैलाश और दारमा घाटी तक सड़क सुविधा पहुंचाने के बाद क्षेत्र में पर्यटन कारोबार बढ़ गया है। यात्री आदि कैलाश, ओम पर्वत के साथ ही पंचाचूली और नारायण आश्रम देखने भी पहुंच रहे हैं। अगले साल तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद तहसील की तीनों घाटियों व्यास, दारमा और चौदास में पर्यटन गतिविधियों के काफी बढ़ने की संभावना है।
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प्रशासन की ओर से प्रतिदिन 500 से 700 यात्रियों के पास बनाए जा रहे हैं। अधिकांश यात्री टनकपुर से पिथौरागढ़ होते हुए धारचूला, गुंजी पहुंच रहे हैं। इससे मार्ग के दुकानदारों की भी आय हो रही है। ओगला में भी यात्रियों की काफी चहल-पहल है। यात्री यहां पराठों का स्वाद ले रहे हैं। यात्रा के चलते धारचूला में काफी रौनक है। यात्री दुकानदारों स्थानीय उत्पाद एवं अन्य जरूरी सामान खरीद रहे हैं।
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यात्रा पर होम स्टे, होटल संचालकों को भी बेहतर रोजगार मिल रहा है। यात्रा को देखकर मकान स्वामी स्थानीय लोगों को कमरे किराए पर न देकर उन्हें अधिक मुनाफे के लिए यात्रियों को उपलब्ध करा रहे हैं। कई लोगों ने अपने मकानों को होम स्टे में तब्दील कर दिया है। क्षेत्र में 60 से अधिक होटल और होम स्टे हैं।
होम स्टे संचालक भूपाल सिंह रावल का कहना है कि यदि पास बनाने की ऑफलाइन व्यवस्था होती तो पर्यटन व्यवसाय अधिक होता। मनीष गर्ब्याल का कहना है कि पास धारचूला में ही बनाए जाते तो स्थानीय लोगों को रोजगार अधिक मिलता। अब केएमवीएन की यात्रा भी शुरू होने से रौनक अधिक बढ़ गई है।
पंचाचूली दर्शन को भी पहुंच रहे यात्री
धारचूला। बीआरओ की ओर से आदि कैलाश और दारमा घाटी तक सड़क सुविधा पहुंचाने के बाद क्षेत्र में पर्यटन कारोबार बढ़ गया है। यात्री आदि कैलाश, ओम पर्वत के साथ ही पंचाचूली और नारायण आश्रम देखने भी पहुंच रहे हैं। अगले साल तक सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा होने के बाद तहसील की तीनों घाटियों व्यास, दारमा और चौदास में पर्यटन गतिविधियों के काफी बढ़ने की संभावना है।