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Pithoragarh News: जादूगर के जादू में फंस गया प्रशासन और शिक्षा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 11 Apr 2026 10:45 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में प्रशासन और शिक्षा विभाग का अजब कारनामा सामने आया है। जादूगर के जादू में प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी ही फंस गए। स्कूलों में मैजिक शो दिखाने के नाम पर प्रशासन और शिक्षा विभाग ने जिले के विद्यार्थियों को 20-20 रुपये जमा करने का सरकारी आदेश जारी कर डाला। मामला खुलने के बाद अब इस आदेश को निरस्त कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।
दरअसल, बीती 24 मार्च को एडीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया। पत्र के अनुसार, हरियाणा के एक जादूगर ने स्कूलों में अपना मैजिक शो दिखाने की अनुमति पाने के लिए आवेदन किया। पत्र के अनुसार बच्चों के मनोरंजन और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए मैजिक शो दिखाना है। इसके एवज में हर स्कूल के नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक के विद्यार्थी को 20 रुपये चुकाने हैं। इस धनराशि का 20 प्रतिशत हिस्सा रेडक्राॅस समिति में जमा करने का अनुरोध किया गया।
हैरानी है कि नशे के खिलाफ चल रहे तमाम सरकारी अभियानों के बाद भी जादूगर की बातों में आकर एडीएम कार्यालय से मुख्य शिक्षा अधिकारी को उचित निर्णय लेने का पत्र जारी कर दिया गया। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने भी सभी स्कूलों को मैजिक शो दिखाने का सरकारी आदेश जारी कर दिया।
आंकड़ों की बात करें तो सीमांत जिले में सरकारी और निजी स्कूलों में 50 हजार से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। यदि इन छात्रों से मैजिक शो के नाम पर 20 रुपये की वसूली हुई तो 10 लाख रुपये जमा होंगे। इस धनराशि का 80 प्रतिशत यानि आठ लाख रुपये जादूगर लेकर जाएगा जबकि 20 प्रतिशत यानि दो लाख रुपये रेडक्राॅस समिति के खाते में जमा होंगे।
वसूली का यह सरकारी आदेश मैजिक शो या रेडक्राॅस के नाम पर जारी किया गया यह सवाल चर्चाओं में है। नाम न बताने की शर्त पर अभिभावकों ने कहा कि जादूगर को लाभ पहुंचाने के लिए आंख बंद कर सरकारी आदेश जारी कर दिया गया जो गंभीर है। अब मामला खुलने के बाद इस सरकारी आदेश को निरस्त कर जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगने की बात कर इस पर पर्दा डालने की कोशिश शुरू हुई है।
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रेडक्रास समिति के अध्यक्ष को नहीं लगी भनक
जिला रेडक्रास समिति के अध्यक्ष डीएम होते हैं। हैरानी है कि रेडक्राॅस के नाम पर विद्यार्थियों से धन लेने का सरकारी आदेश जारी हो गया लेकिन अध्यक्ष तक को इसकी भनक नहीं लगी। संवाद न्यूज एजेंसी ने रेडक्राॅस के अध्यक्ष यानि डीएम से मामला साझा किया तो उन्हें इसकी जानकारी मिली। इससे पहले जादूगर कुछ स्कूलों में शो दिखा भी चुका है।
कोट
एडीएम के निर्देश के आधार पर स्कूलों को स्वेच्छा से मैजिक शो कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिस विद्यार्थी की इच्छा मैजिक शो देखने की नहीं होगी उससे धनराशि नहीं ली जाएगी। - तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़
कोट
मैजिक शो और रेडक्रास के नाम पर विद्यार्थियों से धनराशि मांगना गंभीर है। मामले का संज्ञान लेकर इस आदेश को निरस्त कर इसमें शामिल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब स्कूलों में मैजिक शो नहीं होगा। - आशीष कुमार भटगाईं, डीएम, पिथौरागढ़
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दरअसल, बीती 24 मार्च को एडीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी किया। पत्र के अनुसार, हरियाणा के एक जादूगर ने स्कूलों में अपना मैजिक शो दिखाने की अनुमति पाने के लिए आवेदन किया। पत्र के अनुसार बच्चों के मनोरंजन और उन्हें नशे के खिलाफ जागरूक करने के लिए मैजिक शो दिखाना है। इसके एवज में हर स्कूल के नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक के विद्यार्थी को 20 रुपये चुकाने हैं। इस धनराशि का 20 प्रतिशत हिस्सा रेडक्राॅस समिति में जमा करने का अनुरोध किया गया।
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हैरानी है कि नशे के खिलाफ चल रहे तमाम सरकारी अभियानों के बाद भी जादूगर की बातों में आकर एडीएम कार्यालय से मुख्य शिक्षा अधिकारी को उचित निर्णय लेने का पत्र जारी कर दिया गया। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने भी सभी स्कूलों को मैजिक शो दिखाने का सरकारी आदेश जारी कर दिया।
आंकड़ों की बात करें तो सीमांत जिले में सरकारी और निजी स्कूलों में 50 हजार से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं। यदि इन छात्रों से मैजिक शो के नाम पर 20 रुपये की वसूली हुई तो 10 लाख रुपये जमा होंगे। इस धनराशि का 80 प्रतिशत यानि आठ लाख रुपये जादूगर लेकर जाएगा जबकि 20 प्रतिशत यानि दो लाख रुपये रेडक्राॅस समिति के खाते में जमा होंगे।
वसूली का यह सरकारी आदेश मैजिक शो या रेडक्राॅस के नाम पर जारी किया गया यह सवाल चर्चाओं में है। नाम न बताने की शर्त पर अभिभावकों ने कहा कि जादूगर को लाभ पहुंचाने के लिए आंख बंद कर सरकारी आदेश जारी कर दिया गया जो गंभीर है। अब मामला खुलने के बाद इस सरकारी आदेश को निरस्त कर जिम्मेदारों से स्पष्टीकरण मांगने की बात कर इस पर पर्दा डालने की कोशिश शुरू हुई है।
रेडक्रास समिति के अध्यक्ष को नहीं लगी भनक
जिला रेडक्रास समिति के अध्यक्ष डीएम होते हैं। हैरानी है कि रेडक्राॅस के नाम पर विद्यार्थियों से धन लेने का सरकारी आदेश जारी हो गया लेकिन अध्यक्ष तक को इसकी भनक नहीं लगी। संवाद न्यूज एजेंसी ने रेडक्राॅस के अध्यक्ष यानि डीएम से मामला साझा किया तो उन्हें इसकी जानकारी मिली। इससे पहले जादूगर कुछ स्कूलों में शो दिखा भी चुका है।
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एडीएम के निर्देश के आधार पर स्कूलों को स्वेच्छा से मैजिक शो कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। जिस विद्यार्थी की इच्छा मैजिक शो देखने की नहीं होगी उससे धनराशि नहीं ली जाएगी। - तरुण कुमार पंत, सीईओ, पिथौरागढ़
कोट
मैजिक शो और रेडक्रास के नाम पर विद्यार्थियों से धनराशि मांगना गंभीर है। मामले का संज्ञान लेकर इस आदेश को निरस्त कर इसमें शामिल अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। अब स्कूलों में मैजिक शो नहीं होगा। - आशीष कुमार भटगाईं, डीएम, पिथौरागढ़