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Pithoragarh News: तकनीकी खामी से ब्लड सेपरेशन मशीन बंद, मरीज और गर्भवतियां बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 20 Apr 2026 10:43 PM IST
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पिथौरागढ़ जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक। संवाद
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेशन यूनिट बंद होने से मरीजों और गर्भवतियों की दिक्कत बढ़ गई है। मशीन में खराबी आने से यूनिट बंद है और मरीज और गर्भवतियों को प्लेटलेट्स नहीं मिल पा रही है। मजबूरन उन्हें सामान्य रक्त चढ़ाना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में 15 लाख रुपये से अधिक से ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित की गई है। इस यूनिट के जरिये जरूरतमंदों को प्लेटलेट्स आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इधर, पिछले कुछ दिनों से यूनिट में खराबी आने के कारण यह बंद पड़ी है। हर रोज जिला और महिला अस्पताल के साथ ही जिले के निजी अस्पतालों में आठ से 10 मरीजों और गर्भवतियों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है। इसके लिए सभी सिर्फ जिला अस्पताल में स्थापित ब्लड सेपरेशन यूनिट पर ही निर्भर हैं।
यूनिट बंद होने से मरीजों और गर्भवतियों को प्लेटलेट्स मिलना बंद हो गया है जिस कारण तीमारदार परेशान हैं। नगर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती की तबीयत बिगड़ गई। जांच में उसमें प्लेटलेट्स की कमी मिली। तीमारदार ब्लड बैंक पहुंचे तो यूनिट की खराबी का हवाला दिया गया। ऐसे में गर्भवती को सामान्य रक्त चढ़ा कर उसकी हालत को स्थिर किया गया। जिला अस्पताल में भी एक महिला मरीज प्लेटलेट्स के लिए मशीन की खराबी दूर होने का इंतजार कर रही है।
डेंगू का खतरा बढ़ा, प्लेटलेट्स मिलना मुश्किल हुआ
गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और तापमान बढ़ने से मच्छर भी पनपने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में गर्मी के मौसम में डेंगू के कई मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में यदि इस बार डेंगू का कोई गंभीर मरीज सामने आया तो ब्लड सेपरेशन यूनिट के खराब होने से उसकी जान बचाने के लिए प्लेटलेट्स का मिलना भी मुश्किल होगा।
कोट
ब्लड सेपरेशन यूनिट में मशीन में तकनीकी खराबी आई है। तकनीशियन बुलाए गए हैं। जल्द ही खराबी को दूर कर यूनिट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में 15 लाख रुपये से अधिक से ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित की गई है। इस यूनिट के जरिये जरूरतमंदों को प्लेटलेट्स आसानी से उपलब्ध हो जाती है। इधर, पिछले कुछ दिनों से यूनिट में खराबी आने के कारण यह बंद पड़ी है। हर रोज जिला और महिला अस्पताल के साथ ही जिले के निजी अस्पतालों में आठ से 10 मरीजों और गर्भवतियों को प्लेटलेट्स की जरूरत होती है। इसके लिए सभी सिर्फ जिला अस्पताल में स्थापित ब्लड सेपरेशन यूनिट पर ही निर्भर हैं।
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यूनिट बंद होने से मरीजों और गर्भवतियों को प्लेटलेट्स मिलना बंद हो गया है जिस कारण तीमारदार परेशान हैं। नगर के एक निजी अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची गर्भवती की तबीयत बिगड़ गई। जांच में उसमें प्लेटलेट्स की कमी मिली। तीमारदार ब्लड बैंक पहुंचे तो यूनिट की खराबी का हवाला दिया गया। ऐसे में गर्भवती को सामान्य रक्त चढ़ा कर उसकी हालत को स्थिर किया गया। जिला अस्पताल में भी एक महिला मरीज प्लेटलेट्स के लिए मशीन की खराबी दूर होने का इंतजार कर रही है।
डेंगू का खतरा बढ़ा, प्लेटलेट्स मिलना मुश्किल हुआ
गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और तापमान बढ़ने से मच्छर भी पनपने लगे हैं। पिछले कुछ वर्षों में गर्मी के मौसम में डेंगू के कई मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में यदि इस बार डेंगू का कोई गंभीर मरीज सामने आया तो ब्लड सेपरेशन यूनिट के खराब होने से उसकी जान बचाने के लिए प्लेटलेट्स का मिलना भी मुश्किल होगा।
कोट
ब्लड सेपरेशन यूनिट में मशीन में तकनीकी खराबी आई है। तकनीशियन बुलाए गए हैं। जल्द ही खराबी को दूर कर यूनिट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। - डॉ. एसएस नबियाल, सीएमओ, पिथौरागढ़

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