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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में गैस एजेंसियों में लटके ताले, रसोई गैस वितरण ठप
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:15 AM IST
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पिथौरागढ़। चंपावत में गैस प्रबंधक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का असर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में भी दिखने लगा है। घटना से आक्रोशित जिले की कई गैस एजेंसियों ने सोमवार को कामकाज ठप कर कार्यालयों में ताले लटका दिए। कर्मियों के विरोध के कारण गैस वितरण पूरी तरह बाधित रहा जिससे उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जिले की 13 गैस एजेंसियों में से गंगोलीहाट, बेड़ीनाग और झूलाघाट में विरोध का व्यापक असर रहा। एजेंसी कर्मियों का आरोप है कि चंपावत में प्रबंधक पर गैस वितरण को लेकर मानसिक दबाव बनाया गया जिसके कारण उन्हें आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। कर्मियों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विरोध के अलावा आपूर्ति की कमी ने भी उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ाईं। पिथौरागढ़ मुख्य नगर और कनालीछीना एजेंसी में डिपो से वाहन न पहुंचने के कारण स्टॉक खत्म हो गया जिससे वितरण बंद रहा। धारचूला, थल और मुनस्यारी में सिलिंडरों का वितरण सामान्य रूप से हुआ।
उचित कार्रवाई न होने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी
एजेंसियों के प्रबंधकों ऊषा राणा, योगेश कठायत, मंजू बिष्ट, भास्करानंद पंत और सुरेश रैखोला ने चंपावत की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जिले की सभी एजेंसियां अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी।
कोट
- रविवार को डिपो बंद होने के कारण सोमवार को जिले में रसोई गैस के वाहन नहीं पहुंच सके। मंगलवार से सभी क्षेत्रों में सिलिंडरों का वितरण पूर्व की तरह सुचारू कर दिया जाएगा। स्थिति नियंत्रण में है। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़
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जिले की 13 गैस एजेंसियों में से गंगोलीहाट, बेड़ीनाग और झूलाघाट में विरोध का व्यापक असर रहा। एजेंसी कर्मियों का आरोप है कि चंपावत में प्रबंधक पर गैस वितरण को लेकर मानसिक दबाव बनाया गया जिसके कारण उन्हें आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। कर्मियों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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विरोध के अलावा आपूर्ति की कमी ने भी उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ाईं। पिथौरागढ़ मुख्य नगर और कनालीछीना एजेंसी में डिपो से वाहन न पहुंचने के कारण स्टॉक खत्म हो गया जिससे वितरण बंद रहा। धारचूला, थल और मुनस्यारी में सिलिंडरों का वितरण सामान्य रूप से हुआ।
उचित कार्रवाई न होने पर पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी
एजेंसियों के प्रबंधकों ऊषा राणा, योगेश कठायत, मंजू बिष्ट, भास्करानंद पंत और सुरेश रैखोला ने चंपावत की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो जिले की सभी एजेंसियां अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चली जाएंगी।
कोट
- रविवार को डिपो बंद होने के कारण सोमवार को जिले में रसोई गैस के वाहन नहीं पहुंच सके। मंगलवार से सभी क्षेत्रों में सिलिंडरों का वितरण पूर्व की तरह सुचारू कर दिया जाएगा। स्थिति नियंत्रण में है। - विनय कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी, पिथौरागढ़