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Pithoragarh News: अल्ट्रासाउंड कराने में छूटे पसीने, बैरंग लौटे बीमार
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 07 Apr 2026 01:13 AM IST
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पिथौरागढ़। आखिरकार रेडियोलॉजिस्ट के अवकाश से लौटने पर जिला अस्पताल में एक सप्ताह बाद अल्ट्रासाउंड शुरू हो गए। सोमवार को अस्पताल में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके चलते उन्हें अल्ट्रासाउंड कराने में पसीना छूट गया। नंबर नहीं आने से मजबूरन मरीजों को निजी अस्पतालों के चक्कर काटने पड़े।
सुबह आठ बजे से ही रेडियोलॉजिस्ट कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग गई थीं। मुनस्यारी, धारचूला, मुनस्यारी और बेड़ीनाग जैसे दुर्गम क्षेत्रों से पहुंचे 120 से अधिक मरीजों ने जांच के लिए पंजीकरण कराया। घंटों की जद्दोजहद के बाद जब नंबर नहीं आया तो 40 से अधिक मरीजों ने अपनी पर्ची वापस ली और निजी क्लीनिकों का रुख किया।
अस्पताल की अव्यवस्था यहीं नहीं थमी। जिन मरीजों का बड़ी मुश्किल से अल्ट्रासाउंड हुआ उन्हें दोपहर दो बजे के बाद रिपोर्ट दिखाने के लिए चिकित्सक ही नहीं मिले। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों से आए मरीजों को बिना उपचार के ही घर जाना पड़ा।
गर्भवतियों को भी करना होगा इंतजार
जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट न होने का खामियाजा गर्भवतियों को भुगतना पड़ रहा है। महिला अस्पताल में सप्ताह में दो दिन (बुधवार और शुक्रवार) लगने वाले शिविर पिछले हफ्ते नहीं लगे। अब रेडियोलॉजिस्ट के लौटने पर आगामी शिविरों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है जिससे गर्भवतियों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं।
कोट
- मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण आज सभी को देखना संभव नहीं था। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी गई है। जो मरीज आज छूट गए हैं उन्हें मंगलवार को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। - डॉ. रामबाबू, रेडियोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल
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सुबह आठ बजे से ही रेडियोलॉजिस्ट कक्ष के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लग गई थीं। मुनस्यारी, धारचूला, मुनस्यारी और बेड़ीनाग जैसे दुर्गम क्षेत्रों से पहुंचे 120 से अधिक मरीजों ने जांच के लिए पंजीकरण कराया। घंटों की जद्दोजहद के बाद जब नंबर नहीं आया तो 40 से अधिक मरीजों ने अपनी पर्ची वापस ली और निजी क्लीनिकों का रुख किया।
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अस्पताल की अव्यवस्था यहीं नहीं थमी। जिन मरीजों का बड़ी मुश्किल से अल्ट्रासाउंड हुआ उन्हें दोपहर दो बजे के बाद रिपोर्ट दिखाने के लिए चिकित्सक ही नहीं मिले। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों से आए मरीजों को बिना उपचार के ही घर जाना पड़ा।
गर्भवतियों को भी करना होगा इंतजार
जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजिस्ट न होने का खामियाजा गर्भवतियों को भुगतना पड़ रहा है। महिला अस्पताल में सप्ताह में दो दिन (बुधवार और शुक्रवार) लगने वाले शिविर पिछले हफ्ते नहीं लगे। अब रेडियोलॉजिस्ट के लौटने पर आगामी शिविरों में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है जिससे गर्भवतियों की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं।
कोट
- मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण आज सभी को देखना संभव नहीं था। गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी गई है। जो मरीज आज छूट गए हैं उन्हें मंगलवार को प्राथमिकता के आधार पर देखा जाएगा। - डॉ. रामबाबू, रेडियोलॉजिस्ट, जिला अस्पताल