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Pithoragarh News: धारचूला, बंगापानी, अस्कोट में ओलावृष्टि, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 14 May 2026 12:19 AM IST
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धारचूला के खुमती में ओलावृष्टि से बर्बाद बंद गोभी की फसल। संवाद
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धारचूला/बंगापानी/अस्कोट। पिछले कई दिनों से बिगड़ा मौसम का मिजाज सामान्य नहीं हो पा रहा है। एक पखवाड़े से भी अधिक समय से हर रोज बारिश, अंधड़ और ओलावृष्टि से जिलेभर में जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। बुधवार को धारचूला, बंगापानी और अस्कोट में भारी ओलावृष्टि से जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। ओले गिरने से फसल और बागवानी को खासा नुकसान पहुंचा है, इससे किसान निराश हैं।
जिलेभर में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद मौसम की बेरुखी धारचूला, अस्कोट और बंगापानी के लोगों पर भारी पड़ी। तीनों जगह भारी ओलावृष्टि जबकि अन्य जगह तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। धारचूला, बंगापानी, अस्कोट में भारी मात्रा में ओले गिरने से संतरा, माल्टा, पुलम, आड़ू, आम के फलों को खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं बैंगन, मिर्च, ककड़ी, भिंडी, टमाटर आदि सब्जियों की पौध पूरी तरह बर्बाद हो गई है। वहीं घाटी वाले इलाके बंगापानी में धान की पौध भी ओलों से नष्ट हो गई। मेहनत बेकार होने से क्षेत्र के किसान निराश और मायूस हैं। वहीं अन्य जगहों पर बारिश से सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हुआ इससे वाहन चालक और यात्री परेशान रहे। बीते मंगलवार को भी जिला मुख्यालय के आसपास सल्मोड़ा, सातसिलिंग, बीसाबजेड़, नैनीपातल और अन्य इलाकों में फसल और बागवानी ओलों की भेंट चढ़ गई है। बड़े-बड़े ओले गिरने से वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
धारचूला में बिजली गुल, 40 हजार लोग परेशान
धारचूला। ओलावृष्टि से 33 केवीए लाइन टूटने से विकासखंड की बिजली गुल हो गई। क्षेत्र के 80 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रहने से 40 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। यूपीसीएल कर्मी लाइन को ठीक करने में जुटे रहे लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी। यूपीसीएल के जेई आशुतोष ने बताया कि जौलजीबी और धारचूला के बीच लाइन में खराबी होने से दिक्कत आई है। खराबी को दूर किया जा रहा है। संवाद
जिलेभर में सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद मौसम की बेरुखी धारचूला, अस्कोट और बंगापानी के लोगों पर भारी पड़ी। तीनों जगह भारी ओलावृष्टि जबकि अन्य जगह तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित रहा। धारचूला, बंगापानी, अस्कोट में भारी मात्रा में ओले गिरने से संतरा, माल्टा, पुलम, आड़ू, आम के फलों को खासा नुकसान पहुंचा है। वहीं बैंगन, मिर्च, ककड़ी, भिंडी, टमाटर आदि सब्जियों की पौध पूरी तरह बर्बाद हो गई है। वहीं घाटी वाले इलाके बंगापानी में धान की पौध भी ओलों से नष्ट हो गई। मेहनत बेकार होने से क्षेत्र के किसान निराश और मायूस हैं। वहीं अन्य जगहों पर बारिश से सड़कों पर जगह-जगह जलभराव हुआ इससे वाहन चालक और यात्री परेशान रहे। बीते मंगलवार को भी जिला मुख्यालय के आसपास सल्मोड़ा, सातसिलिंग, बीसाबजेड़, नैनीपातल और अन्य इलाकों में फसल और बागवानी ओलों की भेंट चढ़ गई है। बड़े-बड़े ओले गिरने से वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है।
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धारचूला में बिजली गुल, 40 हजार लोग परेशान
धारचूला। ओलावृष्टि से 33 केवीए लाइन टूटने से विकासखंड की बिजली गुल हो गई। क्षेत्र के 80 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप रहने से 40 हजार से अधिक की आबादी परेशान है। यूपीसीएल कर्मी लाइन को ठीक करने में जुटे रहे लेकिन देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी। यूपीसीएल के जेई आशुतोष ने बताया कि जौलजीबी और धारचूला के बीच लाइन में खराबी होने से दिक्कत आई है। खराबी को दूर किया जा रहा है। संवाद