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Pithoragarh News: मानसरोवर यात्रा... उत्तराखंड के रंग में रंगे श्रद्धालु
Sun, 12 Jul 2026 11:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:58 PM IST
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टनकपुर (चंपावत)। कैलाश मानसरोवर यात्रा के तीसरे दल का पर्यटक आवास गृह में उत्तराखंड की संस्कृति से तिलक लगाकर स्वागत किया गया। स्वागत से उत्तराखंड के रंग में रंगे 48 यात्री उत्साहित हो गए और बम-बम भोले से माहौल शिवमय हो गया। तीसरे दल के अधिकांश यात्री पहली बार शिव धाम जाने से खासे उत्साहित हैं। बोले बाबा ने बुलाया और चले आए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर दूसरी बार टनकपुर होकर यात्रा से माहौल शिवमय बना हुआ है। रविवार की शाम को दिल्ली से लाइजनिंग अधिकारी दिल्ली की मिनिमा बासु और एसजे गोहेल के साथ कुल 48 यात्रियों का दल टीआरसी पहुंचे ही फूल माला और टीके के साथ स्वागत किया गया।
दल में 31 पुरुष और 17 महिलाएं हैं। केएमवीएन की ओर से सांस्कृतिक संध्या और भक्ति गीत से भक्ति में डूब गए। लाइजनिंग अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश यात्री पहली बार यात्रा में शामिल होने से उत्साहित हैं। दल में सबसे बुजुर्ग तमिलनाडु के 69 वर्षीय विद्या सागर स्वामीनाथन अपनी पत्नी 62 वर्षीय मंगलम विद्यासामगरन के साथ यात्रा कर रहे हैं। बोले- बाबा ने बुलाया और दोनों चले आए हैं।
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महाराष्ट्र की यात्री अर्पिता विनोद गुप्ता बोलीं- वह परिवार में दो जुड़वा बहन और माता-पिता हैं। उनकी जुड़वा बहन की शादी हो गई और उन्होंने अभी नहीं की हैं, बुजुर्ग मां और पिता देखभाल और प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं।
वह सात वर्ष से मां और पिता को यात्रा में भेजने की कोशिश कर रही थी, अब वह बुजुर्ग हो गए हैं पिछले वर्ष वह नहीं जा पाई थी, इस बार भोले बाबा ने बुला ही लिया। अधिकांश यात्री बोले- देवभूमि के कण-कण में भगवान हैं उनको देवभूमि में आते ही इसका अहसास हो गया है। केएमवीएन के टीआरसी प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि सोमवार की सुबह दल को टीआरसी से हरी झंडी दिखाकर आगे रवाना किया जाएगा।
...........
शिव भक्त बोले- भोले ने बुला ही लिया
टनकपुर (चंपावत)। मानसरोवर यात्रा के तीसरे दल में शामिल उत्तराखंड के शिव भक्त यात्रियों का उत्साह भी देखते बन रहा था। तीन उत्तराखंड तो दो उत्तराखंड के प्रवासी एक साथ खड़े हुए तो उनका उत्साह दुगना हो गया। बोले- हम तो देवभूमि के हैं और भोले ने बुलाया है तो जाना तो पड़ेगा।
दल में शामिल पिथौरागढ़ जिले के खड़कोट वार्ड के सेवानिवृत्त बैंक कर्मी हरीश चंद्र पुनेठा पत्नी आशा पुनेठा के साथ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह एसबीआई से 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। मन में शिव धाम जाने का आया और चल पड़े। विदेश कतर के दोहा में नौकरपेशा मूल रूप से अल्मोड़ा और हाल निवासी हल्द्वानी विक्रम सिंह नेगी भी खासे उत्साहित नजर आए। बोले उनको पहली बार में ही मौका मिल गया और बाबा ने बुला लिया। प्रवासी और मूल रूप से पिथौरागढ़ के सुपोखर, बीसाबजेड़ हाल निवासी नोएडा ओएनजीसी में कार्यरत यात्री विजय चंद बोले उनके माता-पिता और पत्नी, बेटी उनके साथ नोएडा में ही रहते हैं। उनके मन में शिवधाम जाने की इच्छा थी, पिछले वर्ष उनका नंबर नहीं आ पाया। इस बार वेटिंग में था, पांच जुलाई को ही वेटिंग खत्म होकर उनका नाम आ गया और चला आया। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल और प्रवासी बसंत कुंज दिल्ली निवासी धीरेंद्र प्रसाद थपलियाल बोले- वह बैंक से सेवानिवृत्त हैं उनके मन में शिव धाम का आया और चले आए। अब चार धाम भी जाएंगे और उनका मूल तो देवभूमि ही है, उनका मन तो देवभूमि में ही रमता है। दल में शामिल झारखंड के अरुण प्रसाद बोले-वह अमरनाथ यात्रा कर चुके हैं पहली बार में ही शिव धाम जा रहे हैं। कर्नाटक, दिल्ली की अनु भी बोलीं पहली बार में ही भोले ने उनकी सुन ली और चले आए हैं।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर दूसरी बार टनकपुर होकर यात्रा से माहौल शिवमय बना हुआ है। रविवार की शाम को दिल्ली से लाइजनिंग अधिकारी दिल्ली की मिनिमा बासु और एसजे गोहेल के साथ कुल 48 यात्रियों का दल टीआरसी पहुंचे ही फूल माला और टीके के साथ स्वागत किया गया।
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दल में 31 पुरुष और 17 महिलाएं हैं। केएमवीएन की ओर से सांस्कृतिक संध्या और भक्ति गीत से भक्ति में डूब गए। लाइजनिंग अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश यात्री पहली बार यात्रा में शामिल होने से उत्साहित हैं। दल में सबसे बुजुर्ग तमिलनाडु के 69 वर्षीय विद्या सागर स्वामीनाथन अपनी पत्नी 62 वर्षीय मंगलम विद्यासामगरन के साथ यात्रा कर रहे हैं। बोले- बाबा ने बुलाया और दोनों चले आए हैं।
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महाराष्ट्र की यात्री अर्पिता विनोद गुप्ता बोलीं- वह परिवार में दो जुड़वा बहन और माता-पिता हैं। उनकी जुड़वा बहन की शादी हो गई और उन्होंने अभी नहीं की हैं, बुजुर्ग मां और पिता देखभाल और प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं।
वह सात वर्ष से मां और पिता को यात्रा में भेजने की कोशिश कर रही थी, अब वह बुजुर्ग हो गए हैं पिछले वर्ष वह नहीं जा पाई थी, इस बार भोले बाबा ने बुला ही लिया। अधिकांश यात्री बोले- देवभूमि के कण-कण में भगवान हैं उनको देवभूमि में आते ही इसका अहसास हो गया है। केएमवीएन के टीआरसी प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि सोमवार की सुबह दल को टीआरसी से हरी झंडी दिखाकर आगे रवाना किया जाएगा।
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शिव भक्त बोले- भोले ने बुला ही लिया
टनकपुर (चंपावत)। मानसरोवर यात्रा के तीसरे दल में शामिल उत्तराखंड के शिव भक्त यात्रियों का उत्साह भी देखते बन रहा था। तीन उत्तराखंड तो दो उत्तराखंड के प्रवासी एक साथ खड़े हुए तो उनका उत्साह दुगना हो गया। बोले- हम तो देवभूमि के हैं और भोले ने बुलाया है तो जाना तो पड़ेगा।
दल में शामिल पिथौरागढ़ जिले के खड़कोट वार्ड के सेवानिवृत्त बैंक कर्मी हरीश चंद्र पुनेठा पत्नी आशा पुनेठा के साथ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह एसबीआई से 2024 में सेवानिवृत्त हुए थे। मन में शिव धाम जाने का आया और चल पड़े। विदेश कतर के दोहा में नौकरपेशा मूल रूप से अल्मोड़ा और हाल निवासी हल्द्वानी विक्रम सिंह नेगी भी खासे उत्साहित नजर आए। बोले उनको पहली बार में ही मौका मिल गया और बाबा ने बुला लिया। प्रवासी और मूल रूप से पिथौरागढ़ के सुपोखर, बीसाबजेड़ हाल निवासी नोएडा ओएनजीसी में कार्यरत यात्री विजय चंद बोले उनके माता-पिता और पत्नी, बेटी उनके साथ नोएडा में ही रहते हैं। उनके मन में शिवधाम जाने की इच्छा थी, पिछले वर्ष उनका नंबर नहीं आ पाया। इस बार वेटिंग में था, पांच जुलाई को ही वेटिंग खत्म होकर उनका नाम आ गया और चला आया। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल और प्रवासी बसंत कुंज दिल्ली निवासी धीरेंद्र प्रसाद थपलियाल बोले- वह बैंक से सेवानिवृत्त हैं उनके मन में शिव धाम का आया और चले आए। अब चार धाम भी जाएंगे और उनका मूल तो देवभूमि ही है, उनका मन तो देवभूमि में ही रमता है। दल में शामिल झारखंड के अरुण प्रसाद बोले-वह अमरनाथ यात्रा कर चुके हैं पहली बार में ही शिव धाम जा रहे हैं। कर्नाटक, दिल्ली की अनु भी बोलीं पहली बार में ही भोले ने उनकी सुन ली और चले आए हैं।