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Pithoragarh News: चीन सीमा से लगे गांवों को जोड़ने वाली सड़क 30 घंटे बाद खुली
Mon, 13 Jul 2026 12:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 13 Jul 2026 12:00 AM IST
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पिथौरागढ़/धारचूला। चीन सीमा से लगे गांवों को जोड़ने वाली सोबला-ढाकर सड़क पर करीब 30 घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। सड़क खुलने से सुरक्षा बलों के साथ ही दारमा घाटी के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। लगातार बारिश के कारण जिले की 14 अन्य सड़कें अब भी मलबा और बोल्डर आने से बंद हैं।
शनिवार सुबह पगबांवे के पास पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सोबला-ढाकर सड़क पर आ गए थे। सड़क खोलने के लिए बीआरओ की 65 आरसीसी इकाई ने तीन जेसीबी मशीनें लगाईं लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण शनिवार को यातायात बहाल नहीं हो सका। रविवार को मौसम साफ होने के बाद मलबा हटाकर सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार पगबांवे क्षेत्र की पहाड़ी बेहद संवेदनशील है। यहां हल्की बारिश में भी बोल्डर गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं थल-मुनस्यारी सड़क पर भी मलबा आने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
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जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार घाट-दूधिला, देविसौना-खेतारकन्याल-गराली, डीडीहाट-आदिचौरा-खूना, तवाघाट-थानीधार, ड्योरा-बारमो, मदकोट-बोना, एलागाड़-जुम्मा और सोबला-उमचिया सड़कें मलबा आने से बंद हैं। इसके अलावा कालिका-खुमती, बंगापानी-जाराजिबली, घट्टाबगड़-तांकुल, बांसबगड़-धामी गांव, बड़ाबे-धारी-क्वारब तथा रई-मड़-रोड़ी सड़कें भी बाधित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सभी मार्गों पर यातायात सुचारु कराने की मांग की है।
बारिश थमने से लोगों को मिली राहत
पिथौरागढ़। शनिवार रात रुक-रुककर हुई बारिश रविवार सुबह तक जारी रही। इसके बाद मौसम खुलने और हल्की धूप निकलने से लोगों ने राहत महसूस की। लगातार बारिश के कारण जिले की नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।
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शनिवार सुबह पगबांवे के पास पहाड़ी दरकने से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर सोबला-ढाकर सड़क पर आ गए थे। सड़क खोलने के लिए बीआरओ की 65 आरसीसी इकाई ने तीन जेसीबी मशीनें लगाईं लेकिन लगातार बारिश और पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण शनिवार को यातायात बहाल नहीं हो सका। रविवार को मौसम साफ होने के बाद मलबा हटाकर सड़क पर वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई।
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स्थानीय लोगों के अनुसार पगबांवे क्षेत्र की पहाड़ी बेहद संवेदनशील है। यहां हल्की बारिश में भी बोल्डर गिरने का खतरा बना रहता है। वहीं थल-मुनस्यारी सड़क पर भी मलबा आने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
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जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय के अनुसार घाट-दूधिला, देविसौना-खेतारकन्याल-गराली, डीडीहाट-आदिचौरा-खूना, तवाघाट-थानीधार, ड्योरा-बारमो, मदकोट-बोना, एलागाड़-जुम्मा और सोबला-उमचिया सड़कें मलबा आने से बंद हैं। इसके अलावा कालिका-खुमती, बंगापानी-जाराजिबली, घट्टाबगड़-तांकुल, बांसबगड़-धामी गांव, बड़ाबे-धारी-क्वारब तथा रई-मड़-रोड़ी सड़कें भी बाधित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें बंद होने से लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द सभी मार्गों पर यातायात सुचारु कराने की मांग की है।
बारिश थमने से लोगों को मिली राहत
पिथौरागढ़। शनिवार रात रुक-रुककर हुई बारिश रविवार सुबह तक जारी रही। इसके बाद मौसम खुलने और हल्की धूप निकलने से लोगों ने राहत महसूस की। लगातार बारिश के कारण जिले की नदियों का जलस्तर भी बढ़ने लगा है।