{"_id":"69d8043a485d9d559c044319","slug":"roadways-buses-running-in-the-plains-in-the-name-of-mountain-depot-pithoragarh-news-c-230-1-alm1001-140401-2026-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: पर्वतीय डिपो के नाम से मैदानी क्षेत्रों में दौड़ रहीं रोडवेज बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: पर्वतीय डिपो के नाम से मैदानी क्षेत्रों में दौड़ रहीं रोडवेज बसें
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 10 Apr 2026 01:25 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पिथौरागढ़। पर्वतीय डिपो की कई रोडवेज बसों को दौड़ाया तो मैदानी क्षेत्रों में जा रहा है लेकिन उनका संचालन पर्वतीय डिपो से ही दिखाया जा रहा है।
मानक पूरा कर चुकीं पिथौरागढ़ और लोहाघाट डिपो की 20 से अधिक बसाें को पिछले दिनों परिवहन निगम के मंडल कार्यालय टनकपुर भेज दिया गया था। इनके स्थान पर पर्वतीय डिपो नई बसें नहीं मिल पाई हैं जबकि पहाड़ के डिपो सहित पूरे मंडल में नई बसों की लंबे समय से जरूरत बनी हुई है। गौरतलब है कि पहाड़ में मानक पूरे कर चुकीं पिथौरागढ़ डिपो की 10 और लोहाघाट डिपो की 10 से अधिक बसों को पिछले दिनों टनकपुर भेजा गया था।
दिलचस्प बात यह है कि मानक पूरे कर चुकी और मैदानी क्षेत्रों में चलाई जा रही इन बसों का संचालन अभी भी पिथौरागढ़ और लोहाघाट डिपो से ही दिखाया जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि कहीं ऐसा आंकड़ों के खेल से और कागजों को बेहतर करने के लिए तो नहीं किया जा रहा। सवाल यह भी है कि इन बसों को मैदानी क्षेत्र के लिए पर्वतीय डिपो से ही संचालित किया जाता तो पहाड़ के लोगों को भी उसका फायदा मिलता।
यदि मैदानी क्षेत्रों में ही उनका संचालन किया जाना है तो उन्हें पूरी तरह उन्हीं डिपो के हवाले कर दिया जाना चाहिए। वहीं पिथौरागढ़ डिपो को ही विभिन्न रूटों पर संचालन व्यवस्थित और बेहतर करने के लिए अभी भी करीब 40 नई बसों की दरकार है। डिपो के बेड़े में अभी 34 नई बसें हैं और मानक पूरे कर चुकी कुछ और बसों को मंडल कार्यालय भेजे जाने की संभावना है।
--
चालकों को चार माह से नहीं मिला वेतन
विभिन्न डिपो में एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किए गए चालकों को करीब चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इस कारण चालकों के सामने घर-परिवार चलाने और स्कूलों का नया सत्र शुरू होने के समय में बच्चों के एडमिशन को लेकर भी काफी समस्याएं पैदा हो रही हैं। जानकारी के अनुसार पूरे टनकपुर मंडल में एजेंसी चालकों की संख्या करीब 50 है।
कोट
पर्वतीय डिपो की बसों को मैदानी क्षेत्र में उन्हीं डिपो के चालक चला रहे होंगे। मैदानी क्षेत्र से पहाड़ के डिपो की बसें भी संचालित होती हैं। नई बसें कब तक मिलेंगी फिलहाल यह कहा नहीं जा सकता। - एके बनवाल, आरएम, टनकपुर मंडल
Trending Videos
मानक पूरा कर चुकीं पिथौरागढ़ और लोहाघाट डिपो की 20 से अधिक बसाें को पिछले दिनों परिवहन निगम के मंडल कार्यालय टनकपुर भेज दिया गया था। इनके स्थान पर पर्वतीय डिपो नई बसें नहीं मिल पाई हैं जबकि पहाड़ के डिपो सहित पूरे मंडल में नई बसों की लंबे समय से जरूरत बनी हुई है। गौरतलब है कि पहाड़ में मानक पूरे कर चुकीं पिथौरागढ़ डिपो की 10 और लोहाघाट डिपो की 10 से अधिक बसों को पिछले दिनों टनकपुर भेजा गया था।
दिलचस्प बात यह है कि मानक पूरे कर चुकी और मैदानी क्षेत्रों में चलाई जा रही इन बसों का संचालन अभी भी पिथौरागढ़ और लोहाघाट डिपो से ही दिखाया जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि कहीं ऐसा आंकड़ों के खेल से और कागजों को बेहतर करने के लिए तो नहीं किया जा रहा। सवाल यह भी है कि इन बसों को मैदानी क्षेत्र के लिए पर्वतीय डिपो से ही संचालित किया जाता तो पहाड़ के लोगों को भी उसका फायदा मिलता।
विज्ञापन
विज्ञापन
यदि मैदानी क्षेत्रों में ही उनका संचालन किया जाना है तो उन्हें पूरी तरह उन्हीं डिपो के हवाले कर दिया जाना चाहिए। वहीं पिथौरागढ़ डिपो को ही विभिन्न रूटों पर संचालन व्यवस्थित और बेहतर करने के लिए अभी भी करीब 40 नई बसों की दरकार है। डिपो के बेड़े में अभी 34 नई बसें हैं और मानक पूरे कर चुकी कुछ और बसों को मंडल कार्यालय भेजे जाने की संभावना है।
चालकों को चार माह से नहीं मिला वेतन
विभिन्न डिपो में एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किए गए चालकों को करीब चार महीने से वेतन नहीं मिला है। इस कारण चालकों के सामने घर-परिवार चलाने और स्कूलों का नया सत्र शुरू होने के समय में बच्चों के एडमिशन को लेकर भी काफी समस्याएं पैदा हो रही हैं। जानकारी के अनुसार पूरे टनकपुर मंडल में एजेंसी चालकों की संख्या करीब 50 है।
कोट
पर्वतीय डिपो की बसों को मैदानी क्षेत्र में उन्हीं डिपो के चालक चला रहे होंगे। मैदानी क्षेत्र से पहाड़ के डिपो की बसें भी संचालित होती हैं। नई बसें कब तक मिलेंगी फिलहाल यह कहा नहीं जा सकता। - एके बनवाल, आरएम, टनकपुर मंडल