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Pithoragarh News: पिथौरागढ़ में सोलर हैंडपंपों से बुझेगी लोगों की प्यास
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 10 Mar 2026 11:09 PM IST
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पिथौरागढ़ के बिण में लगा सोलर हैंडपंप। स्रोत: जल संस्थान
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पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में गर्मियों के सीजन पेयजल की काफी दिक्कत रहती है। कुछ जगहाें पर एक दिन तो कई स्थानों पर लोगों को दो-तीन दिन छोड़कर पानी मिल पाता है। लोगों को पानी उपलब्ध कराने के लिए नगर में सात जगहों पर सोलर हैंडपंप लगाए जा रहे हैं।
नगर में प्रतिदिन 12.50 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। इसके लिए आंवलाघाट और घाट पंपिग योजना से पानी उपलब्ध कराया जाता है। गर्मियों के सीजन में लोगों को भीषण पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। इसे देखते हुए राज्य योजना में सोलर हैंडपंप लगाने के लिए 56 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि नगर के सात स्थान देव सिंह इंटर कॉलेज, केएनयू जीआईसी, डिग्री काॅलेज, बिण में छोटू पांडे की दुकान के पास, भदेलवाड़ा मैदान, प्राइमरी स्कूल टकाना के पास और ऐंचोली सुंदर नगर में सोलर हैंडपंप लगाए जा रहे हैं। इन जगहों पर पहले से ही हैंडपंप लगे थे जिन्हें सोलर से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम ने सभी जगहों का निरीक्षण कर लिया है। इन हैंडपंपों में पानी काफी है। सभी जगहों पर पांच हजार लीटर क्षमता के टैंक लगाए जा रहे हैं। इनसे लोगों को पानी उपलब्ध हो पाएगा। उन्होंने बताया कि योजनाओं से वर्तमान में पर्याप्त पानी मिल रहा है।
बाक्स
कैलाश पथ के गुंजी में पानी के लिए परेशान ग्रामीण
कैलाश यात्रा पथ के वाइब्रेंट विलेज गुंजी में ग्रामीण पिछले तीन माह से पेयजल को परेशान हैं। सड़क निर्माण के दौरान लाइन टूटने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वन सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि इस मामले को कई बार अधिकारियों के समक्ष उठाया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी कालापानी से टैंकर के जरिये ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करा रही है। बताया कि अब यात्रा सीजन शुरू होने वाला है। सर्दियों के सीजन में निचली घाटी में प्रवास पर आने वाले लोग अब ऊपरी गांव को लौटने लगे हैं। उनका कहना है कि जब ग्रामीण गांव में पहुंच जाएंगे तो उन्हें पानी की विकट समस्या का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होंगे।
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नगर में प्रतिदिन 12.50 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। इसके लिए आंवलाघाट और घाट पंपिग योजना से पानी उपलब्ध कराया जाता है। गर्मियों के सीजन में लोगों को भीषण पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। इसे देखते हुए राज्य योजना में सोलर हैंडपंप लगाने के लिए 56 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र जोशी ने बताया कि नगर के सात स्थान देव सिंह इंटर कॉलेज, केएनयू जीआईसी, डिग्री काॅलेज, बिण में छोटू पांडे की दुकान के पास, भदेलवाड़ा मैदान, प्राइमरी स्कूल टकाना के पास और ऐंचोली सुंदर नगर में सोलर हैंडपंप लगाए जा रहे हैं। इन जगहों पर पहले से ही हैंडपंप लगे थे जिन्हें सोलर से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम ने सभी जगहों का निरीक्षण कर लिया है। इन हैंडपंपों में पानी काफी है। सभी जगहों पर पांच हजार लीटर क्षमता के टैंक लगाए जा रहे हैं। इनसे लोगों को पानी उपलब्ध हो पाएगा। उन्होंने बताया कि योजनाओं से वर्तमान में पर्याप्त पानी मिल रहा है।
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कैलाश पथ के गुंजी में पानी के लिए परेशान ग्रामीण
कैलाश यात्रा पथ के वाइब्रेंट विलेज गुंजी में ग्रामीण पिछले तीन माह से पेयजल को परेशान हैं। सड़क निर्माण के दौरान लाइन टूटने से ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वन सरपंच लक्ष्मी गुंज्याल ने बताया कि इस मामले को कई बार अधिकारियों के समक्ष उठाया गया लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आईटीबीपी कालापानी से टैंकर के जरिये ग्रामीणों को पानी उपलब्ध करा रही है। बताया कि अब यात्रा सीजन शुरू होने वाला है। सर्दियों के सीजन में निचली घाटी में प्रवास पर आने वाले लोग अब ऊपरी गांव को लौटने लगे हैं। उनका कहना है कि जब ग्रामीण गांव में पहुंच जाएंगे तो उन्हें पानी की विकट समस्या का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र पेयजल समस्या का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होंगे।