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Pithoragarh News: मंदाकिनी नदी के शोर से उड़ जाती है देवीबगड़ के ग्रामीणों की नींद

Fri, 31 Jul 2026 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Fri, 31 Jul 2026 11:08 PM IST
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The roar of the Mandakini River deprives the villagers of Devibagar of sleep
बंगापानी (पिथौरागढ़)। मदकोट कस्बे के देवीबगड़ में मंदाकिनी नदी के लगातार हो रहे कटाव से 22 परिवार खतरे की जद में आ गए हैं। नदी की तेज धारा से सिंचाई विभाग और बीआरओ की ओर से सुरक्षा के लिए लगाए गए क्रेटवाल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अब नदी ने दोबारा जमीन का कटाव शुरू कर दिया है। ग्रामीणों को आशंका है कि एक-दो दिन लगातार बारिश हुई तो नदी आबादी के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।
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देवीबगड़ में मकानों और नदी के बीच अब काफी कम दूरी बची है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बरसात में नदी के कटाव से हल्का नुकसान हुआ था लेकिन इस बार खतरा सीधे मकानों पर मंडरा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव भी तेज हो जाता है। इससे लोगों में दहशत का माहौल है और वे रात में भी चैन से नहीं सो पा रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछली बरसात के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाते तो दोबारा ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। उनका आरोप है कि विभाग क्रेटवाल बनाकर जिम्मेदारी पूरी कर देता है, लेकिन इनके क्षतिग्रस्त होने के बाद समय रहते मरम्मत नहीं की जाती। उन्होंने नदी के कटाव को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है।
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ये परिवार हैं खतरे की जद में
विजय सिंह राणा, केदार सिंह पांगती, बृजेश धर्मशक्तू, चंद्र सिंह कोरंगा, तेज सिंह धर्मशक्तू, उत्तम सिंह, बहादुर सिंह, नरेंद्र रावत, हयात सिंह कोरंगा, भूपाल सिंह धर्मशक्तू, लक्ष्मण कोरंगा, मथुरा देवी, भीम सिंह भंडारी, आदित्य बिष्ट, गिरीश बिष्ट, भगत राम, डीला देवी, जानकी देवी, बेलमती देवी, लक्ष्मण सिंह मेहता, गंगा सिंह पांगती और यशवंत मेहता।


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मंदाकिनी नदी के कटाव से देवीबगड़ को बचाने के लिए योजना बनाई गई है जिसे सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। फिलहाल क्रेटवाल लगाकर बचाव कार्य किया जाएगा। -कमलेश सिंह बोरा, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग
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