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Pithoragarh News: जागर में सुनाई कौरव सेनापति द्रोणाचार्य के वध की कथा
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:37 PM IST
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चहज के पांडव मंदिर में जागर कथा सुनते श्रोता। स्रोत: आयोजक
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गंगोलीहाट (पिथौरागढ़) । चहज के पांडव मंदिर में आयोजित जागर गाथा सुनने के लिए श्रोताओं की भीड़ उमड़ रही है। जगरिया इंद्र सिंह भंडारी, पूरन सिंह भंडारी ने 19 वें दिन महाभारत की कथा सुनाते हुए कहा कि द्रोणाचार्य की मृत्यु युद्ध के 15 वें दिन हुई। श्री कृष्ण और पांडवों की ओर से रणनीति के तहत अफवाह फैलाई कि उनका पुत्र अश्वत्थामा मारा गया है। इससे दुखी होकर द्रोण ने अपने शस्त्र त्याग ध्यान मग्न हो गए।
तभी धृष्टद्युम्न ने उनका सिर काट दिया जो युद्ध के नियमों के विरुद्ध था। युद्ध के दौरान द्रोणाचार्य कौरवों के सेनापति थे और पांडवों पर भारी पड़ रहे थे।
श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर को द्रोण को हराने के लिए छल का सहारा लेने को कहा। भीम ने अवंतिराज के एक हाथी जिसका नाम अश्वत्थामा था का वध किया। यह खबर फैला दी कि अश्वत्थामा मारा गया है।
जब द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर से सत्य पूछा तो उन्होंने कहा अश्वत्थामा मारा गया पर हाथी। युधिष्ठिर के यह कहते ही श्री कृष्ण ने शंख बजाया, जिससे द्रोणाचार्य को आखिरी शब्द सुनाई नहीं दिए और उन्हें लगा कि उनका पुत्र अश्वत्थामा सच में मारा गया है।
इस मौके पर लक्ष्मण सिंह, जागर कमेटी अध्यक्ष षष्ठी बल्लभ जोशी, व्यवस्थापक प्रकाश चंद्र जोशी, दिनेश जोशी, राजू जोशी, महिपाल बुंगला, धीरज बिष्ट, कंचन जोशी समेत कई श्रोता मौजूद रहे।
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तभी धृष्टद्युम्न ने उनका सिर काट दिया जो युद्ध के नियमों के विरुद्ध था। युद्ध के दौरान द्रोणाचार्य कौरवों के सेनापति थे और पांडवों पर भारी पड़ रहे थे।
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श्री कृष्ण ने युधिष्ठिर को द्रोण को हराने के लिए छल का सहारा लेने को कहा। भीम ने अवंतिराज के एक हाथी जिसका नाम अश्वत्थामा था का वध किया। यह खबर फैला दी कि अश्वत्थामा मारा गया है।
जब द्रोणाचार्य ने युधिष्ठिर से सत्य पूछा तो उन्होंने कहा अश्वत्थामा मारा गया पर हाथी। युधिष्ठिर के यह कहते ही श्री कृष्ण ने शंख बजाया, जिससे द्रोणाचार्य को आखिरी शब्द सुनाई नहीं दिए और उन्हें लगा कि उनका पुत्र अश्वत्थामा सच में मारा गया है।
इस मौके पर लक्ष्मण सिंह, जागर कमेटी अध्यक्ष षष्ठी बल्लभ जोशी, व्यवस्थापक प्रकाश चंद्र जोशी, दिनेश जोशी, राजू जोशी, महिपाल बुंगला, धीरज बिष्ट, कंचन जोशी समेत कई श्रोता मौजूद रहे।