{"_id":"6995f2176129e9af3002a671","slug":"the-weather-in-the-border-region-has-changed-again-clouds-have-gathered-and-the-chill-has-increased-pithoragarh-news-c-230-1-pth1019-138412-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: सीमांत में मौसम ने फिर से बदली करवट, छाए बादल तो बढ़ी ठिठुरन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: सीमांत में मौसम ने फिर से बदली करवट, छाए बादल तो बढ़ी ठिठुरन
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Wed, 18 Feb 2026 10:38 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ में छाए बादल। संवाद
विज्ञापन
पिथौरागढ़/धारचूला। सीमांत जिले में मौसम ने एक बार फिर से करवट बदल ली है। आसमान बादलों से घिर गया है। बर्फ से आच्छादित हिमालयी चोटियां पूरी तरह ढक गई हैं। बारिश और बर्फबारी की संभावना बन रही है। उच्च हिमालयी गांवों में ठंड फिर से लौट आई है।
पिछले एक हफ्ते से अच्छी धूप खिलने से तापमान में भी वृद्धि हो गई थी। लोगों ने गर्म कपड़ों को समेटना भी शुरू कर दिया था। ऐसा लग रहा था कि होली तक इस बार अच्छी-खासी गर्मी शुरू हो जाएगी लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बदरा फिर से छा गए हैं। मंगलवार को जहां अधिकतम तापमान 19 डिग्री तक पहुंच गया था वहीं बुधवार को पारा दो डिग्री तक लुढ़क गया। रात के तापमान में भी गिरावट आ गई है। सुबह के समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
उधर धारचूला में भी बादल छाए रहे। उच्च हिमालयी क्षेत्र दारमा और व्यास घाटी में भी आसमान पूरी तरह बादलों से घिरा रहा। वसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को क्षेत्र में काफी बर्फबारी हुई थी। क्षेत्र में एक बार फिर से बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। व्यास घाटी के कुटी को छोड़कर अन्य सभी छह गांवों के लोग इस समय सड़क निर्माण कार्य के चलते गांव में ही है।
उधर दारमा घाटी के सभी 14 गांवों के लोग निचली घाटियों में प्रवास पर हैं। ग्रिफ के मेट कविंद्र सिंह नगन्याल ने बताया कि घाटी पूरी तरह बादलों के आगोश में हैं। इससे सड़क निर्माण में जुटे मजदूरों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मुनस्यारी में भी बादल छाए रहने से ठंड का प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है।
Trending Videos
पिछले एक हफ्ते से अच्छी धूप खिलने से तापमान में भी वृद्धि हो गई थी। लोगों ने गर्म कपड़ों को समेटना भी शुरू कर दिया था। ऐसा लग रहा था कि होली तक इस बार अच्छी-खासी गर्मी शुरू हो जाएगी लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बदरा फिर से छा गए हैं। मंगलवार को जहां अधिकतम तापमान 19 डिग्री तक पहुंच गया था वहीं बुधवार को पारा दो डिग्री तक लुढ़क गया। रात के तापमान में भी गिरावट आ गई है। सुबह के समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर धारचूला में भी बादल छाए रहे। उच्च हिमालयी क्षेत्र दारमा और व्यास घाटी में भी आसमान पूरी तरह बादलों से घिरा रहा। वसंत पंचमी के दिन 23 जनवरी को क्षेत्र में काफी बर्फबारी हुई थी। क्षेत्र में एक बार फिर से बर्फबारी की संभावना जताई जा रही है। व्यास घाटी के कुटी को छोड़कर अन्य सभी छह गांवों के लोग इस समय सड़क निर्माण कार्य के चलते गांव में ही है।
उधर दारमा घाटी के सभी 14 गांवों के लोग निचली घाटियों में प्रवास पर हैं। ग्रिफ के मेट कविंद्र सिंह नगन्याल ने बताया कि घाटी पूरी तरह बादलों के आगोश में हैं। इससे सड़क निर्माण में जुटे मजदूरों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। मुनस्यारी में भी बादल छाए रहने से ठंड का प्रकोप फिर से बढ़ने लगा है।