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Pithoragarh News: कैलाश यात्रा मार्ग पर पांच घंटे बाद शुरू हो सकी आवाजाही
Mon, 03 Aug 2026 11:31 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 03 Aug 2026 11:31 PM IST
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धारचूला के तवाघाट-गुंजी सड़क के मलघाट से मलबा हटाता जेसीबी चालक।
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पिथौरागढ़/धारचूला। चीन सीमा के गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर पांच घंटे बाद आवाजाही शुरू होने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। उधर, मुनस्यारी-मिलम सड़क रविवार अपराह्न तीन बजे से बंद चल रही है।
धारचूला-तवाघाट और तवाघाट-गुंजी सड़क पर सोमवार सुबह पांच बजे कूलागाड़, मलघाट पर पहाड़ी से मलबा, बोल्डर गिर गया। दोनों ही जगहों पर लगातार पहाड़ी दरक रही है। इससे दारमा, व्यास, चौंदास घाटी और कैलाश यात्रियों का आवागमन बाधित हो जा रहा है। सूचना पर बीआरओ कार्मिकों ने कूलागाड़ और मलघाट से मलबा, बोल्डर हटाकर करीब 10 बजे यातायात सुचारु कराया। यातायात शुरू होने के बाद सड़क के दोनों ओर फंसे वाहन अपने-अपने गंतव्य को पहुंचे। उधर मुनस्यारी-मिलम सड़क भी मलबा, बोल्डर आने से बंद है। बीआरओ ने रविवार दोपहर दो बजे सड़क पर यातायात सुचारु कर दिया था। एक घंटे बाद ही सड़क फिर से बंद हो गई। बीआरओ के श्रमिक सड़क खोलने में जुटे हैं। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की 16 सड़कों पर भी आवाजाही बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ड्योरा-बारमो, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक, बांसबगड़-धामी गांव, एलागाड़-जुम्मा, घट्टाबगड़-तांकुल, बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, कालिका-खुमती, डीडीहाट-आदिचौरा-सिन्नी, सोसा-सिर्खा-सिंर्दांग सड़कें मलबा आने से बंद हैं। इनके अलावा नाचनी-भैंसकोट, छेड़ा-आगर, छोटी पांगला-जयकोट-कुरीला, बगीचा-सिन्याखोला, गिनीबैंड-समकोट, मुवानी-आलम दारमा सड़कें मलबा, बोल्डर आने से बंद हैं। इनमें कई सड़कें काफी समय से बंद होने से ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने शीघ्र सड़कों पर यातायात सुचारु किए जाने की मांग की है।
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धारचूला-तवाघाट और तवाघाट-गुंजी सड़क पर सोमवार सुबह पांच बजे कूलागाड़, मलघाट पर पहाड़ी से मलबा, बोल्डर गिर गया। दोनों ही जगहों पर लगातार पहाड़ी दरक रही है। इससे दारमा, व्यास, चौंदास घाटी और कैलाश यात्रियों का आवागमन बाधित हो जा रहा है। सूचना पर बीआरओ कार्मिकों ने कूलागाड़ और मलघाट से मलबा, बोल्डर हटाकर करीब 10 बजे यातायात सुचारु कराया। यातायात शुरू होने के बाद सड़क के दोनों ओर फंसे वाहन अपने-अपने गंतव्य को पहुंचे। उधर मुनस्यारी-मिलम सड़क भी मलबा, बोल्डर आने से बंद है। बीआरओ ने रविवार दोपहर दो बजे सड़क पर यातायात सुचारु कर दिया था। एक घंटे बाद ही सड़क फिर से बंद हो गई। बीआरओ के श्रमिक सड़क खोलने में जुटे हैं। इनके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की 16 सड़कों पर भी आवाजाही बंद होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ड्योरा-बारमो, सोबला-उमचिया, होकरा-नामिक, बांसबगड़-धामी गांव, एलागाड़-जुम्मा, घट्टाबगड़-तांकुल, बांसबगड़-कोटा पंद्रहपाला, कालिका-खुमती, डीडीहाट-आदिचौरा-सिन्नी, सोसा-सिर्खा-सिंर्दांग सड़कें मलबा आने से बंद हैं। इनके अलावा नाचनी-भैंसकोट, छेड़ा-आगर, छोटी पांगला-जयकोट-कुरीला, बगीचा-सिन्याखोला, गिनीबैंड-समकोट, मुवानी-आलम दारमा सड़कें मलबा, बोल्डर आने से बंद हैं। इनमें कई सड़कें काफी समय से बंद होने से ग्रामीण परेशान हैं। उन्होंने शीघ्र सड़कों पर यातायात सुचारु किए जाने की मांग की है।
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