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Pithoragarh News: बेड़ीनाग में परीक्षा देने पहुंची दो छात्राएं ठंड से हुई बेहोश
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Fri, 09 Jan 2026 11:26 PM IST
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बेड़ीनाग(पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में कड़ाके की ठंड के बीच परीक्षा देना विद्यार्थियों को भारी पड़ रहा है। बेड़ीनाग महाविद्यालय में परीक्षा देने पहुंचीं दो छात्राएं ठंड से बेहोश हो गईं। बेसुध छात्राओं को देख महाविद्यालय प्रबंधन के पसीने छूट गए। अभिभावकों को महाविद्यालय बुलाकर छात्राओं को धूप के दर्शन कराते हुए गर्म चाय पिलाई गई। तब जाकर छात्राएं होश में आईं और सभी ने राहत की सांस ली।
अभिभावकों ने कड़ाके की ठंड में परीक्षा कराने का विरोध किया। बेड़ीनाग महाविद्यालय में इन दिनों सुबह नौ बजे से माइनस चार डिग्री तापमान के बीच बीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा चल रही है। शुक्रवार सुबह विद्यार्थी कक्षों में परीक्षा देने बैठे। इसी बीच ठंड अधिक होने से दो छात्राएं बेहोश होकर कुर्सी से नीचे गिर गईं तो परीक्षकों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना पर प्राचार्य सहित अभिभावक कक्ष में पहुंचे। दोनों छात्राओं को धूप में ले जाया गया और गर्म चाय पिलाई गई। करीब आधे घंटे बाद दोनों छात्राओं की हालत सामान्य हुई, इससे सभी ने राहत की सांस ली। विद्यार्थियों ने बताया कि सुबह के समय कड़ाके की ठंड में महाविद्यालय के कक्षों में कलम पकड़कर लिखना मुश्किल हो रहा है। महाविद्यालय प्रबंधन विश्वविद्यालय की तरफ से परीक्षा कार्यक्रम जारी होने की बात कर रहा है।
कक्षों में विद्यार्थियों को ठंड से बचाने के लिए हीटर तक नहीं
माइनस चार डिग्री में हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच विद्यार्थी बंद कक्षों में कैसे परीक्षा दे रहे होंगे, यह आसानी से समझा जा सकता है। महाविद्यालय प्रबंधन सबकुछ जानते हुए भी विद्यार्थियों को राहत पहुंचाने के लिए उचित इंतजाम नहीं कर रहा है। कक्षों में विद्यार्थियों के लिए हीटर तक भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए कलम पकड़कर कॉपी में उत्तर लिखना चुनौती बन रहा है।
अभिभावकों ने किया ठंड में परीक्षा कराने का विरोध
कड़ाके की ठंड में परीक्षा कराने से अभिभावकों में आक्रोश है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष हेम पंत, चारू पंत, महेश कार्की सहित अन्य अभिभावकों ने कहा कि यह विद्यार्थियों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। ठंड के चलते विद्यार्थी बेहोश हो रहे हैं। ऐसे में यदि किसी भी विद्यार्थी का स्वास्थ्य खराब हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उच्च शिक्षा विभाग की होगी।
कोट
यहां के मौसम और तापमान को देखते हुए ठंड में परीक्षा न कराए जाने संबंधी पत्र उच्च शिक्षा सचिव और कुलपति को भेजा गया है। निश्चित तौर पर यह समय परीक्षा कराने के लिए उचित नहीं है। विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा कराई जा रही है। - प्रो.बीएम पांडे, प्राचार्य, बेड़ीनाग महाविद्यालय
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अभिभावकों ने कड़ाके की ठंड में परीक्षा कराने का विरोध किया। बेड़ीनाग महाविद्यालय में इन दिनों सुबह नौ बजे से माइनस चार डिग्री तापमान के बीच बीए प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा चल रही है। शुक्रवार सुबह विद्यार्थी कक्षों में परीक्षा देने बैठे। इसी बीच ठंड अधिक होने से दो छात्राएं बेहोश होकर कुर्सी से नीचे गिर गईं तो परीक्षकों के हाथ-पांव फूल गए। सूचना पर प्राचार्य सहित अभिभावक कक्ष में पहुंचे। दोनों छात्राओं को धूप में ले जाया गया और गर्म चाय पिलाई गई। करीब आधे घंटे बाद दोनों छात्राओं की हालत सामान्य हुई, इससे सभी ने राहत की सांस ली। विद्यार्थियों ने बताया कि सुबह के समय कड़ाके की ठंड में महाविद्यालय के कक्षों में कलम पकड़कर लिखना मुश्किल हो रहा है। महाविद्यालय प्रबंधन विश्वविद्यालय की तरफ से परीक्षा कार्यक्रम जारी होने की बात कर रहा है।
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कक्षों में विद्यार्थियों को ठंड से बचाने के लिए हीटर तक नहीं
माइनस चार डिग्री में हाड़ कंपाने वाली ठंड के बीच विद्यार्थी बंद कक्षों में कैसे परीक्षा दे रहे होंगे, यह आसानी से समझा जा सकता है। महाविद्यालय प्रबंधन सबकुछ जानते हुए भी विद्यार्थियों को राहत पहुंचाने के लिए उचित इंतजाम नहीं कर रहा है। कक्षों में विद्यार्थियों के लिए हीटर तक भी व्यवस्था नहीं है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए कलम पकड़कर कॉपी में उत्तर लिखना चुनौती बन रहा है।
अभिभावकों ने किया ठंड में परीक्षा कराने का विरोध
कड़ाके की ठंड में परीक्षा कराने से अभिभावकों में आक्रोश है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष हेम पंत, चारू पंत, महेश कार्की सहित अन्य अभिभावकों ने कहा कि यह विद्यार्थियों की सेहत के साथ खिलवाड़ है। ठंड के चलते विद्यार्थी बेहोश हो रहे हैं। ऐसे में यदि किसी भी विद्यार्थी का स्वास्थ्य खराब हुआ तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उच्च शिक्षा विभाग की होगी।
कोट
यहां के मौसम और तापमान को देखते हुए ठंड में परीक्षा न कराए जाने संबंधी पत्र उच्च शिक्षा सचिव और कुलपति को भेजा गया है। निश्चित तौर पर यह समय परीक्षा कराने के लिए उचित नहीं है। विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा कराई जा रही है। - प्रो.बीएम पांडे, प्राचार्य, बेड़ीनाग महाविद्यालय