Pithoragarh: ओगला में शराब की दुकान के विरोध में महिलाओं ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, किया प्रदर्शन
पिथौरागढ़ जिले के ओगला और तवाघाट में प्रस्तावित शराब की दुकानों के विरोध में महिलाओं और ग्रामीणों ने आंदोलन तेज कर दिया है। नई दुकान खोलने के फैसले को रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
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पिथौरागढ़ जिले के ओगला में इस सत्र से शराब की नई दुकान का आवंटन होने के विरोध में महिलाओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्राम प्रधान गीता देवी के नेतृत्व में क्षेत्र की महिलाओं ने ओगला में खोली जा रही अंग्रेजी शराब की दुकान को निरस्त करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कहा कि शराब के कारण पहले ही क्षेत्र का माहौल काफी खराब है। अब सरकार नई दुकान खोल कर युवा पीढ़ी का भविष्य भी बर्बाद करना चाहती है। उन्होंने कहा कि शराब की दुकान के बजाय सरकार को युवाओं को रोजगार और विकास कार्यों के लिए बेहतर प्रयास करने चाहिए। स संबंध में महिलाओं ने डीडीहाट पहुंच कर सीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार पिंकी आर्या को सौंपा।
महिलाओं ने कहा है कि ओगला, आदि कैलाश यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यहां देश-विदेश के पर्यटक आते हैं। महिलाओं का कहना था कि सरकार ओगला क्षेत्र का विकास नहीं कर रही बल्कि शराब की दुकान खोल कर युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने का प्रयास कर रही है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि यहां की शराब की दुकान का आवंटन रद्द नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
तवाघाट में शराब की दुकान के विराेध में ग्रामीणों का क्रमिक अनशन शुरू
पिथौरागढ़ जिले के तवाघाट में प्रस्तावित शराब की दुकान के विरोध में क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि तवाघाट क्षेत्र काली और धौली नदी का संगम पर के साथ पंचाचूली, नारायण आश्रम और कैलाश मानसरोवर का मुख्य मार्ग है। ऐसे में यहां शराब की दुकान का टेंडर निरस्त किया जाना चाहिए।
बृहस्पतिवार को सैमजी मैया के प्रांगण में सीमांत संघर्ष समिति के बैनर तले क्षेत्रवासी क्रमिक अनशन पर बैठे। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्रवासियों ने पूर्व में डीएम और आबकारी विभाग को पत्र भेज कर क्षेत्र में शराब की दुकान नहीं खोले जाने की मांग की थी लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
वक्ताओं ने कहा कि मांग की अनदेखी के विरोध में ग्राम सभा स्यांकुरी, खेला, गर्गुवा, जम्कू, खेत, गस्कू पांगला और जयकोट के जनप्रतिनिधि और अन्य संगठनों से जुड़े लोगों ने आंदोलन शुरू किया है। वहां संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं खेला के क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश वर्मा, गर्गुवा से कविंद्र वर्मा और अन्य गांवों के संदीप सिंह, जगत वर्मा, विनय ह्यांकी, विनोद सिंह और जम्कू के ग्राम प्रधान हरीश राम जम्काल आदि शामिल रहे।