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Rishikesh News: नीर वाटरफॉल मार्ग बदहाल, जोखिम में पर्यटकों की जान
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 25 Feb 2026 02:56 AM IST
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प्रसिद्ध नीर वाटरफॉल तक जाने वाले दो किलोमीटर के बदहाल मार्ग को तत्काल दुरुस्त करने की आवश्यकता है। गड्ढों से भरी सड़क, टूटे पुश्ते, मलबे और बैरिकेडिंग के अभाव से पर्यटकों की जान जोखिम में है। प्रशासन को मलबे की सफाई, सड़क मरम्मत और सुरक्षा बैरियर लगाने की कार्यवाही तुरंत करनी चाहिए
बदरीनाथ हाईवे से नीर झरने की ओर जाने वाली 12 किलोमीटर रोड की हालत जर्जर है। 2012 में लोनिवि से यह सड़क पीएमजीएसवाई नरेंद्रनगर के सुपुर्द हुई थी। तब पीएमजीएसवाई नरेंद्रनगर की ओर से इस सड़क पर डामर बिछाने के साथ ही टूटे पुश्ते लगाए गए थे।
2017 से रोड की सुध नहीं ली गई। पिछले साल 2025 में यह रोड पीएमजीएसवाई से लोनिवि नरेंद्रनगर के सुपुर्द हुई। उसके बाद लोनिवि ने इसकी सुध नहीं ली। बदरीनाथ हाईवे पर स्थित नीरगड्डू गदेरे से करीब 500 मीटर दूरी पर नीर वाटरफाॅल विकास समिति के टिकट घर तक दो पुश्ते टूटे पड़े हैं।
सड़क किनारे बरसात में रोड कटाव हुआ था, उसका भी भरान नहीं हुआ। टिकट घर से आगे मोड़ पर मलबा पड़ा है और पुश्ते टूटे हैं। सड़क पर पड़े मलबे को नहीं हटाया गया है। इससे कई स्थानों पर सड़क संकरी हो गई। सड़क किनारे लोहे के बैरिकेडिंग नहीं हैं व मील पत्थर भी गायब हैं।
रोड नीर वाटरफॉल, क्यार्की गांव, कुई, कसेट होते हुए नीर गांव पहुंचती है। सड़क पर डामर उखड़ने के बाद बजरी ही बजरी नजर आती है। स्थानीय निवासी त्रिलोक रावत, मुकेश कैंतुरा, विकास कैंतुरा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की ओर से इस रोड की सुध न लिए जाने से पर्यटकों को परेशानी हो रही है। सड़क की स्थिति सुधारने के लिए अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कोट-
नीर वाटरफॉल से नीर गांव तक जाने वाली सड़क की मरम्मत के लिए कुंभ मेला से 16 करोड़ का बजट मांगा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर किए जाएंगे। - नितीश बडोनी, अपर सहायक अभियंता, लोनिवि नरेंद्रनगर
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बदरीनाथ हाईवे से नीर झरने की ओर जाने वाली 12 किलोमीटर रोड की हालत जर्जर है। 2012 में लोनिवि से यह सड़क पीएमजीएसवाई नरेंद्रनगर के सुपुर्द हुई थी। तब पीएमजीएसवाई नरेंद्रनगर की ओर से इस सड़क पर डामर बिछाने के साथ ही टूटे पुश्ते लगाए गए थे।
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2017 से रोड की सुध नहीं ली गई। पिछले साल 2025 में यह रोड पीएमजीएसवाई से लोनिवि नरेंद्रनगर के सुपुर्द हुई। उसके बाद लोनिवि ने इसकी सुध नहीं ली। बदरीनाथ हाईवे पर स्थित नीरगड्डू गदेरे से करीब 500 मीटर दूरी पर नीर वाटरफाॅल विकास समिति के टिकट घर तक दो पुश्ते टूटे पड़े हैं।
सड़क किनारे बरसात में रोड कटाव हुआ था, उसका भी भरान नहीं हुआ। टिकट घर से आगे मोड़ पर मलबा पड़ा है और पुश्ते टूटे हैं। सड़क पर पड़े मलबे को नहीं हटाया गया है। इससे कई स्थानों पर सड़क संकरी हो गई। सड़क किनारे लोहे के बैरिकेडिंग नहीं हैं व मील पत्थर भी गायब हैं।
रोड नीर वाटरफॉल, क्यार्की गांव, कुई, कसेट होते हुए नीर गांव पहुंचती है। सड़क पर डामर उखड़ने के बाद बजरी ही बजरी नजर आती है। स्थानीय निवासी त्रिलोक रावत, मुकेश कैंतुरा, विकास कैंतुरा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की ओर से इस रोड की सुध न लिए जाने से पर्यटकों को परेशानी हो रही है। सड़क की स्थिति सुधारने के लिए अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिए गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोट-
नीर वाटरफॉल से नीर गांव तक जाने वाली सड़क की मरम्मत के लिए कुंभ मेला से 16 करोड़ का बजट मांगा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर किए जाएंगे। - नितीश बडोनी, अपर सहायक अभियंता, लोनिवि नरेंद्रनगर