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Rishikesh News: पीपल वृक्ष को कटने से बचाने के लिए पहुंची तीन विभागों की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Sun, 22 Feb 2026 02:52 AM IST
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रानीपोखरी में स्व. राजेंद्र शाह इंटर कॉलेज के सामने हाईवे किनारे चौड़ीकरण की जद में आ रहे करीब सौ वर्ष पुराने पीपल वृक्ष को कटने से बचाने के लिए विभागीय टीम ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। मौके पर ग्राम प्रधान और अन्य लोग मौजूद रहे।
अमर उजाला में प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद शनिवार को वन विभाग, वन विकास निगम, हाईवे और जनप्रतिनिधियों ने पीपल वृक्ष का निरीक्षण किया। उसके बाद तय किया कि पीपल वृक्ष को हाईवे चौड़ीकरण की जद में आने से बचाया जा सकता है। इसकी रिपोर्ट बनाकर वन विभाग और हाईवे अधिकारियों ने अपने बड़े अधिकारियों को भेज दी है।
बड़कोट रेंजर धीरज रावत ने बताया कि वन विभाग, एनएच, वन विकास निगम और जनप्रतिनिधियों ने पीपल वृक्ष को बचाने के लिए मौके का निरीक्षण किया है। जिसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। वृक्ष काफी पुराना है। जिसको शिफ्ट करना फिलहाल संभव नहीं लग रहा है। इसलिए इसको कटने से बचाने के लिए मंथन किया जा रहा है।
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कटने से बचाने के लिए पेड़ से लिपट गए थे अधिवक्ता
रानीपोखरी में हाईवे चौड़ीकरण की जद में आ रहे करीब 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को कटने से बचाने के लिए एडवोकेट और समाजसेवी लक्ष्मी प्रसाद बहुगुणा शुक्रवार को पेड़ से लिपट गए थे। कुछ देर बाद वहीं पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर धरने पर बैठ गए। विरोध के बाद वन विभाग की टीम ने पेड़ काटना बंद कर दिया था। उनकी मांग है कि पेड़ को काटने के बजाय इसको कहीं शिफ्ट किया जाए। उल्लेखनीय है कि भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग को फोरलेन बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसमें करीब सात हजार से अधिक दशकों पुराने हरे पेड़ काटे जाने प्रस्तावित हैं। जनहित याचिका के कारण फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन सिविल भूमि पर पेड़ कटान का काम शुरू किया जा चुका है।
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बड़कोट रेंजर धीरज रावत ने बताया कि वन विभाग, एनएच, वन विकास निगम और जनप्रतिनिधियों ने पीपल वृक्ष को बचाने के लिए मौके का निरीक्षण किया है। जिसकी रिपोर्ट बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। वृक्ष काफी पुराना है। जिसको शिफ्ट करना फिलहाल संभव नहीं लग रहा है। इसलिए इसको कटने से बचाने के लिए मंथन किया जा रहा है।
कटने से बचाने के लिए पेड़ से लिपट गए थे अधिवक्ता
रानीपोखरी में हाईवे चौड़ीकरण की जद में आ रहे करीब 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को कटने से बचाने के लिए एडवोकेट और समाजसेवी लक्ष्मी प्रसाद बहुगुणा शुक्रवार को पेड़ से लिपट गए थे। कुछ देर बाद वहीं पेड़ के नीचे बने चबूतरे पर धरने पर बैठ गए। विरोध के बाद वन विभाग की टीम ने पेड़ काटना बंद कर दिया था। उनकी मांग है कि पेड़ को काटने के बजाय इसको कहीं शिफ्ट किया जाए। उल्लेखनीय है कि भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग को फोरलेन बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसमें करीब सात हजार से अधिक दशकों पुराने हरे पेड़ काटे जाने प्रस्तावित हैं। जनहित याचिका के कारण फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है लेकिन सिविल भूमि पर पेड़ कटान का काम शुरू किया जा चुका है।