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Rishikesh News: अतिक्रमण हटाने गई टीम का विरोध, बैरंग लौटी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:34 AM IST
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नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम स्थानीय लोगों के भारी विरोध के चलते बैरंग लौट गई। विभागीय अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को 15 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। अतिक्रमण हटाने का विरोध करने वालों में कई सभासद व उनके पति भी शामिल थे।
बुधवार को यमकेश्वर एसडीएम चतर सिंह चौहान के नेतृत्व में नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक और थाना लक्ष्मणझूला की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर जैसे ही लक्ष्मणझूला थाने के समीप पुलिया पर अतिक्रमण हटाने पहुंची। देखते-देखते वहां स्थानीय लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोगों ने नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
निकाय के वार्ड नंबर तीन सभासद जितेंद्र धाकड़, वार्ड नंबर एक के सभासद पति विकास भंडारी, वार्ड नंबर दो के सभासद पति जीतू अवस्थी, पूर्व सभासद नवीन राणा, नवनीत राजपूत, मनीष राजपूत आदि ने टीम का विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अतिक्रमण हटाने के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन नियमानुसार अतिक्रमण हटाएं।
अतिक्रमण हटाने का काम बीच से शुरू नहीं होता है। प्रशासन जानकी सेतु या गरूड़चट्टी से अतिक्रमण हटाना शुरू करें। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग कुछ चुनिंदा लोगों को चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने का प्रयास कर रही है, जो गलत है। नवीन राणा ने एसडीएम को बताया कि स्वर्गाश्रम गद्दी के समीप सड़क किनारे एक नामी आश्रम की ओर से दुकानों का निर्माण किया गया है। उन्होंने शासन प्रशासन से कई बार पत्राचार कर अतिक्रमण हटाने की मांग की।
आरोप लगाया कि विभाग अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब लोगों की रेहड़ी, ठेलियां तोड़कर रस्म अदायगी निभा रही है। क्षेत्र में यदि अतिक्रमण हटेगा तो नियमानुसार हटेगा, नहीं तो अतिक्रमण हटाओ टीम को बार-बार विरोध का सामना करना पड़ेगा। इस मौके पर महेश नागर, प्रेम कुमार आदि मौजूद रहे।
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कोट
निकाय क्षेत्र में करीब 50 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। प्रशासन की टीम उन चिह्नित अतिक्रमण को ही हटाने के लिए गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के आक्रोश के चलते उन्हें अभियान रोकना पड़ा। अतिक्रमणकारियों को 15 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो वह नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। - चतर सिंह चौहान, एसडीएम यमकेश्वर
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निकाय क्षेत्र में पसरे अतिक्रमण को चिह्नित किया जाएगा। 15 दिन का समय दिया गया है। उसके बाद फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। - दीपक शर्मा, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक
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बुधवार को यमकेश्वर एसडीएम चतर सिंह चौहान के नेतृत्व में नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक और थाना लक्ष्मणझूला की संयुक्त टीम जेसीबी लेकर जैसे ही लक्ष्मणझूला थाने के समीप पुलिया पर अतिक्रमण हटाने पहुंची। देखते-देखते वहां स्थानीय लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोगों ने नारेबाजी कर आक्रोश जताया।
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निकाय के वार्ड नंबर तीन सभासद जितेंद्र धाकड़, वार्ड नंबर एक के सभासद पति विकास भंडारी, वार्ड नंबर दो के सभासद पति जीतू अवस्थी, पूर्व सभासद नवीन राणा, नवनीत राजपूत, मनीष राजपूत आदि ने टीम का विरोध कर दिया। उन्होंने कहा कि वह अतिक्रमण हटाने के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग है कि प्रशासन नियमानुसार अतिक्रमण हटाएं।
अतिक्रमण हटाने का काम बीच से शुरू नहीं होता है। प्रशासन जानकी सेतु या गरूड़चट्टी से अतिक्रमण हटाना शुरू करें। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग कुछ चुनिंदा लोगों को चिह्नित कर अतिक्रमण हटाने का प्रयास कर रही है, जो गलत है। नवीन राणा ने एसडीएम को बताया कि स्वर्गाश्रम गद्दी के समीप सड़क किनारे एक नामी आश्रम की ओर से दुकानों का निर्माण किया गया है। उन्होंने शासन प्रशासन से कई बार पत्राचार कर अतिक्रमण हटाने की मांग की।
आरोप लगाया कि विभाग अतिक्रमण हटाने के नाम पर गरीब लोगों की रेहड़ी, ठेलियां तोड़कर रस्म अदायगी निभा रही है। क्षेत्र में यदि अतिक्रमण हटेगा तो नियमानुसार हटेगा, नहीं तो अतिक्रमण हटाओ टीम को बार-बार विरोध का सामना करना पड़ेगा। इस मौके पर महेश नागर, प्रेम कुमार आदि मौजूद रहे।
कोट
निकाय क्षेत्र में करीब 50 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। प्रशासन की टीम उन चिह्नित अतिक्रमण को ही हटाने के लिए गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों के आक्रोश के चलते उन्हें अभियान रोकना पड़ा। अतिक्रमणकारियों को 15 दिन के अंदर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो वह नियमानुसार कार्रवाई करेंगे। - चतर सिंह चौहान, एसडीएम यमकेश्वर
निकाय क्षेत्र में पसरे अतिक्रमण को चिह्नित किया जाएगा। 15 दिन का समय दिया गया है। उसके बाद फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। - दीपक शर्मा, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक
