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Rishikesh News: सफाई कर्मियों को बिना सुरक्षा उपकरण सीवर टैंक में उतारने पर भड़के मकवाना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 05 Feb 2026 01:52 AM IST
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02- नगर निगम में संबधित अधिकरियो और कर्मचारियो के साथ बैठक करते सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्
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आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरण सीवर टैंक में उतारने पर सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने कड़ी नाराजगी जताई। जल संस्थान के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि दोबारा शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोग के उपाध्यक्ष को वीडियो दिखाकर शिकायत की गई थी।
बुधवार को नगर निगम परिसर में सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना निगम सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। ईपीएफ अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन कर्मचारियों का ईपीएफ भुगतान नहीं किया गया है, ऐसे कर्मचारियों के लिए दिनांक 27 फरवरी को विशेष कैंप आयोजित कर समस्याओं निस्तारण किया जाए।
डोर टू डोर कूड़ा कंपनी के सहायकों का मानदेय शासनादेश के अनुसार प्रतिदिन 500 रुपये देने के निर्देश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि 70 लोगों की सूची तैयार कर पर्यावरण मित्रों को लोन प्रदान करने के लिए बैंक भेजा गया। जिस पर सफाई कर्मचारियों ने कहा कि सूची में शामिल किसी भी कर्मचारी को बैंक से लोन नहीं मिला है।
लीड बैंक अधिकारी के बैठक में न होने पर नगर आयुक्त को स्पष्टीकरण मांगने को कहा गया। बैठक में सफाई आयोग उत्तराखंड के सदस्य राकेश कुमार पारछा, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट, विशाल बिरला, विनोद घाघट, अक्षय आदि मौजूद रहे।
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एसीपी का लाभ न दिए जाने पर जताई नाराजगी
उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने नगर निगम में तैनात दो सफाई कर्मचारियों को एसीपी का लाभ न दिए जाने पर नाराजगी जताई। नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि जिनकी पत्रावली लंबित है, प्रकरण को तत्काल निस्तारित करें। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत नाले नालियों की सफाई करने वाले नाला गैंग का पुनः सर्वेक्षण कर मैन्युअल स्कैवेंजर्स के लिए चयन करने, आउटसोर्स, दैनिक वेतन भोगी, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रूप से नियुक्त कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
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कम मानदेय पर जताई नाराजगी
राजकीय उपजिला चिकित्सालय में आउटसोर्स पर कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों को कम वेतन मिलने पर आयोग उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि उच्च जोखिम का कार्य करने वाले कर्मचारियों को इस माह पूरा मानदेय दिया जाए। संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उपाध्यक्ष मकवाना ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी यदि निर्धारित समय से अधिक कार्य करते हैं तो उन्हें ओवरटाइम का भुगतान किया जाए और माह में चार अवकाश सुनिश्चित किए जाएं।
बुधवार को नगर निगम परिसर में सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना निगम सहित अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। ईपीएफ अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जिन कर्मचारियों का ईपीएफ भुगतान नहीं किया गया है, ऐसे कर्मचारियों के लिए दिनांक 27 फरवरी को विशेष कैंप आयोजित कर समस्याओं निस्तारण किया जाए।
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डोर टू डोर कूड़ा कंपनी के सहायकों का मानदेय शासनादेश के अनुसार प्रतिदिन 500 रुपये देने के निर्देश दिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि 70 लोगों की सूची तैयार कर पर्यावरण मित्रों को लोन प्रदान करने के लिए बैंक भेजा गया। जिस पर सफाई कर्मचारियों ने कहा कि सूची में शामिल किसी भी कर्मचारी को बैंक से लोन नहीं मिला है।
लीड बैंक अधिकारी के बैठक में न होने पर नगर आयुक्त को स्पष्टीकरण मांगने को कहा गया। बैठक में सफाई आयोग उत्तराखंड के सदस्य राकेश कुमार पारछा, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट, विशाल बिरला, विनोद घाघट, अक्षय आदि मौजूद रहे।
एसीपी का लाभ न दिए जाने पर जताई नाराजगी
उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने नगर निगम में तैनात दो सफाई कर्मचारियों को एसीपी का लाभ न दिए जाने पर नाराजगी जताई। नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि जिनकी पत्रावली लंबित है, प्रकरण को तत्काल निस्तारित करें। नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत नाले नालियों की सफाई करने वाले नाला गैंग का पुनः सर्वेक्षण कर मैन्युअल स्कैवेंजर्स के लिए चयन करने, आउटसोर्स, दैनिक वेतन भोगी, कार्य प्रभारित, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक तथा तदर्थ रूप से नियुक्त कर्मचारियों को नियमितीकरण के लिए कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
कम मानदेय पर जताई नाराजगी
राजकीय उपजिला चिकित्सालय में आउटसोर्स पर कार्य कर रहे सफाई कर्मचारियों को कम वेतन मिलने पर आयोग उपाध्यक्ष ने नाराजगी जताई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि उच्च जोखिम का कार्य करने वाले कर्मचारियों को इस माह पूरा मानदेय दिया जाए। संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उपाध्यक्ष मकवाना ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी यदि निर्धारित समय से अधिक कार्य करते हैं तो उन्हें ओवरटाइम का भुगतान किया जाए और माह में चार अवकाश सुनिश्चित किए जाएं।
