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Rishikesh News: युवाओं को मिला सेहत और बचत का पाठ
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Thu, 26 Mar 2026 03:04 AM IST
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12-एम्स में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करती एम्स निदेशक प्रो.मीनू सिंह।स्रोत-एम्स
- फोटो : samvad
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युवाओं को सकारात्मक सोच, बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत वित्तीय प्रबंधन के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से एम्स ऋषिकेश में नेशनल यूथ कॉन्क्लेव-2026 (युवा जोश कार्यक्रम) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि वर्तमान समय में सफल और संतुलित जीवन के लिए हेल्थ के साथ वेल्थ पर ध्यान देना जरूरी है।
बुधवार को कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार, डीन (अकादमिक) डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के सीईओ वेंकट एन चलासानी, वरिष्ठ सलाहकार सूर्यकांत शर्मा और आयोजन सचिव डॉ. संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
मुख्य अतिथि मनोज कुमार ने कहा कि रातोंरात अमीरी संभव नहीं है, बल्कि सही दिशा में निरंतर बचत और निवेश से ही स्थायी सफलता मिलती है। उन्होंने बताया कि वित्तीय जागरूकता का यह अभियान देशभर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कार्यक्रम को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
डीन डॉ. सौरभ वार्ष्णेय ने कहा कि संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद युवाओं में धैर्य की कमी एक बड़ी चुनौती है। एएमएफआई के सीईओ वेंकट चलासानी और सलाहकार सूर्यकांत शर्मा ने जीवन में फाइनेंशियल प्लानिंग को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन न केवल जीवन को सुरक्षित बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और खुशहाली भी सुनिश्चित करता है।
आयोजन सचिव डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि आज के दौर में जहां फाइनेंस युवाओं का लक्ष्य बन गया है, वहीं हेल्थ मजबूरी बनती जा रही है। कार्यक्रम में प्रो. शैलेंद्र शंकर हांडू, प्रो. रश्मि मल्होत्रा सहित संस्थान के कई चिकित्सक और फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।
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वॉकथान और योग सत्र ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के तहत सुबह वॉकथान का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वॉकथान को डॉ. मीनू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद आयोजित योग सत्र में विशेषज्ञों ने नियमित योग के लाभ बताए और प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया।
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आयोजन से जुड़े चिकित्सक हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति से जुड़े डॉ. दिलीप वैष्णव, डॉ. सौजन्या, डॉ. कमलेश, डॉ. आशीष जैन और डॉ. राजीव चौधरी को सम्मानित किया गया। निदेशक डॉ. मीनू सिंह ने उन्हें स्मृति चिह्न और प्रशस्तिपत्र भेंटकर सम्मानित किया।
बुधवार को कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के कार्यकारी निदेशक मनोज कुमार, डीन (अकादमिक) डॉ. सौरभ वार्ष्णेय, एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया के सीईओ वेंकट एन चलासानी, वरिष्ठ सलाहकार सूर्यकांत शर्मा और आयोजन सचिव डॉ. संतोष कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
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मुख्य अतिथि मनोज कुमार ने कहा कि रातोंरात अमीरी संभव नहीं है, बल्कि सही दिशा में निरंतर बचत और निवेश से ही स्थायी सफलता मिलती है। उन्होंने बताया कि वित्तीय जागरूकता का यह अभियान देशभर में चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा। निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कार्यक्रम को युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताते हुए जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
डीन डॉ. सौरभ वार्ष्णेय ने कहा कि संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद युवाओं में धैर्य की कमी एक बड़ी चुनौती है। एएमएफआई के सीईओ वेंकट चलासानी और सलाहकार सूर्यकांत शर्मा ने जीवन में फाइनेंशियल प्लानिंग को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि बेहतर वित्तीय प्रबंधन न केवल जीवन को सुरक्षित बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन और खुशहाली भी सुनिश्चित करता है।
आयोजन सचिव डॉ. संतोष कुमार ने कहा कि आज के दौर में जहां फाइनेंस युवाओं का लक्ष्य बन गया है, वहीं हेल्थ मजबूरी बनती जा रही है। कार्यक्रम में प्रो. शैलेंद्र शंकर हांडू, प्रो. रश्मि मल्होत्रा सहित संस्थान के कई चिकित्सक और फैकल्टी सदस्य मौजूद रहे।
वॉकथान और योग सत्र ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के तहत सुबह वॉकथान का आयोजन किया गया, जिसमें 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। वॉकथान को डॉ. मीनू सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद आयोजित योग सत्र में विशेषज्ञों ने नियमित योग के लाभ बताए और प्रतिभागियों को विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास कराया।
आयोजन से जुड़े चिकित्सक हुए सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति से जुड़े डॉ. दिलीप वैष्णव, डॉ. सौजन्या, डॉ. कमलेश, डॉ. आशीष जैन और डॉ. राजीव चौधरी को सम्मानित किया गया। निदेशक डॉ. मीनू सिंह ने उन्हें स्मृति चिह्न और प्रशस्तिपत्र भेंटकर सम्मानित किया।