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कलियर में भिक्षावृत्ति पर प्रहार: चाइल्ड हेल्प डेस्क की पहल से 86 बच्चों को मिली नई दिशा
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Fri, 17 Apr 2026 05:56 PM IST
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-छह फरवरी से शुरू हुआ अभियान, बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश
रुड़की। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कलियर में भिक्षावृत्ति के बढ़ते मामलों को देखते हुए चाइल्ड हेल्प डेस्क ने प्रभावी कार्रवाई शुरू की है। छह फरवरी को स्थापित की गई इस हेल्प डेस्क का उद्देश्य भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाना है। अब तक 86 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने के लिए बच्चों और उनके परिवारों की काउंसलिंग की गई। इस पहल के तहत अभिभावकों को समझाया जा रहा है कि वे बच्चों को भीख मांगने के बजाय स्कूल भेजें और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कलियर चाइल्ड हेल्प की टीम में शामिल अजीम ने बताया कि क्षेत्र में नियमित चेकिंग की जा रही है। बस्ती में जाकर वहां बसे परिवारों को शिक्षा की अहमियत बताई जा रही है।
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18 बिछड़े बच्चों को परिवार से मिलाया
अभियान के दौरान 18 ऐसे बच्चे भी मिले जो अपने परिवार से बिछड़ गए थे। चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम ने इन बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया जिनमें एक बच्चा हरदोई जिले से संबंधित था। इस मानवीय पहल को स्थानीय लोगों की ओर से सराहा जा रहा है। जिला समन्वय अधिकारी (चाइल्ड हेल्प) अनुज सैनी ने बताया कि कलियर क्षेत्र में भिक्षावृत्ति के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे इसमें शामिल हैं। छह फरवरी से अब तक 80 से अधिक बच्चों को इस स्थिति से बाहर निकालकर उनके परिवारों की काउंसलिंग की गई है।
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रुड़की। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल कलियर में भिक्षावृत्ति के बढ़ते मामलों को देखते हुए चाइल्ड हेल्प डेस्क ने प्रभावी कार्रवाई शुरू की है। छह फरवरी को स्थापित की गई इस हेल्प डेस्क का उद्देश्य भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की ओर ले जाना है। अब तक 86 बच्चों को भिक्षावृत्ति से मुक्त कराने के लिए बच्चों और उनके परिवारों की काउंसलिंग की गई। इस पहल के तहत अभिभावकों को समझाया जा रहा है कि वे बच्चों को भीख मांगने के बजाय स्कूल भेजें और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करें। कलियर चाइल्ड हेल्प की टीम में शामिल अजीम ने बताया कि क्षेत्र में नियमित चेकिंग की जा रही है। बस्ती में जाकर वहां बसे परिवारों को शिक्षा की अहमियत बताई जा रही है।
18 बिछड़े बच्चों को परिवार से मिलाया
अभियान के दौरान 18 ऐसे बच्चे भी मिले जो अपने परिवार से बिछड़ गए थे। चाइल्ड हेल्प डेस्क की टीम ने इन बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिलाया जिनमें एक बच्चा हरदोई जिले से संबंधित था। इस मानवीय पहल को स्थानीय लोगों की ओर से सराहा जा रहा है। जिला समन्वय अधिकारी (चाइल्ड हेल्प) अनुज सैनी ने बताया कि कलियर क्षेत्र में भिक्षावृत्ति के मामले अधिक सामने आ रहे हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे इसमें शामिल हैं। छह फरवरी से अब तक 80 से अधिक बच्चों को इस स्थिति से बाहर निकालकर उनके परिवारों की काउंसलिंग की गई है।
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