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Roorkee News: छुट्टी पर चालक, थमे झबरेड़ा बस के पहिये
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नगर में लोकल बस सेवा इन दिनों बुरी तरह प्रभावित है। कभी अनदेखी तो कभी चालक की कमी से बस का संचालन नहीं हो पाता। बृहस्पतिवार को चालक के छुट्टी पर जाने के कारण झबरेड़ा रूट की बस के पहिये थम गए। इस बीच लोकल रूट पर बसों का संचालन नियमित नहीं होने के कारण यात्रियों को अन्य साधन में सवार होने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यात्री संजय कुमार का कहना कि सुबह नौकरी पर जाने के लिए बस का इंतजार करते-करते देर हो जाती है। कई बार बस आती ही नहीं जिससे परेशानी और बढ़ जाती है। वहीं एक अन्य यात्री पूनम शर्मा ने बताया कि लोकल रूट पर नियमित बसों का संचालन नहीं होने से छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए बड़ी परेशानी होती है। समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना यात्रियों के मुश्किल होने लगा है। वहीं दूसरी ओर बस सेवा के गड़बड़ाने का असर डिपो की आमदनी पर भी पड़ने लगा है। सहायक महाप्रबंधक अमिता सैनी का कहना है कि कभी-कभी चालक की कमी से बसों का संचालन नहीं हो पाता है। डिपो स्तर से यात्रियों की सुविधाओं के लिए आसान और सुविधाजनक बनाए रखने के हर संभव प्रयास जारी रहते हैं।
देवबंद और डाडा पट्टी रूट पर चल रहीं बसें
पर्वतीय डिपो से छह बसों को ट्रांसफर कर रुड़की में शिफ्ट किया गया था। यहां से इन बसों को स्थानीय रोड पर चलाने के आदेश जारी किए गए थे। कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के लिए भी लोकल रूट को बहाल रखना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। नई बसों और चालकों की कमी से डिपो जूझ रहा है। बृहस्पतिवार को देवबंद और डाडा पट्टी पर बस का संचालन हो पाया। कभी-कभी लोकल रूट पर बसों का संचालन रुक जाता है।
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यात्री संजय कुमार का कहना कि सुबह नौकरी पर जाने के लिए बस का इंतजार करते-करते देर हो जाती है। कई बार बस आती ही नहीं जिससे परेशानी और बढ़ जाती है। वहीं एक अन्य यात्री पूनम शर्मा ने बताया कि लोकल रूट पर नियमित बसों का संचालन नहीं होने से छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए बड़ी परेशानी होती है। समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचना यात्रियों के मुश्किल होने लगा है। वहीं दूसरी ओर बस सेवा के गड़बड़ाने का असर डिपो की आमदनी पर भी पड़ने लगा है। सहायक महाप्रबंधक अमिता सैनी का कहना है कि कभी-कभी चालक की कमी से बसों का संचालन नहीं हो पाता है। डिपो स्तर से यात्रियों की सुविधाओं के लिए आसान और सुविधाजनक बनाए रखने के हर संभव प्रयास जारी रहते हैं।
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देवबंद और डाडा पट्टी रूट पर चल रहीं बसें
पर्वतीय डिपो से छह बसों को ट्रांसफर कर रुड़की में शिफ्ट किया गया था। यहां से इन बसों को स्थानीय रोड पर चलाने के आदेश जारी किए गए थे। कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा के लिए भी लोकल रूट को बहाल रखना किसी चुनौती से कम नहीं होगा। नई बसों और चालकों की कमी से डिपो जूझ रहा है। बृहस्पतिवार को देवबंद और डाडा पट्टी पर बस का संचालन हो पाया। कभी-कभी लोकल रूट पर बसों का संचालन रुक जाता है।