{"_id":"69ca6cecbb375df2a80b30e1","slug":"electricity-bills-issued-in-narsan-without-meter-readings-consumers-distressed-roorkee-news-c-37-1-hrd1005-152959-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Roorkee News: गलत रीडिंग से बेहिसाब बढ़े बिजली बिल और उपभोक्ताओं की परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Roorkee News: गलत रीडिंग से बेहिसाब बढ़े बिजली बिल और उपभोक्ताओं की परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
Updated Mon, 30 Mar 2026 06:00 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
- मार्च में ऑटोमेटिक जनरेट बिलों में 200 से 300 यूनिट तक का अंतर, बढ़े खर्च से लोगों की बढ़ी चिंता
नारसन। क्षेत्र में ऊर्जा निगम की ओर से भेजे जा रहे बिजली बिल, उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। मार्च में बिना मीटर रीडिंग लिए ऑटोमेटिक तरीके से जनरेट किए गए भारी-भरकम बिलों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। मोबाइल पर भेजे गए मैसेज में बिल की राशि और यूनिट्स वास्तविक रीडिंग से काफी अधिक है।
अब तक की व्यवस्था के अनुसार, ऊर्जा निगम के कर्मचारी हर माह घर-घर जाकर मीटर से रीडिंग लेकर मौके पर ही बिल जनरेट करते थे। साथ ही बिल की जानकारी उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से भी भेजी जाती थी। हालांकि इस बार मार्च में बिजली के बिलों के भुगतान के मैसेज सीधा उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भेजे गए। हैरानी की बात यह है कि इन ऑटोमेटिक बिलों में यूनिट्स का भारी अंतर देखने को मिल रहा है। कई उपभोक्ताओं ने जब अपने मीटर की वर्तमान रीडिंग से बिल का मिलान किया तो पाया कि मैसेज में भेजी गई रीडिंग वास्तविक रीडिंग से 200 से 300 यूनिट तक अधिक है। अचानक बढ़े हुए बिलों ने लाेगों को चिंता में डाल दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस तरह के गलत बिलों से आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- --
मेरे घर कोई मीटर रीडिंग लेने नही आया और सीधे मोबाइल पर मैसेज बिल आया जो पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा आया है। - देवेंद्र गोयल, निवासी नारसन
-- -- -- -- -- -
बिल में हुई इस गलती के लिए लोगों को कामकाज छोड़कर कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ेंगे। एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की गलतियां लोगों की मानसिक और आर्थिक परेशानी का कारण बन रही है। - धर्मवीर राठौर, नारसन कस्बा
-- -- -- -- --
मोबाइल पर आए संदेश के बाद बिजलीघर जाकर बिल की जांच कराई तो मीटर में वास्तविक रीडिंग से बिल में 109 रीडिंग अधिक दिखाई दे रही हैं। विभाग समस्या का जल्द समाधान करे। - जितेंद्र कुमार, निवासी खेड़ा जट्ट
-- -- -- -- -- -
विद्युत विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बिल ठीक करवाने के लिए उपभोक्ताओं को घंटों बिजलीघर की लाइनों में लगना पड़ेगा। - राजेश कुमार, नारसन कस्बा
Trending Videos
नारसन। क्षेत्र में ऊर्जा निगम की ओर से भेजे जा रहे बिजली बिल, उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गए हैं। मार्च में बिना मीटर रीडिंग लिए ऑटोमेटिक तरीके से जनरेट किए गए भारी-भरकम बिलों ने लोगों की नींद उड़ा दी है। मोबाइल पर भेजे गए मैसेज में बिल की राशि और यूनिट्स वास्तविक रीडिंग से काफी अधिक है।
अब तक की व्यवस्था के अनुसार, ऊर्जा निगम के कर्मचारी हर माह घर-घर जाकर मीटर से रीडिंग लेकर मौके पर ही बिल जनरेट करते थे। साथ ही बिल की जानकारी उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज के माध्यम से भी भेजी जाती थी। हालांकि इस बार मार्च में बिजली के बिलों के भुगतान के मैसेज सीधा उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भेजे गए। हैरानी की बात यह है कि इन ऑटोमेटिक बिलों में यूनिट्स का भारी अंतर देखने को मिल रहा है। कई उपभोक्ताओं ने जब अपने मीटर की वर्तमान रीडिंग से बिल का मिलान किया तो पाया कि मैसेज में भेजी गई रीडिंग वास्तविक रीडिंग से 200 से 300 यूनिट तक अधिक है। अचानक बढ़े हुए बिलों ने लाेगों को चिंता में डाल दिया है। उपभोक्ताओं का कहना है कि इस तरह के गलत बिलों से आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरे घर कोई मीटर रीडिंग लेने नही आया और सीधे मोबाइल पर मैसेज बिल आया जो पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा आया है। - देवेंद्र गोयल, निवासी नारसन
बिल में हुई इस गलती के लिए लोगों को कामकाज छोड़कर कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ेंगे। एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की गलतियां लोगों की मानसिक और आर्थिक परेशानी का कारण बन रही है। - धर्मवीर राठौर, नारसन कस्बा
मोबाइल पर आए संदेश के बाद बिजलीघर जाकर बिल की जांच कराई तो मीटर में वास्तविक रीडिंग से बिल में 109 रीडिंग अधिक दिखाई दे रही हैं। विभाग समस्या का जल्द समाधान करे। - जितेंद्र कुमार, निवासी खेड़ा जट्ट
विद्युत विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बिल ठीक करवाने के लिए उपभोक्ताओं को घंटों बिजलीघर की लाइनों में लगना पड़ेगा। - राजेश कुमार, नारसन कस्बा