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Roorkee News: चरक जयंती पर 1954 श्लोकों के अखंड पाठ से बनाया रिकॉर्ड
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आचार्य चरक जयंती के अवसर पर मदरहुड आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज, रुड़की में आयुर्वेद की समृद्ध ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक विरासत को समर्पित विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में चरक संहिता के सूत्रस्थान के 30 अध्यायों के कुल 1,954 श्लोकों का निरंतर एवं अखंड पाठ कर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में रिकॉर्ड दर्ज कराने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ हवन एवं धन्वंतरि वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि चिकित्सा अधिकारी सालियर डॉ. नवीन दास और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के निर्णायक गिरीश रावत का स्वागत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) पीयूष कपिल, उप-प्राचार्य प्रो. (डॉ.) गीता जोशी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
श्लोक पाठ का शुभारंभ सुबह 9:56 बजे हुआ और शाम 4:50 बजे तक लगातार जारी रहा। रिकॉर्ड प्रयास में कुल 51 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की प्रमाणिकता के लिए पूरे आयोजन की पेशेवर कैमरों से वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी कराई गई जिसे सत्यापन के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स को भेजा गया।
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इस अवसर पर संस्थान को प्रमाणपत्र और पदक भी प्रदान किए गए। वक्ताओं ने कहा कि यह पहल आचार्य चरक के योगदान को सम्मान देने के साथ आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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कार्यक्रम का शुभारंभ हवन एवं धन्वंतरि वंदना के साथ हुआ। मुख्य अतिथि चिकित्सा अधिकारी सालियर डॉ. नवीन दास और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के निर्णायक गिरीश रावत का स्वागत किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के महानिदेशक प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) पीयूष कपिल, उप-प्राचार्य प्रो. (डॉ.) गीता जोशी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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श्लोक पाठ का शुभारंभ सुबह 9:56 बजे हुआ और शाम 4:50 बजे तक लगातार जारी रहा। रिकॉर्ड प्रयास में कुल 51 प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम की प्रमाणिकता के लिए पूरे आयोजन की पेशेवर कैमरों से वीडियो रिकॉर्डिंग और फोटोग्राफी कराई गई जिसे सत्यापन के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स को भेजा गया।
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इस अवसर पर संस्थान को प्रमाणपत्र और पदक भी प्रदान किए गए। वक्ताओं ने कहा कि यह पहल आचार्य चरक के योगदान को सम्मान देने के साथ आयुर्वेद की प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।