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Roorkee News: टीईटी से छूट और पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन
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उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, रुड़की के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शुक्रवार को वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से छूट देने तथा सभी शिक्षक कर्मियों की पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की एवं उप शिक्षा अधिकारी के माध्यम से भेजा।
ब्लॉक अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ, जिसके बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य की गई। उन्होंने कहा कि अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने संबंधी आदेश को उन्होंने अलोकतांत्रिक बताते हुए इसका विरोध किया। शिक्षक संघ ने केंद्र सरकार से संसद के मानसून सत्र में विशेष अध्यादेश लाकर 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने और सभी शिक्षक कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। इस दौरान पंकज कुमार विश्नोई, रेणु रानी, शालिनी गौस्वामी, राजीव शर्मा, अजय सिंह पुंडीर सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
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ब्लॉक अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 1 अप्रैल 2010 से लागू हुआ, जिसके बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य की गई। उन्होंने कहा कि अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने संबंधी आदेश को उन्होंने अलोकतांत्रिक बताते हुए इसका विरोध किया। शिक्षक संघ ने केंद्र सरकार से संसद के मानसून सत्र में विशेष अध्यादेश लाकर 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने और सभी शिक्षक कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। इस दौरान पंकज कुमार विश्नोई, रेणु रानी, शालिनी गौस्वामी, राजीव शर्मा, अजय सिंह पुंडीर सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
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