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Rudraprayag News: अगस्त्यमुनि मैदान में प्रस्तावित निर्माण निरस्त करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Thu, 19 Feb 2026 08:07 PM IST
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- निर्माण निरस्त व मुकदमे वापस लेने की मांग की
रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि मंदिर समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मठाधीश योगेश बेंजवाल के नेतृत्व में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें जनपद की कमान संभालने पर शुभकामनाएं दीं। साथ ही अगस्त्यमुनि मैदान में प्रस्तावित निर्माण कार्य को तत्काल निरस्त करने तथा मुनि महाराज की डोली यात्रा के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि अगस्त्यमुनि मैदान क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र है। यहां वर्षों से धार्मिक अनुष्ठान, मेले, कथा-कीर्तन, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। शीतकाल में विद्यालयों की कक्षाएं तथा जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं भी इसी मैदान में होती हैं। ऐसे में प्रस्तावित निर्माण को जनभावनाओं के विपरीत बताया गया। समिति ने श्रद्धालुओं पर संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि कानूनी कार्रवाई से क्षेत्र में असंतोष का माहौल है। प्रशासन से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। मैदान के समतलीकरण की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान, नगर सभासद उमा कैंतुरा, पूर्व प्रधान कुंवर लाल आर्य, शाकंभरी खत्री, सतेश्वरी गुंसाई, सुशील गोस्वामी, दीपक बेंजवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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रुद्रप्रयाग। अगस्त्यमुनि मंदिर समिति के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को मठाधीश योगेश बेंजवाल के नेतृत्व में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें जनपद की कमान संभालने पर शुभकामनाएं दीं। साथ ही अगस्त्यमुनि मैदान में प्रस्तावित निर्माण कार्य को तत्काल निरस्त करने तथा मुनि महाराज की डोली यात्रा के दौरान दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि अगस्त्यमुनि मैदान क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र है। यहां वर्षों से धार्मिक अनुष्ठान, मेले, कथा-कीर्तन, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। शीतकाल में विद्यालयों की कक्षाएं तथा जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं भी इसी मैदान में होती हैं। ऐसे में प्रस्तावित निर्माण को जनभावनाओं के विपरीत बताया गया। समिति ने श्रद्धालुओं पर संगीन धाराओं में दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि कानूनी कार्रवाई से क्षेत्र में असंतोष का माहौल है। प्रशासन से संवाद के माध्यम से समाधान निकालने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की गई। मैदान के समतलीकरण की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता त्रिभुवन चौहान, नगर सभासद उमा कैंतुरा, पूर्व प्रधान कुंवर लाल आर्य, शाकंभरी खत्री, सतेश्वरी गुंसाई, सुशील गोस्वामी, दीपक बेंजवाल सहित अन्य मौजूद रहे।