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Rudraprayag News: शिव-पार्वती विवाह त्याग, तपस्या और प्रेम का प्रतीक

Fri, 07 Aug 2026 07:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग Updated Fri, 07 Aug 2026 07:41 PM IST
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The marriage of Shiva and Parvati is a symbol of renunciation, penance, and love.
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केदारनाथ/फाटा। विश्व शांति और मंगल की कामना के लिए केदारनाथ धाम में आयोजित 11 दिवसीय संगीतमय शिवमहापुराण कथा के सातवें दिन शुक्रवार को तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों ने कथा का श्रवण किया। आचार्य शिवराम भट्ट ने भगवान शिव के रौद्र और भोले रूप का वर्णन करते हुए माता पार्वती की कठोर तपस्या और उनके विवाह के प्रसंग को सुनाया, जिस पर श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए। कथा व्यास ने कहा कि शिव-पार्वती विवाह त्याग, तपस्या और प्रेम का प्रतीक है। यह 1 से 11 अगस्त तक चलने वाली कथा विशाल सिंह सुखानी परिवार, बीकेटीसी, केदार सभा और केदारनाथ के तीर्थ पुरोहितों द्वारा आयोजित की जा रही है, जिसका समापन 11 अगस्त को महायज्ञ और पूर्णाहुति के साथ होगा। इस अवसर पर बीकेटीसी के पूर्व सीईओ बीडी सिंह, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी सहित कई श्रद्धालु मौजूद रहे।
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