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Tehri News: फलपट्टी क्षेत्र में दो पंपिंग योजना के बाद भी आधा आराकोट प्यासा
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 17 Mar 2026 06:14 PM IST
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टैंक और पेयजल वितरण लाइन तो बनाई पर अभी तक नहीं चल पाया पानी
नई टिहरी। चंबा-मसूरी फल पट्टी क्षेत्र के लिए करोड़ों की लागत से बनी सुरकंडा और काणाताल पंपिग पेयजल योजना आराकोट के ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। आधा गांव आज भी हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर है। वंचित क्षेत्र के लिए टैंक बनाकर वितरण लाइन भी पहुंचा दी गई है लेकिन आज तक उस पर एक बूंद पानी नहीं टपका। परेशान ग्रामीणों ने जलापूर्ति कराने की मांग की है।
चंबा नगर पालिका क्षेत्र की सीमा पर बसे आराकोट गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। काणाताल पंपिंग पेयजल योजना से जुड़े क्षेत्र के लिए सुरकंडा पंपिंग पेयजल योजना की स्वीकृति मिलने पर आराकोट के ग्रामीणों को भी पेयजल मिलने की उम्मीद थी। लेकिन योजना बनने के करीब ढ़ाई-तीन साल बाद भी पानी मिलने की आस पूरी नहीं हो पाई है।
गांव के मनीष रमोला, शुभम, विपिन रावत, कर्णपाल, ध्रुव आर्य और अरविंद रावत ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि आराकोट में आधा गांव के 36 परिवारों के लिए ढ़ाई साल पहले टैंक बनाकर पेयजल वितरण लाइन भी बिछाई गई है। अभी तक उस पर पानी नहीं चल पाया है। गांव के लोग पास में लगाए गए हैंडपंप से पीने का पानी भरकर ले आते हैं लेकिन पशुपालन और शौचालय के लिए पानी जुटाना बड़ी चुनौती बनी है। उन्होंने टैंक से शीघ्र जलापूर्ति कराने की मांग की है।
गांव से दूर हैंडपंप किसी ने मलबे से दबा दिया
आराकोट गांव के पास लगाए गए हैंडपंप पर जब गर्मियों में पानी कम होता है तो ग्रामीण गांव से कुछ दूर दूसरे हैंडपंप से पानी भरते हैं। किसी ने वहां मलबा डंप कर दिया जिससे पूरा हैंडपंप मलबे में दब गया। इससे ग्रामीणों को गर्मियों में पानी की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों ने जल संस्थान से हैंडपंप से मलबा हटाकर उसे सुचारू करने की मांग की है।
आराकोट में पेयजल सुविधा से वंचित क्षेत्र को काणाताल पंपिंग पेयजल योजना से जोड़ने के लिए लाइन बिछाई जानी है। जिला जल स्वच्छता समिति की बैठक में स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। उसके बाद शीघ्र ही जलापूर्ति कराने का प्रयास किया जाएगा।
- प्रशांत भारद्वाज, ईई, जल संस्थान नई टिहरी।
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नई टिहरी। चंबा-मसूरी फल पट्टी क्षेत्र के लिए करोड़ों की लागत से बनी सुरकंडा और काणाताल पंपिग पेयजल योजना आराकोट के ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। आधा गांव आज भी हैंडपंप से पानी भरने को मजबूर है। वंचित क्षेत्र के लिए टैंक बनाकर वितरण लाइन भी पहुंचा दी गई है लेकिन आज तक उस पर एक बूंद पानी नहीं टपका। परेशान ग्रामीणों ने जलापूर्ति कराने की मांग की है।
चंबा नगर पालिका क्षेत्र की सीमा पर बसे आराकोट गांव की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। काणाताल पंपिंग पेयजल योजना से जुड़े क्षेत्र के लिए सुरकंडा पंपिंग पेयजल योजना की स्वीकृति मिलने पर आराकोट के ग्रामीणों को भी पेयजल मिलने की उम्मीद थी। लेकिन योजना बनने के करीब ढ़ाई-तीन साल बाद भी पानी मिलने की आस पूरी नहीं हो पाई है।
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गांव के मनीष रमोला, शुभम, विपिन रावत, कर्णपाल, ध्रुव आर्य और अरविंद रावत ने डीएम को दिए ज्ञापन में बताया कि आराकोट में आधा गांव के 36 परिवारों के लिए ढ़ाई साल पहले टैंक बनाकर पेयजल वितरण लाइन भी बिछाई गई है। अभी तक उस पर पानी नहीं चल पाया है। गांव के लोग पास में लगाए गए हैंडपंप से पीने का पानी भरकर ले आते हैं लेकिन पशुपालन और शौचालय के लिए पानी जुटाना बड़ी चुनौती बनी है। उन्होंने टैंक से शीघ्र जलापूर्ति कराने की मांग की है।
गांव से दूर हैंडपंप किसी ने मलबे से दबा दिया
आराकोट गांव के पास लगाए गए हैंडपंप पर जब गर्मियों में पानी कम होता है तो ग्रामीण गांव से कुछ दूर दूसरे हैंडपंप से पानी भरते हैं। किसी ने वहां मलबा डंप कर दिया जिससे पूरा हैंडपंप मलबे में दब गया। इससे ग्रामीणों को गर्मियों में पानी की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों ने जल संस्थान से हैंडपंप से मलबा हटाकर उसे सुचारू करने की मांग की है।
आराकोट में पेयजल सुविधा से वंचित क्षेत्र को काणाताल पंपिंग पेयजल योजना से जोड़ने के लिए लाइन बिछाई जानी है। जिला जल स्वच्छता समिति की बैठक में स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। उसके बाद शीघ्र ही जलापूर्ति कराने का प्रयास किया जाएगा।
- प्रशांत भारद्वाज, ईई, जल संस्थान नई टिहरी।