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Tehri News: पानी संकट से जूझ रहे कौशल गांव के लोग, छात्रावास भी प्रभावित
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 23 Apr 2026 11:17 PM IST
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ग्राम पंचायत ने खड़े किए हाथ, योजना जल निगम को सौंपने की मांग
कंडीसौड़ (टिहरी)। कौशल गांव में पेयजल संकट गहराने से ग्राम पंचायत अब जल जीवन मिशन के तहत बनी पेयजल योजना को जल निगम को वापस सौंपने की तैयारी कर रहा है। पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने से कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्राओं और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास कौशल से लगभग 200 मीटर दूर सड़क पर लगे हैंडपंप से मोटर के जरिए 5000 लीटर टैंक तक पानी चढ़ाया जाता है। लेकिन कई बार बिजली बाधित होने पर यह वैकल्पिक व्यवस्था भी प्रभावित हो जाती है। जिससे छात्रावास में खाना बनाने, नहाने और कपड़े धोने तक के लिए पानी नहीं मिल पाता। कौशल गांव में निवासरत लगभग 100 परिवार भी पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
जल जीवन मिशन के तहत तीन वर्ष पहले जल निगम चंबा ने कौशल गांव के लिए पेयजल लाइन बनाई थी, जिससे छात्रावास को भी पानी दिया जा रहा था। बाद में यह योजना ग्राम सभा को सौंप दी गई, लेकिन पिछले साल सितंबर में आपदा से लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर अस्थायी मरम्मत तो कराई, लेकिन आपूर्ति अब तक नियमित नहीं हो सकी। छात्रावास की वार्डन संध्या बागड़ी ने बताया कि पानी की किल्लत से छात्राओं की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बीडीसी सदस्य रविंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि आपदा के बाद पेयजल योजना की व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। ग्राम प्रधान बीना भंडारी का कहना है कि इतनी बड़ी योजना का रखरखाव ग्राम पंचायत के बस की बात नहीं है, इसलिए गांव के लोग इसे फिर से जल निगम को सौंपने की मांग कर रहे है। ग्राम पंचायत की बैठक कर इस बारे में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
कौशल गांव की पेयजल लाइन की निगरानी ग्राम पंचायत स्वयं करती है। यदि ग्रामीण इसे जल निगम फिर से सौंपना चाहते हैं तो ग्राम पंचायत का प्रस्ताव विभाग को भेजना होगा। छात्रावास को पानी का कनेक्शन देने से गांव के लोग इनकार नहीं कर सकते है।
-राजवीर राणा, सहायक अभियंता जल निगम चंबा
कंडीसौड़ (टिहरी)। कौशल गांव में पेयजल संकट गहराने से ग्राम पंचायत अब जल जीवन मिशन के तहत बनी पेयजल योजना को जल निगम को वापस सौंपने की तैयारी कर रहा है। पानी की पर्याप्त आपूर्ति न होने से कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास की छात्राओं और ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास कौशल से लगभग 200 मीटर दूर सड़क पर लगे हैंडपंप से मोटर के जरिए 5000 लीटर टैंक तक पानी चढ़ाया जाता है। लेकिन कई बार बिजली बाधित होने पर यह वैकल्पिक व्यवस्था भी प्रभावित हो जाती है। जिससे छात्रावास में खाना बनाने, नहाने और कपड़े धोने तक के लिए पानी नहीं मिल पाता। कौशल गांव में निवासरत लगभग 100 परिवार भी पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं।
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जल जीवन मिशन के तहत तीन वर्ष पहले जल निगम चंबा ने कौशल गांव के लिए पेयजल लाइन बनाई थी, जिससे छात्रावास को भी पानी दिया जा रहा था। बाद में यह योजना ग्राम सभा को सौंप दी गई, लेकिन पिछले साल सितंबर में आपदा से लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर अस्थायी मरम्मत तो कराई, लेकिन आपूर्ति अब तक नियमित नहीं हो सकी। छात्रावास की वार्डन संध्या बागड़ी ने बताया कि पानी की किल्लत से छात्राओं की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। बीडीसी सदस्य रविंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि आपदा के बाद पेयजल योजना की व्यवस्था पटरी पर नहीं लौट पाई है। ग्राम प्रधान बीना भंडारी का कहना है कि इतनी बड़ी योजना का रखरखाव ग्राम पंचायत के बस की बात नहीं है, इसलिए गांव के लोग इसे फिर से जल निगम को सौंपने की मांग कर रहे है। ग्राम पंचायत की बैठक कर इस बारे में जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
कौशल गांव की पेयजल लाइन की निगरानी ग्राम पंचायत स्वयं करती है। यदि ग्रामीण इसे जल निगम फिर से सौंपना चाहते हैं तो ग्राम पंचायत का प्रस्ताव विभाग को भेजना होगा। छात्रावास को पानी का कनेक्शन देने से गांव के लोग इनकार नहीं कर सकते है।
-राजवीर राणा, सहायक अभियंता जल निगम चंबा

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