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Tehri News: मुआवजे के बदले जमीन दे पुनर्वास निदेशालय
Sat, 01 Aug 2026 05:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Sat, 01 Aug 2026 05:43 PM IST
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सरोट गांव में पात्रता से वंचित 25 प्रतिशत परिवार कर रहे मांग
कंडीसौड़ (टिहरी)। टिहरी बांध प्रभावित ग्राम सरोट के ग्रामीण विस्थापन का लाभ के इंतजार में हैं। ग्रामीणों ने पुनर्वास नीति के तहत पात्रता की श्रेणी में आने से वंचित गांव के 25 प्रतिशत परिवारों को जमीन का मुआवजा भुगतान के बदले कृषि और आवासीय भूखंड आवंटन करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आंदोलन करने पर 2010 से आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल पाया है।
थौलधार ब्लॉक के टिहरी बांध प्रभावित सरोट गांव में पात्रता की श्रेणी में आए 75 प्रतिशत 83 परिवारों को पुनर्वास की सुविधा प्रदान की गई है। लेकिन अवशेष 25 प्रतिशत 10 परिवार पात्रता की श्रेणी में नहीं आ पाए हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि पुनर्वास नीति के तहत जिस गांव के 75 प्रतिशत परिवार पात्रता की श्रेणी में आते हैं। उस गांव के 25 प्रतिशत परिवारों को भी पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा।
सरोट के 10 परिवारों को कोई लाभ नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2010 से उन्होंने कई बार धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन किए लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल पाया है। गांव के शूरवीर सिंह, जयेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, नवीन सिंह, अतोल सिंह और रुकम सिंह आदि ने कहा कि वह लंबे समय से पुनर्वास नीति के अनुसार देय प्रतिकर के बदले कृषि और आवासीय भूखंड देने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने शीघ्र ही प्रतिकर के बदले आवासीय और कृषि भूखंड आवंटन करने की मांग की है।
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पुनर्वास नीति के तहत गांव के अवशेष 25 प्रतिशत परिवारों की संपूर्ण भूमि का अधिग्रहण करने के बाद ही उन्हें केवल नकद प्रतिकर का लाभ दिया जा सकता है। उन्हें भूखंड देने की कोई नीति नहीं है।
- राकेश थपलियाल, वरिष्ठ प्रबंधक पुनर्वास निदेशालय।
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कंडीसौड़ (टिहरी)। टिहरी बांध प्रभावित ग्राम सरोट के ग्रामीण विस्थापन का लाभ के इंतजार में हैं। ग्रामीणों ने पुनर्वास नीति के तहत पात्रता की श्रेणी में आने से वंचित गांव के 25 प्रतिशत परिवारों को जमीन का मुआवजा भुगतान के बदले कृषि और आवासीय भूखंड आवंटन करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आंदोलन करने पर 2010 से आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल पाया है।
थौलधार ब्लॉक के टिहरी बांध प्रभावित सरोट गांव में पात्रता की श्रेणी में आए 75 प्रतिशत 83 परिवारों को पुनर्वास की सुविधा प्रदान की गई है। लेकिन अवशेष 25 प्रतिशत 10 परिवार पात्रता की श्रेणी में नहीं आ पाए हैं। ग्रामीणों का तर्क है कि पुनर्वास नीति के तहत जिस गांव के 75 प्रतिशत परिवार पात्रता की श्रेणी में आते हैं। उस गांव के 25 प्रतिशत परिवारों को भी पुनर्वास का लाभ दिया जाएगा।
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सरोट के 10 परिवारों को कोई लाभ नहीं मिल पाया है। ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2010 से उन्होंने कई बार धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन किए लेकिन आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिल पाया है। गांव के शूरवीर सिंह, जयेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, नवीन सिंह, अतोल सिंह और रुकम सिंह आदि ने कहा कि वह लंबे समय से पुनर्वास नीति के अनुसार देय प्रतिकर के बदले कृषि और आवासीय भूखंड देने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने शीघ्र ही प्रतिकर के बदले आवासीय और कृषि भूखंड आवंटन करने की मांग की है।
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पुनर्वास नीति के तहत गांव के अवशेष 25 प्रतिशत परिवारों की संपूर्ण भूमि का अधिग्रहण करने के बाद ही उन्हें केवल नकद प्रतिकर का लाभ दिया जा सकता है। उन्हें भूखंड देने की कोई नीति नहीं है।
- राकेश थपलियाल, वरिष्ठ प्रबंधक पुनर्वास निदेशालय।