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Tehri News: किसान दिवस में छाया रहा जंगली जानवरों का मुद्दा
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 12 Mar 2026 07:22 PM IST
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किसान दिवस में छाया रहा जंगली जानवरों का मुद्दा
कंडीसौड़ (टिहरी)। ब्लॉक सभागार में डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसानों ने जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसानों ने बताया कि बंदर, जंगली सूअर और अन्य वन्यजीव लगातार खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट कर रहे हैं, जिससे खेती करना कठिन होता जा रहा है। किसानों का कहना था कि मेहनत और लागत लगाने के बावजूद फसल सुरक्षित नहीं रह पा रही है, जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। किसानों ने खेतों की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय किए जाने की मांग की। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि जिला योजना के माध्यम से कई ग्राम पंचायतों में तारबाड़ का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि जाल, एंगल और सीमेंट-कंक्रीट के कार्यों में अधिक खर्च आने के कारण सीमित क्षेत्र में ही यह काम हो पा रहा है। इस पर डीएम खंडेलवाल ने सुझाव दिया कि खेती की सुरक्षा के लिए तार और एंगल कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएं, जबकि सीमेंट-कंक्रीट का कार्य ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के माध्यम से किसी भी योजना के तहत कराया जा सकता है। इससे अधिक गांवों और किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा।
रमोलसारी गांव के प्रधान कमल चौहान ने बताया कि उनके गांव में अधिकांश भूमि सिंचित है। गेहूं, धान, राजमा, हल्दी, दलहन, नींबू और मौसमी सब्जियों का उत्पादन होता है, लेकिन जंगली जानवर अक्सर फसलों को नष्ट कर देते हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं बैलगांव के पूर्व प्रधान पवन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में दलहन की खेती की जाती है, लेकिन जानकारी के अभाव में कई बार फसलें रोगों का शिकार हो जाती हैं। उन्होंने समय पर दवा उपलब्ध कराने और किसानों को प्रशिक्षण देने की मांग की। कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों को रोगों से बचाने के उपायों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी। किसानों को तकनीकी और वैज्ञानिक रूप से सक्षम बनाने तथा आय बढ़ाने के लिए भी सुझाव दिए। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, पूर्व प्रमुख जोत सिंह बिष्ट, ज्येष्ठ उपप्रमुख सुनीता राणा, कनिष्ठ प्रमुख सविता बनाली, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य सुनील जुयाल, खंड विकास अधिकारी स्नेह नेगी आदि मौजूद रहे।
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कंडीसौड़ (टिहरी)। ब्लॉक सभागार में डीएम नितिका खंडेलवाल की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन किया गया। किसानों ने जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। किसानों ने बताया कि बंदर, जंगली सूअर और अन्य वन्यजीव लगातार खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट कर रहे हैं, जिससे खेती करना कठिन होता जा रहा है। किसानों का कहना था कि मेहनत और लागत लगाने के बावजूद फसल सुरक्षित नहीं रह पा रही है, जिससे आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। किसानों ने खेतों की सुरक्षा के लिए प्रभावी उपाय किए जाने की मांग की। मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी ने बताया कि जिला योजना के माध्यम से कई ग्राम पंचायतों में तारबाड़ का कार्य कराया जा रहा है। हालांकि जाल, एंगल और सीमेंट-कंक्रीट के कार्यों में अधिक खर्च आने के कारण सीमित क्षेत्र में ही यह काम हो पा रहा है। इस पर डीएम खंडेलवाल ने सुझाव दिया कि खेती की सुरक्षा के लिए तार और एंगल कृषि विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएं, जबकि सीमेंट-कंक्रीट का कार्य ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत के माध्यम से किसी भी योजना के तहत कराया जा सकता है। इससे अधिक गांवों और किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा।
रमोलसारी गांव के प्रधान कमल चौहान ने बताया कि उनके गांव में अधिकांश भूमि सिंचित है। गेहूं, धान, राजमा, हल्दी, दलहन, नींबू और मौसमी सब्जियों का उत्पादन होता है, लेकिन जंगली जानवर अक्सर फसलों को नष्ट कर देते हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। वहीं बैलगांव के पूर्व प्रधान पवन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में दलहन की खेती की जाती है, लेकिन जानकारी के अभाव में कई बार फसलें रोगों का शिकार हो जाती हैं। उन्होंने समय पर दवा उपलब्ध कराने और किसानों को प्रशिक्षण देने की मांग की। कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों को रोगों से बचाने के उपायों और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी दी। किसानों को तकनीकी और वैज्ञानिक रूप से सक्षम बनाने तथा आय बढ़ाने के लिए भी सुझाव दिए। इस मौके पर ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र भंडारी, पूर्व प्रमुख जोत सिंह बिष्ट, ज्येष्ठ उपप्रमुख सुनीता राणा, कनिष्ठ प्रमुख सविता बनाली, भाजयुमो प्रदेश महामंत्री मुलायम सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य सुनील जुयाल, खंड विकास अधिकारी स्नेह नेगी आदि मौजूद रहे।
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