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Tehri News: उच्च प्राथमिक विद्यालय रिंगालगढ़ एक शिक्षक के भरोसे
Thu, 30 Jul 2026 07:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 30 Jul 2026 07:01 PM IST
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शिक्षकों की कमी का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा
नई टिहरी। जौनपुर ब्लॉक के राजकीय कन्या उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रिंगालगढ़ एक शिक्षिक के भरोसे संचालित हो रहा है। शिक्षकों की कमी का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। पठन-पाठन प्रभावित होने से अभिभावकों में बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।
राजकीय कन्या उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रिंगालगढ़ में वर्तमान में 47 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। लेकिन शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंगालगढ़ सीमा देवी, अभिभावक सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि विद्यालय में एक मात्र शिक्षिका कार्यरत हैं।
तीन वर्ष पूर्व विद्यालय में चार शिक्षकों की तैनाती थी लेकिन शिक्षकों के स्थानांतरण होने के बाद उनके स्थान पर कोई भी नये शिक्षक विद्यालय में नहीं भेजा गए जिसके चलते विद्यालय में छात्र संख्या भी घटती जा रही है। अभिभावकों की मांग पर शिक्षा विभाग ने 18 माह पूर्व एक शिक्षक को व्यवस्था के तौर पर विद्यालय में भेजा था लेकिन उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह विगत कई माह पूर्व मेडिकल पर चल गए थे।
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इसके बाद विद्यालय में एक ही शिक्षिका रह गई है वह भी सामान्य विषय की। विद्यालय में गणित और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों का भविष्य चौपट होने में लगा है। शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर अभिभावक क्षेत्रीय विधायक, जिलाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। उसके बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा है जिससे अभिभावकों में भी रोष पनप रहा है। कहा कि जल्द विद्यालय में खाली पड़े पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है तो अभिभावकों के पास आंदोलन के अलावा और रास्ता नहीं बचता है।
राजकीय कन्या उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रिंगालगढ़ का दो-तीन वर्ष पहले उच्चीकरण हो चुका है। वहां पर हाईस्कूल तक की कक्षाएं संचालित हो रही है सभी विषयों के शिक्षक नियुक्त हैं। वहीं शिक्षक 6 से 10 तक छात्रों को पढ़ते हैं। मानकों के अनुसार 6 से कक्षा 8 तक अगल से शिक्षकों की भर्ती नहीं हो सकती है।
सुनील कार्की, बीईओ जौनपुर।
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नई टिहरी। जौनपुर ब्लॉक के राजकीय कन्या उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रिंगालगढ़ एक शिक्षिक के भरोसे संचालित हो रहा है। शिक्षकों की कमी का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। पठन-पाठन प्रभावित होने से अभिभावकों में बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।
राजकीय कन्या उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रिंगालगढ़ में वर्तमान में 47 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत है। लेकिन शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। क्षेत्र पंचायत सदस्य रिंगालगढ़ सीमा देवी, अभिभावक सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह आदि ने बताया कि विद्यालय में एक मात्र शिक्षिका कार्यरत हैं।
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तीन वर्ष पूर्व विद्यालय में चार शिक्षकों की तैनाती थी लेकिन शिक्षकों के स्थानांतरण होने के बाद उनके स्थान पर कोई भी नये शिक्षक विद्यालय में नहीं भेजा गए जिसके चलते विद्यालय में छात्र संख्या भी घटती जा रही है। अभिभावकों की मांग पर शिक्षा विभाग ने 18 माह पूर्व एक शिक्षक को व्यवस्था के तौर पर विद्यालय में भेजा था लेकिन उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण वह विगत कई माह पूर्व मेडिकल पर चल गए थे।
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इसके बाद विद्यालय में एक ही शिक्षिका रह गई है वह भी सामान्य विषय की। विद्यालय में गणित और अंग्रेजी जैसे मुख्य विषयों के शिक्षकों की कमी के चलते बच्चों का भविष्य चौपट होने में लगा है। शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर अभिभावक क्षेत्रीय विधायक, जिलाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। उसके बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पा है जिससे अभिभावकों में भी रोष पनप रहा है। कहा कि जल्द विद्यालय में खाली पड़े पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होती है तो अभिभावकों के पास आंदोलन के अलावा और रास्ता नहीं बचता है।
राजकीय कन्या उच्चतर प्राथमिक विद्यालय रिंगालगढ़ का दो-तीन वर्ष पहले उच्चीकरण हो चुका है। वहां पर हाईस्कूल तक की कक्षाएं संचालित हो रही है सभी विषयों के शिक्षक नियुक्त हैं। वहीं शिक्षक 6 से 10 तक छात्रों को पढ़ते हैं। मानकों के अनुसार 6 से कक्षा 8 तक अगल से शिक्षकों की भर्ती नहीं हो सकती है।
सुनील कार्की, बीईओ जौनपुर।