Uttarakhand News: खटीमा में बनेगा पर्वतीय विकास भवन
खटीमा में उत्तरायणी कौतिक मेले के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पर्वतीय विकास भवन निर्माण सहित कई विकास योजनाओं की घोषणा करते हुए क्षेत्र के विकास को निरंतर गति देने का संकल्प जताया।
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खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को खटीमा में कुमाऊं सांस्कृतिक उत्थान मंच की ओर से तराई बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। सीएम ने घोषणा की कि खटीमा में पर्वतीय विकास भवन बनाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने डीएम को भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस उत्तरायणी मेले को कैलेंडर में रखते हुए आर्थिक सहायता दी जाएगी। समिति के अनुरोध पर सीएम ने मंच निर्माण की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मकर संक्रांति एक ऐसा पर्व है जिसका महत्व आध्यात्मिक भी है और वैज्ञानिक भी। हम सभी मकर संक्रांति को सूर्य के उत्तरायण होने के उपलक्ष्य में मनाते हैं। हमारी संस्कृति में सूर्य देव को ग्रहों का राजा कहा जाता है इसलिए मकर संक्रांति का यह पावन पर्व एक राजा का अपनी प्रजा के घर जाने का दिन भी माना जाता है।
उन्होंने कहा कि उत्तरायणी का पर्व मात्र एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, हमारी आस्था और हमारे जीवन दर्शन का उत्सव है। धामी ने कहा कि इस समय सूर्य नारायण हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश लेकर आते हैं। उत्तरायणी कौथिक जैसे आयोजनों के माध्यम से हमारी नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ रही है। इस आयोजन में जब बच्चे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य करते हैं युवा लोकगीत गाते हैं और हमारी माताएं-बहनें पारंपरिक परिधान में सजकर इस उत्सव का हिस्सा बनती हैं तब यह विश्वास और मजबूत हो जाता है कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित हाथों में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के बदलते वक्त में जब आधुनिकता चारों और बढ़ रही है तब अपनी पहचान को बचाए और बनाए रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है। ऐसे समय में इस प्रकार के आयोजन महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और दूरदर्शी मार्गदर्शन में आज भारत न केवल विकास के नए शिखर छू रहा है बल्कि सनातन संस्कृति के गौरव को भी पूरे विश्व में दोबारा स्थापित कर रहा है।
पीएम के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र से प्रेरणा लेकर हमारी राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विकास का आदर्श मॉडल बनाने के लिए दिन-रात कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि खटीमा, मेरे लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा घर है और आप सभी मेरे परिवार के सदस्य हैं। यहीं से मैंने जनसेवा की यात्रा शुरू की थी और यहां की हर गली, हर गांव, हर चेहरा मेरे दिल में बसता है।
इस मौके पर काशीपुर मेयर दीपक बाली, रुद्रपुर मेयर विकास शर्मा, खटीमा पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, खटीमा ब्लॉक अध्यक्ष सरिता राणा, ठाकुर सिंह खाती, भुवन चंद्र भट्ट, बीएस मेहता, केडी भट्ट, कमला मेलकानी, सावित्री चंद, जेएस बसेड़ा, नवीन कापड़ी, किशन सिंह किन्ना, राजेंद्र सिंह मिताडी, गोपाल दत्त पाठक, शांति पांडेय, गीता कांडपाल, जानकी गोस्वामी, संदीप कांडपाल, कुंदन बोरा, उत्तम दत्ता, राजेश शुक्ला, रंदीप पोखरिया, प्रेम सिंह राणा, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, कमल जिंदल आदि थे।
खटीमा की विकास की गति रुकने नहीं दी जाएगी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल से लेकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। हमने जहां एक ओर खटीमा में हाईटेक बस स्टेशन, आधुनिक आईटीआई ,पॉलीटेक्निक कॉलेज व 100 बेड के नए अस्पताल परिसर का निर्माण कर बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का काम किया है, वहीं औद्योगिक विकास को गति देने के साथ ही युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए राष्ट्रीय स्तर के अत्याधुनिक खेल स्टेडियम का निर्माण भी कराया है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए गदरपुर और खटीमा बाईपास का निर्माण, नौसर में पुल निर्माण के साथ पूरे क्षेत्र में सड़कों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया है। सीएम ने कहा कि हाल ही में हमारी सरकार ने खटीमा और टनकपुर के बीच एक भव्य सैन्य स्मारक बनाने की भी घोषणा की है जिस पर शीघ्र ही कार्य शुरू हो जाएगा। इसके अलावा हमने एक ओर जहां राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएं शुरू कराई हैं वहीं जनजाति बहुल क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय का संचालन भी किया जा रहा है।
सीएम ने कहा कि खटीमा के विकास की गति को कभी रुकने नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हमने एक ही वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी की है जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है लेकिन विपक्ष को यह सच दिखाई नहीं देता। धामी ने कहा कि उन्हें सिर्फ अफवाह और भ्रम फैलाने की राजनीति आती है। कहा कि देवभूमि की संस्कृति से न तो कोई खिलवाड़ होगा न ही डेमोग्राफी से कोई समझौता किया जाएगा और न ही कानून व्यवस्था से कोई सौदा होगा। इसीलिए हमने लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकता के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की है।
धामी ने कहा कि हमने दंगारोधी और धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किए और सिर्फ कानून ही नहीं बनाए बल्कि उन्हें धरातल पर भी उतारा। एक ओर जहां लैंड जिहाद के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भूमाफिया से मुक्त कराया। वहीं 250 से अधिक अवैध मदरसों को सील करने के साथ ही 500 से अधिक अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर चलाकर ये भी साबित किया कि देवभूमि की एक-एक इंच भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके अलावा हमने ऑपरेशन कालनेमि के जरिए सनातन धर्म को बदनाम करने वाले ढोंगियों और पाखंडियों पर भी कार्रवाई की।
200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को पहुंचाया सलाखों के पीछे
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हमने एक ओर जहां समान नागरिक संहिता लागू कर प्रदेश में समरस समाज की नींव रखी वहीं सख्त नकल विरोधी कानून बनाकर नकल माफिया की कमर तोड़ने का काम भी किया। इसके चलते ही आज करीब 27,000 युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर पिछले साढ़े चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्टाचारियों को सलाखों के पीछे भेजा है। इन कठोर और ऐतिहासिक निर्णयों के साथ ही सरकार की स्पष्ट नीति और नीयत के कारण आज उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था राज्य गठन के मुकाबले 26 गुना बढ़ चुकी है। राज्य का बजट एक लाख करोड़ को पार कर चुका है। आज राज्य का बिजली उत्पादन चार गुना बढ़ा है सड़कों की लंबाई दोगुनी हुई है और राज्य में 10 सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। धामी ने कहा कि प्रदेश में 42,000 से अधिक सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाकर हमने वर्ष 2027 का लक्ष्य 2025 में ही हासिल कर लिया। कहा कि पहले योजनाओं की धनराशि में भी बंदरबांट हुआ करती थी और लाभार्थियों को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे लेकिन आज डीबीटी के माध्यम से शत-प्रतिशत धनराशि खातों में स्थानांतरित की जा रही है। इसी का परिणाम है कि नंदा गौरा योजना के तहत प्रदेश की 40,000 से अधिक बेटियों को 172 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता सीधे खाते में दी गई हैं।
महिला सशक्तीकरण केवल नारा नहीं, बल्कि संकल्प है
मुख्यमंत्री धामी ने मातृशक्ति को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति की असली वाहक आप हैं। आपके संस्कार, आपकी मेहनत और आपका त्याग ही हमारे समाज की सबसे बड़ी ताकत है। इसलिए महिला सशक्तीकरण हमारे लिए केवल नारा नहीं बल्कि संकल्प है। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना है। और ये लक्ष्य कोई नारा नहीं, बल्कि हमारा विकल्प रहित संकल्प है और मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए आप सभी इसी प्रकार हमारी सरकार का सहयोग करते रहेंगे।