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Rudrapur: दो लाख रुपये में धर्म का सौदा... डर, लालच देकर थारू और गरीबों को बनाया निशाना

साक्षी सक्सेना Published by: गायत्री जोशी Updated Thu, 28 May 2026 10:10 AM IST
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सार

ऊधमसिंह नगर पुलिस ने खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में जबरन धर्मांतरण के मामलों में कार्रवाई करते हुए कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। 

Cases of forced conversions have been uncovered, with people being targeted with money and inducements
पुलिस गिरफ्त में दंपति समेत चार अभियुक्त। - फोटो : पुलिस
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विस्तार

ऊधमसिंह नगर जिले में दो लाख रुपये एकमुश्त और छह हजार रुपये प्रति माह में धर्म के सौदे का गंदा खेल चल रहा था। जो पैसे लेने और धर्म परिवर्तन करने से मना कर देता उसे डरा-धमका कर जबरन धर्मांतरण करवाया जा रहा था। हैरानी की बात है कि वर्षों से चल रहे इस धंधे का खुलासा शिकायतों के बाद हुआ और पुलिस-प्रशासन तब तक सोता रहा।

तराई में गरीब तबके, भोले-भाले और थारू-बुक्सा जैसी जनजातियों को निशाना बनाकर धर्म परिवर्तन कराने का खेल उजागर हुआ है लेकिन बड़ी बात यह है कि तब तक सैकड़ों लोगों का धर्मांतरण हो चुका है। वे मिशनरियों की गिरफ्त में आ चुके हैं।

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खटीमा में दर्ज हुई दो प्राथमिकी का बुधवार को खुलासा किया गया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त खटीमा और नानकमत्ता क्षेत्र में गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाते थे। खासकर थारू समाज और गरीब परिवारों को पैसों, सहायता, इलाज और अन्य प्रलोभनों का लालच देकर धर्मांतरण कराया जा रहा था।

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अनुसूचित जाति के लोगों को लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा था। आरोप है कि बीमारी ठीक कराने, गरीबी दूर करने, बच्चों की पढ़ाई और आर्थिक सहायता का भरोसा देकर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए मानसिक रूप से तैयार किया जाता था। इन सब खुलासे के बाद बड़ा सवाल आज भी है कि आखिर इन सबके पीछे कौन है जिसकी शह पर लगातार धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।

पुलिस-प्रशासन, खुफिया एजेंसी तक भी ऐसे मामलों की कोई जानकारी नहीं मिल पाई। वर्षों से सिस्टम सोया हुआ था। आखिर गलियों और कम आबादी वाले क्षेत्र में प्रार्थना सभा और चंगाई सभा लगती रहीं लेकिन पुलिस-प्रशासन चुप रहा। 

घर-घर जाकर किया जाता था लोगों को गुमराह और दबाव

जांच में सामने आया है कि कुछ आरोपी गांव-गांव जाकर विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित करते थे। इन सभाओं में लोगों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि ईसाई धर्म अपनाने के बाद उनकी पारिवारिक समस्याएं, बीमारी और आर्थिक संकट खत्म हो जाएंगे। पुलिस के अनुसार कई लोगों को हर महीने छह हजार रुपये देने और धर्म परिवर्तन कराने पर दो लाख रुपये तक की सहायता देने का लालच भी दिया गया।

प्रार्थना सभा में लाने का था ठेका, महिलाओं पर थी जिम्मेदारी

जांच में सामने आया है कि प्रार्थना सभा में इन्हीं लोगों पर बड़ी संख्या में लोगों को लाने की जिम्मेदारी होती थी। विशेषकर महिलाएं घरों के बाहर बैठ कर दूसरे धर्म में जाने और उसके फायदे बताती थीं और लालच भी दिया जाता था जिससे प्रभावित होकर बड़ी संख्या में महिला सभा में शामिल होने के लिए जाती थीं।

अभी दो और मामलों का होना है खुलासा

पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। वहीं दो अन्य प्राथमिकी पर पुलिस जांच कर रही है जिसमें बड़ी संख्या में लोगों का नाम सामने आ सकता है।

बरामद फोन, वीडियो-ऑडियो और दस्तावेज खोलेंगे कई राज

पुलिस ने अभियुक्त कांग्रेस नेता दान सिंह राणा से एक मोबाइल फोन बरामद किया है जिसमें धर्मांतरण से संबंधित महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। मोबाइल में प्रार्थना सभाओं की फोटो व वीडियो, लोगों को स्नान कराकर धर्म परिवर्तन कराने से संबंधित सामग्री, पैसों के लेनदेन के स्क्रीनशॉट, धर्मांतरण का लक्ष्य निर्धारित करने से संबंधित लेख और ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलीं हैं। इसके अलावा ग्राम दियां निवासी एसएसबी की महिला जवान निवलेश राना के पति संदीप सिंह को बच्चों के आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों सहित बुलाने से संबंधित बातचीत भी मिली हैं।

महिला जवान पर दबाव वाले अभियुक्त का लंबा चौड़ा इतिहास

पुलिस के अनुसार महिला एसएसबी जवान पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने वाले दान सिंह राणा का आपराधिक इतिहास बहुत बड़ा है। उस पर खटीमा कोतवाली में हत्या, धमकी, धार्मिक भावनाएं भड़काने व धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी है जबकि नानकमत्ता कोतवाली में भी धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी है। कुल मिलाकर अभियुक्त पर पांच मुकदमे दर्ज हैं।

अभियुक्त या पीड़ित है महिला जवान का पति

एसएसबी की महिला जवान ने अपने पति संदीप सिंह राना, कमलजीत सिंह और दान सिंह राणा पर जबरन ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया था। मामले में दान सिंह की गिरफ्तारी हो चुकी है लेकिन दो पर जांच जारी है। सीओ विभव सैनी ने बताया कि पुलिस मामले में हर पहलू पर जांच कर रही है। महिला के अनुसार संदीप ईसाई धर्म अपना चुका है। अब मामले में इस बात की भी जांच की जा रही है कि पीड़िता का पति अभियुक्त है या वह खुद पीड़ित है।

इस मामले में कुछ और लोगों के नाम भी शामिल हैं जिन पर जांच जारी है। जो फरार है उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही और भी गिरफ्तारियां की जाएगीं। -विभव सैनी, सीओ/जांच अधिकारी

 

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