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Udham Singh Nagar News: आज होगा पांच दिवसीय महावारुणी महोत्सव का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:41 AM IST
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शक्तिफार्म। मतुआ धर्म संस्थापक श्री श्री हरिचांद ठाकुर की 215वीं जयंती पर आयोजित होने वाले महावारुणी महोत्सव का सोमवार को शुभारंभ होगा। गुरुग्राम स्थित मंदिर परिसर में धर्म ध्वज की स्थापना के साथ अधिवास अनुष्ठान संपन्न होगा।
महोत्सव शुरू होने के करीब दो सप्ताह पहले से ही मतुआ अनुयायी धर्म पताका लेकर घर-घर पहुंच रहे हैं। ढोल, मंजीरा बजाते हुए हरिबोल का जयघोष करते हुए अनुयायियों के पहुंचने पर लोग धर्म पताका की पूजा करते हैं। मंगलवार सुबह आठ बजे मधु कृष्ण त्रयोदशी की पवित्र लग्न में मंदिर परिसर स्थित कामना सागर में हजारों श्रद्धालु महा वारुणी गंगा स्नान करेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा सहित अन्य राज्यों से हजारों अनुयायियों के भाग लेने का अनुमान है।
उत्सव कमेटी अध्यक्ष जयंत मंडल ने बताया कि 17 मार्च को सुबह गंगा स्नान के बाद भंडारे का आयोजन होगा और रात को ठाकुरजी की जीवनी पर जात्रा नाटक जानोकीर फूलसज्जा का मंचन होगा। 18 मार्च को जात्रा नाटक काजोल रेखा और 19 को सोतीर ओभीशापे पागला भोला का मंचन होगा। 20 मार्च को बाउल संगीत और शांति सभा के साथ महोत्सव का समापन होगा। महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया संवारा गया है।
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बांग्लादेश से जल लाकर सरोवर में मिलाया
आयोजन समिति के अध्यक्ष जयंत मंडल ने बताया कि महावारुणी स्नान के लिए मंदिर परिसर में करीब तीन हजार वर्ग मीटर में सरोवर तैयार किया गया है। इश्री ओढ़ाकांदी धाम (बांग्लादेश) सहित सात समुद्र व देश की प्रमुख 13 नदियों से लाएं गए जल को मिलाकर उसे कामना सागर नाम दिया गया है।
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महोत्सव शुरू होने के करीब दो सप्ताह पहले से ही मतुआ अनुयायी धर्म पताका लेकर घर-घर पहुंच रहे हैं। ढोल, मंजीरा बजाते हुए हरिबोल का जयघोष करते हुए अनुयायियों के पहुंचने पर लोग धर्म पताका की पूजा करते हैं। मंगलवार सुबह आठ बजे मधु कृष्ण त्रयोदशी की पवित्र लग्न में मंदिर परिसर स्थित कामना सागर में हजारों श्रद्धालु महा वारुणी गंगा स्नान करेंगे। इसमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा सहित अन्य राज्यों से हजारों अनुयायियों के भाग लेने का अनुमान है।
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उत्सव कमेटी अध्यक्ष जयंत मंडल ने बताया कि 17 मार्च को सुबह गंगा स्नान के बाद भंडारे का आयोजन होगा और रात को ठाकुरजी की जीवनी पर जात्रा नाटक जानोकीर फूलसज्जा का मंचन होगा। 18 मार्च को जात्रा नाटक काजोल रेखा और 19 को सोतीर ओभीशापे पागला भोला का मंचन होगा। 20 मार्च को बाउल संगीत और शांति सभा के साथ महोत्सव का समापन होगा। महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया संवारा गया है।
बांग्लादेश से जल लाकर सरोवर में मिलाया
आयोजन समिति के अध्यक्ष जयंत मंडल ने बताया कि महावारुणी स्नान के लिए मंदिर परिसर में करीब तीन हजार वर्ग मीटर में सरोवर तैयार किया गया है। इश्री ओढ़ाकांदी धाम (बांग्लादेश) सहित सात समुद्र व देश की प्रमुख 13 नदियों से लाएं गए जल को मिलाकर उसे कामना सागर नाम दिया गया है।